पढ़िए, मुलायम को गुस्सा क्यों आता है?
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पूरे सूबे में मुलायम ने जान लगा दी है। सपा नेता और मंत्री रोज लताड़े जा रहे हैं तो मुलायम जनता के सामने हाथ जोड़कर बस एक बार दिल्ली भेजने की गुजारिश कर रहे है।
बरेली से लेकर वाराणसी तक और सैफई से लेकर झांसी तक, हर जगह नेताजी का अंदाज एकदम बदला हुआ नजर आ रहा है।
बुंदेलों की धरती पर समाजवादी पार्टी की पहली चुनावी महारैली में पीएम बनने का सपना देख रहे मुलायम सिंह यादव ने तो जनता के सामने हाथ जोड़ लिए थे।
मुलायम ने मोदी, मायावती, मनमोहन और लालू पर जमकर निशाना साधा था। अपनी बात खत्म करते हुए जनता के सामने हाथ जोड़े और कहा कि मैं प्रार्थना करता हूं कि हमें दिल्ली पहुंचा देना।
अलिखेश भी ले रहे क्लास
मुख्यमंत्री और सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि दर्जा प्राप्त मंत्रियों की कुछ शिकायतें मिली हैं। ज्यादातर लोग लखनऊ में रह रहे हैं, क्षेत्रों में नहीं जा रहे हैं।
मकान, दफ्तर, प्रोटोकॉल और एस्कॉर्ट के चलते विवाद तक कर रहे हैं। इन सबसे ऊपर उठने की जरूरत है। समाजवादियों के लिए लोकसभा चुनाव सबसे बेहतर मौका है।
ऐसे में कोई ऐसा काम नहीं करें जिससे उनकी पार्टी की प्रतिष्ठा पर आंच आती हो। उन्होंने कन्या विद्या धन और लैपटॉप ले लेकर मुफ्त सिंचाई और मुफ्त दवाई तक तमाम उपलब्धियां गिनाईं।
कार्यकर्ताओं और मंत्रियों को पूरी छूट
मुलायम ने अपने कार्यकर्ताओं और मंत्रियों को पूरी छूट दे रखी है। कभी कोई छोटा नेता खुले मंच से कैबिनेट मंत्री की शिकायत कर देता है, तो कभी मंत्री अफसरों की शिकायतों की झड़ी लगा देते हैं।
मुलायम ने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं की एक मीटिंग बुलाकर उनसे कहा कि यूपी में काम बहुत हुआ है, लेकिन प्रचार कम रहा है। मीडिया भी सहयोग नहीं कर रहा। ऐसे में उनकी जिम्मेदारी और बढ़ गई है। वे सरकार की योजनाएं गांव-गांव जाकर बताएं।
मुलायम ने बिजली उत्पादन को लेकर शुरू की गई पहल की भी जानकारी दी। उम्मीद जताई कि डेढ़-दो साल में शहरों में 24 घंटे, गांवों में 18 घंटे बिजली मिलने लगेगी।
रण-नीति का भी दिया उपदेश
मुलायम सिंह ने कहा कि यह लोकसभा चुनाव उनकी प्रतिष्ठा से जुड़ा है। अब यह सवाल नहीं है कि प्रत्याशी कौन है? प्रत्याशी तो दूल्हे की तरह है।
दूल्हा काला हो या गोरा, जब वह देहरी पर कदम रखता है तो उसकी आरती होती है, सभी तारीफ करते हैं। प्रत्याशी कैसा भी हो, मेरे लिए उसे जिताने में कोई कसर न छोड़ना। एक-एक सीट का बड़ा महत्व है।
जीत ही धर्म है
मुलायम ने पार्टी नेताओं को रण के समय अपनाई जाने वाली नीति का उपदेश भी दिया। उन्होंने कहा, महाभारत के युद्ध में जब नाते-रिश्तेदारों को देखकर अर्जुन ने हथियार रख दिए थे, उस समय श्रीकृष्ण ने कहा था कि जीत ही धर्म है।
अर्जुन गांडीव उठाओ और युद्ध करो, जीत की तरफ बढ़ो। उन्होंने सभी नेताओं को लोकसभा चुनाव को इसी भावना के साथ लेने के लिए कहा।
नेताजी के सामने फिर बगावत
मेरठ शहर से ताल्लुक रखने वाले जेल विभाग के सलाहकार अय्यूब अंसारी ने भरी बैठक में कैबिनेट मंत्री और मेरठ लोकसभा सीट के प्रत्याशी शाहिद मंजूर पर निशाना साधा। उन पर कई आरोप लगाए। कहा कि उनका प्रमोशन हो गया लेकिन वह चाहते हैं कि किसी और पर मंत्री का दर्जा न रहे।
ऐसा नहीं है कि मुलायम इस बगावत को हवा दे रहे हैं। यह भी उनकी सोची-समझी चाल ही है, ताकि कार्यकर्ताओं को यह लगे कि नेताजी उनकी हर बात सीधे सुन तो रहे हैं।
इसके पहले ही एक मीटिंग में कई राज्य मंत्रियों ने कैबिनेट मंत्रियों की जमकर शिकायत की थी। उसके बाद, मुलायम ने कैबिनेट के मंत्रियों को फटकार लगाते हुए सही व्यवहार करने की नसीहत भी दी थी।
तो मुलायम ने यह भी पूछ डाला
शुक्रवार को हुई एक बैठक में मुलायम सिंह ने चौधरी चरण सिंह की तरह सभी नेताओं को नैतिकता का पाठ भी पढ़ाया। परिवार के मुखिया और मास्टर की तरह उन्होंने समझाया कि राजनीतिक कार्यकर्ताओं को शराब नहीं पीनी चाहिए।
ऐसी शिकायतें आती हैं कि कुछ लोग शराब पीकर अफसरों से बात करते हैं। यह उचित नहीं है। उन्होंने दर्जा प्राप्त मंत्रियों से पूछा कि कौन-कौन शराब पीता है।
उन्होंने हाथ उठवाया तो करीब 90 लोगों में केवल एक ने हाथ उठाया। हाथ उठाने वाले ने कहा कि केवल दो पैग लेते हैं, डॉक्टर ने बता रखा है।
बाद में नेताजी ने कहा कि यदि किसी ने शराब की बुराई ओढ़ रखी है तो आज से छोड़ दें। इस पर उन्होंने फिर हाथ उठवाया तो किसी ने नहीं उठाया। इस पर सभागार में ठहाके गूंज पड़े।
भाई रामगोपाल ने की सरकार की बुराई
सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव ने भी बीते दिनों एक रैली में खुले मंच से इस बात को स्वीकार किया कि विकास के मोर्चे पर हम सफल रहे हैं लेकिन गुंडागर्दी रोकने में अभी सफलता नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि हम गुंडागर्दी रोकने में सफल रहे तो अखिलेश 55 साल सीएम रहेंगे।
रैली स्थल पर कार्यकर्ताओं को नसीहत के साथ खबरदार करते हुए कहा कि आप सभी की जिम्मेदारी है कि देखे कौन लोग हैं जो सपा का झंडा लगाकर गुंडई कर रहे हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि सत्ता के मद में जो भी गुंडई करेगा बख्शा नहीं जाएगा। यह भी देखने में आया है कि लोग अपनी कारों में कई- कई झंडे रखते हैं। यूपी में टोल प्लाजा पर सपा के झंडे लगा लेते हैं और एमपी की
सीमा में घुसते ही भाजपा का झंडा लगा लेते हैं। ऐसे लोगों को चिन्हित करें जो सरकार को बदनाम कर रहे हैं।