फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   mulayam comment on ayodhya matter

जानिए, मुलायम के बयानों का चुनावी जोड़-घटाना

Wed, 07 Aug 2013 07:14 AM IST
लखनऊ/अखिलेश वाजपेयी
लखनऊ/अखिलेश वाजपेयी Updated Wed, 07 Aug 2013 07:14 AM IST
विज्ञापन
mulayam comment on ayodhya matter

लखनऊ सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने चंद दिन पहले बयान दिया था कि उन्हें अयोध्या में कार सेवकों पर गोली चलवाने पर अफसोस है।

विज्ञापन


सियासी हलकों में इस बयान के निष्कर्ष निकाले ही जा रहे थे कि नोएडा में आईएएस दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन पर उनका बयान आ गया।

इस बार उन्होंने कहा, एसडीएम ने जिस तरह मस्जिद की दीवार गिरवाकर सांप्रदायिक तनाव पैदा कराने की कोशिश की, उसे देखते हुए अखिलेश सरकार ने दुर्गा का निलंबन करके अच्छा काम किया है।
विज्ञापन


राजनीतिक समीक्षकों से लेकर जनता के बीच एक बार फिर मुलायम की छवि पर चर्चा शुरू हो गई। लोगों को लगा कि मुलायम बदले नहीं हैं। वे किसी भी कीमत पर मुस्लिम वोट पाना चाहते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये चर्चाएं किसी निष्कर्ष पर पहुंचतीं कि मुलायम ने अब दावा कर दिया है कि अयोध्या में 6 दिसंबर को बाबरी ढांचा ढहने की जानकारी तत्कालीन राष्ट्रपति को पहले से थी।

मुलायम का ताजा बयान उनकी तरफ से कांग्रेस पर हमले के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक समीक्षकों का निष्कर्ष है कि सपा मुखिया ने यह बयान देकर कांग्रेस पर निशाना साधने और उसे कठघरे में खड़ा करने की कोशिश की है।

बकौल मुलायम, उन्होंने जब राष्ट्रपति से इस मुद्दे पर बातचीत की तो उन्हें भी चुप रहने की सलाह दी गई। साफ है कि सपा मुखिया मुसलमानों को यह समझाना चाहते हैं कि ढांचा ढहाने की असली दोषी कांग्रेस ही है।

दरअसल, राजनीति के दांवपेंच के पारखी मुलायम को इस बात का खतरा दिखने लगा है कि दुर्गा शक्ति मामले में मस्जिद की दीवार गिराने का तर्क जिस तरह तूल पकड़ता जा रहा है, उससे विधानसभा चुनाव में सपा के नजदीक आए अगड़ों व पिछड़ों के वोट का बहुत बड़ा हिस्सा अलग हो सकता है।

इसलिए उनकी कोशिश कुछ ऐसा करने की है जो दुर्गा को लेकर बने माहौल को पीछे छोड़ दे। इससे उन्हें अपनी सरकार को पाक-साफ बताने के लिए बार-बार मस्जिद की दीवार बचाने का तर्क न देना पड़े, क्योंकि सपा रणनीतिकारों को शायद मस्जिद वाले तर्क के तूल पकड़ने से हिंदू वोटों की नाराजगी का खतरा दिखाई देने लगा है।

मुस्लिम वोट की भी चिंता
मोदी के चलते उत्तर प्रदेश में जिस तरह की राजनीतिक परिस्थितियां व समीकरण बन गए हैं, वे भी मुलायम के ताजा बयान के पीछे एक वजह मानी जा रही हैं।

सपा मुखिया को शायद यह आशंका सता रही है कि मोदी को रोकने के लिए उत्तर प्रदेश का मुस्लिम वोट कांग्रेस की तरफ मुड़ सकता है। ऐसा होने पर सबसे ज्यादा नुकसान सपा को ही होगा।

इसलिए वह चाहते हैं कि कांग्रेस की छवि मुस्लिम हितैषी की न बनने पाए। उनके ताजा बयान में मुसलमानों को यह समझाने की बेकरारी साफ दिखती है कि कांग्रेस चाहती तो बाबरी ढांचा बचाया जा सकता था। वे चाहते हैं कि इस मुद्दे पर कुछ ऐसा हो, जिससे कांग्रेस को सफाई देनी पड़े।

पहले जैसी छवि से भी परहेज
हालात पर नजर दौड़ाएं, तो यह बात पूरी तरह साफ हो जाती है कि मुलायम के ये तीनों बयान उनकी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा दिखाई देते हैं।

वे इन बयानों के जरिये वोटों का संतुलन साधने की कोशिश कर रहे हैं। उनकी कोशिश मुस्लिम हितैषी छवि पर खरोंच न लगने देने की है, पर इस सावधानी के साथ कि किसी भी दशा में 1990 की तरह उन्हें हिंदू विरोधी नेता की शक्ल न दी जा सके।

मुलायम जानते हैं कि हिंदू विरोधी नेता की शक्ल उन्हें चुनाव में काफी नुकसान पहुंचा सकती है। लोकसभा चुनाव में यूपी से 60 सीटें जीतने के उनके लक्ष्य पर पानी फेर सकती है।


इसीलिए कभी वे कारसेवकों पर गोली चलाए जाने पर पश्चाताप जताते हैं तो दुर्गा शक्ति के निलंबन को मस्जिद की दीवार गिराने की सजा बताने में भी एक क्षण भी नहीं लगाते।

मस्जिद की दीवार गिराने पर सजा वाला बयान ज्यादा तूल पकड़कर उन्हें नुकसान न पहुंचा दे, इसलिए बीच में ही ढांचा गिरने की जानकारी तत्कालीन राष्ट्रपति को होने का दावा करके वे पूरा मामला कांग्रेस की तरफ धकेल देना चाहते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed