{"_id":"5bc4edc2bdec22698d6915ea","slug":"mulayam-accepted-that-recording-had-his-voice","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मुलायम ने मान लिया था कि फोन रिकार्डिंग में उनकी ही आवाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुलायम ने मान लिया था कि फोन रिकार्डिंग में उनकी ही आवाज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 16 Oct 2018 01:12 AM IST
विज्ञापन
मुलायम सिंह यादव व अमिताभ ठाकुर।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आईपीएस अमिताभ ठाकुर को फोन पर धमकी देने के मामले के विवेचक क्षेत्राधिकारी बाजारखाला अनिल कुमार यादव ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कोर्ट ने सपा संरक्षक की आवाज का नमूना लेकर फॉरेंसिक जांच का आदेश दिया था। कई बार प्रयास के बाद भी आवाज का नमूना नहीं मिल सका।
विज्ञापन
इस बीच कोर्ट के आदेश पर चार अगस्त 2018 को विवेचक मुलायम सिंह के सुशांत गोल्फ सिटी स्थित आवास पहुंचे जहां उन्होंने अमिताभ ठाकुर को फोन करने की बात स्वीकार कर ली, जिसकी वॉयस रिकॉर्डिंग है।
विज्ञापन
साथ ही कहा कि वह आवाज का नमूना नहीं देना चाहते। उन्होंने अपने बयान में कहा कि आईपीएस को धमकी नहीं दी। मेरी कोई मंशा नहीं थी कि मैं उसे धमकी दूं। मैं मात्र बडे़ होने के नाते समझा रहा था।
विज्ञापन
मेरे खिलाफ बढ़ा-चढ़ाकर आरोप लगाया जा रहा है जो गलत है। उनके इस बयान को विवेचना में शामिल कर क्षेत्राधिकारी ने पूर्व विवेचक द्वारा दाखिल अंतिम रिपोर्ट के पक्ष में सीजेएम कोर्ट को प्रेषित कर दी है। सीजेएम आनंद प्रकाश सिंह ने मामले की सुनवाई के लिए अगली तिथि 15 नवंबर 2018 तय की है।
यह था मामला
आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने वर्ष 2015 में मुलायम सिंह यादव पर फोन कॉल करके धमकाने का आरोप लगाया था। आईपीएस का कहना था कि उन्होंने तत्कालीन कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति की शिकायत की थी जिस पर मुलायम ने उन्हें फोन कर धमकाया था।
उन्होंने 10 जुलाई 2015 को हजरतगंज कोतवाली में मुलायम सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को धमकीभरी कॉल की रिकार्डिंग भी सौंपी थी। हालांकि, हजरतगंज कोतवाली के उपनिरीक्षक कृष्णानंद तिवारी ने 12 अक्तूबर 2015 में इस मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी।
अमिताभ ठाकुर की आपत्ति पर सीजेएम कोर्ट ने 20 अगस्त 2016 को फाइनल रिपोर्ट खारिज कर पुनर्विवेचना के आदेश देते हुए विवेचना क्षेत्राधिकारी कृष्णानगर को सौंप दी थी। कोर्ट ने मुलायम सिंह और अमिताभ ठाकुर की आवाज के नमूने लेकर फॉरेंसिक लैब से उसका परीक्षण कराने का आदेश भी दिया लेकिन मुलायम अपनी वॉयस सैंपलिंग के लिए तैयार नहीं हुए। इस बीच पूर्व एसएसपी दीपक कुमार ने विवेचना क्षेत्राधिकारी बाजारखाला को सौंप दी थी।
उन्होंने 10 जुलाई 2015 को हजरतगंज कोतवाली में मुलायम सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को धमकीभरी कॉल की रिकार्डिंग भी सौंपी थी। हालांकि, हजरतगंज कोतवाली के उपनिरीक्षक कृष्णानंद तिवारी ने 12 अक्तूबर 2015 में इस मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी।
अमिताभ ठाकुर की आपत्ति पर सीजेएम कोर्ट ने 20 अगस्त 2016 को फाइनल रिपोर्ट खारिज कर पुनर्विवेचना के आदेश देते हुए विवेचना क्षेत्राधिकारी कृष्णानगर को सौंप दी थी। कोर्ट ने मुलायम सिंह और अमिताभ ठाकुर की आवाज के नमूने लेकर फॉरेंसिक लैब से उसका परीक्षण कराने का आदेश भी दिया लेकिन मुलायम अपनी वॉयस सैंपलिंग के लिए तैयार नहीं हुए। इस बीच पूर्व एसएसपी दीपक कुमार ने विवेचना क्षेत्राधिकारी बाजारखाला को सौंप दी थी।