मुख्तार को एक और मामले में सजा : पांच साल में ध्वस्त हो गया 40 साल का अपराध जगत का साम्राज्य
कुल मिलाकर मुख्तार का चालीस साल से चला आ रहा साम्राज्य पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है। मुख्तार बांदा जेल में बंद है। फिलहाल वह मनी लांड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय की रिमांड पर है।
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पूर्वांचल के माफिया डान और पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी को एक और मामले में सजा सुना दी गई है। इस बार 10 साल की सजा सुनाई गई है। यह तीसरा मामला है जिसमें मुख्तार को सजा हुई है। इससे पहले लखनऊ के दो अलग अलग मामलों में न्यायालय मुख्तार को सजा सुना चुका है। आने वाले दिनों में कई और ऐसे मामले में जिनमें मुख्तार को सजा सुनाई जा सकती है। कुल मिलाकर मुख्तार का चालीस साल से चला आ रहा साम्राज्य पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है। मुख्तार बांदा जेल में बंद है। फिलहाल वह मनी लांड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय की रिमांड पर है।
एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि मुख्तार के खिलाफ प्रदेश केविभिन्न जिलों में कुल 59 मुकदमे दर्ज हैं। इसमें सबसे अधिक गाजीपुर में 23, मऊ में नौ, वाराणसी और लखनऊ में आठ-आठ मामले दर्ज हैं। इसमें लखनऊ के दो और वाराणसी के एक मामले में अब तक सजा हुई है। मौजूदा समय में मुख्तार के खिलाफ 20 मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं।
प्रशांत कुमार के मुताबिक बीते पांच सालों में प्रदेश सरकार द्वारा माफियाओं और अपराधियों के खिलाफ की गई कार्रवाई के दौरान 191 गैंग लीडर मुख्तार के साम्राज्य को गहरी चोट पहुंची है। उसके 282 गुर्गों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। 176 को गिरफ्तार किया गया। पांच की पुलिस के साथ मुठभेड़ में मौत हो गई।
167 शस्त्र लाइसेंस निरस्त किए गए, 70 लोगों की हिस्ट्रीशीट खोली गई और मुख्तार से जुड़े 40 अपराधियों को जिला बदर किया गया। इस अवधि में मुख्तार की 289 करोड़ 93 लाख रुपये की संपत्ति गैंगेस्टर एक्ट के तहत जब्त की गई जबकि 282 करोड़ 90 लाख रुपये की संपत्ति को ध्वस्त किया गया।
तीन साल में दर्ज हुए 29 केस
2019 से अब तक मुख्तार और उनके परिजनों के खिलाफ 29 मुकदमे दर्ज किए गए। इसमें मुख्तार के खिलाफ 11, मुख्तार की पत्नी अफ्शां के खिलाफ 6, बेटे अब्बास अंसारी के खिलाफ 7 और उमर के खिलाफ पांच मामले दर्ज हुए हैं। अब्बास अंसारी और उमर दोनों अलग अलग जेलों में हैं।