जेल में लगता था दरबार, ट्रांसफर पोस्टिंग के लिए आते थे अफसर, भेजा गया आगरा जेल
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विधानसभा सत्र और इलाज के नाम पर राजधानी में डेरा जमाए बाहुबली मुख्तार अंसारी पर शासन का शिकंजा कस गया है। पत्रकार पर हमले और अस्पताल में दरबार लगाने की खबरों के बाद कारागार मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया और प्रमुख सचिव गृह व कारागार देवाशीष पंडा ने उसे वापस आगरा जेल भेजने के निर्देश दिए थे।
बृहस्पतिवार सुबह करीब 11 बजे मुख्तार को कड़ी सुरक्षा के बीच लखनऊ जेल से आगरा जेल भेज दिया गया।
इस बीच बुधवार रात डीआईजी जेल दिनेश चंद्र तिवारी अचानक जिला कारागार पहुंचे और मुख्तार के उपचार से संबंधित सभी रिकॉर्ड अपने साथ ले गए।
जेल सूत्रों के मुताबिक, डीआईजी ने मुख्तार की बीमारी और उपचार के बारे में वरिष्ठ जेल अधीक्षक शशिकांत मिश्रा से जानकारी ली।
मुख्तार अंसारी के बारे में ये ली गईं जानकारियां
मुख्तार को किस बैरक में रखा गया था। जेल अस्पताल में वह कितने दिन रहा। उसके कौन-कौन से टेस्ट कराए गए। मुख्तार को किस डॉक्टर ने केजीएमयू रेफर किया था। इससे संबंधित दस्तावेज भी डीआईजी ने देखे।
डीआईजी के रात को जेल पहुंचने के अगले ही दिन मुख्तार की आगरा रवानगी का परवाना आ गया। गौरतलब है कि बीते सोमवार को जेल से एंबुलेंस में केजीएमयू जाते वक्त मुख्तार के साथ चल रहे गुर्गों ने हजरतगंज चौराहे पर एक समाचार पत्र के संवाददाता सौरभ शुक्ला पर जानलेवा हमला किया था।
सौरभ का कुसूर सिर्फ इतना था कि उसने जाम में फंसी एंबुलेंस की अपने मोबाइल से फोटो खींचने की कोशिश की। इसके बाद मुख्तार के गुर्गों ने उसे बेरहमी से पीटा और फोन छीन ले गए। सौरभ ने एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने मुख्तार के तीन गुर्गों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
मुख्तार के साथ फोटो खिंचाई, सोशल मीडिया में वायरल
पुलिस सूत्रों का कहना है कि मुख्तार लखनऊ जिला कारागार में रहकर ऐश कर रहा था। उसके आगरा जाते ही जेल प्रशासन ने राहत की सांस ली है। सूत्रों के अनुसार परिवार के सदस्य और गुर्गे दिनभर जिला कारागार में ही रहते थे। वह अपना दरबार सजाता था।
बीते दिनों मुख्तार के जन्मदिन पर जेल में मिलने वाले माफिया सरगनाओं, कारोबारियों और अधिकारियों का तांता लगा रहा। बुके देते हुए कई लोगों ने मुख्तार के साथ फोटो खिंचाई जो सोशल मीडिया में वायरल हो गई थीं।
अक्सर बड़े अधिकारी अच्छी पोस्टिंग के लिए उससे सिफारिश कराने जेल आते थे। केजीएमयू में भी मुख्तार दरबार लगाकर अपने गुर्गों के साथ व्यापारिक सौदे करता था। उसकी गतिविधियां सभी जानते थे लेकिन, आंखें मूंदे थे।
कारागार के बाहर लग्जरी कारों का जमावड़ा
बाहुबली की जेल से विदाई के वक्त भारी भीड़ उमड़ी। जिला कारागार के बाहर लग्जरी कारों का जमावड़ा लग गया। जेल से बाहर निकलते ही मुख्तार के करीबियों ने उसे घेर लिया। सुरक्षा की दृष्टि से असलहाधारी गुर्गे आसपास फैल गए।
मुख्तार को बख्तरबंद वाहन में ले जाया गया। उसके गुर्गों के लग्जरी वाहन बड़ी संख्या में काफिले के आगे-पीछे चल रहे थे। कुछ वाहन बंथरा से लौट आए जबकि अधिकतर आगरा तक गए।
जेल में बंद गुर्गों की परेशानी बढ़ी
मुख्तार के जेल से जाने के बाद पत्रकार पर हमले के आरोप में जेल में बंद उसके तीन गुर्गे रवि गुप्ता, दलपत राय और एक अन्य की परेशानी बढ़ गई है।
सूत्रों ने बताया कि मुख्तार के गुर्गे परेशान दिखे। अब तक जेल में उन्हें तमाम सुविधाएं मिल रही थीं। बैरक में नहीं रहना पड़ता था। बाहुबली के जाने के बाद गुर्गों को सामान्य बैरक में रखवा दिया गया। बृहस्पतिवार दोपहर से ही उनकी ड्यूटी भी तय कर दी गई।
मामले पर एडीजी जेल डीएस चौहान का कहना है कि मुख्तार अंसारी को कोर्ट के आदेश पर आगरा जेल से लखनऊ लाया गया था। बृहस्पतिवार को उसकी मियाद पूरी हो गई। इसलिए उसे आगरा जेल भेज दिया गया।