भगवान शंकर को पहला पैगंबर बताने वाले का होगा बायकाट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जमीयत उलेमा के मुफ्ती इलियास के भगवान शंकर को पहला पैगंबर बताने के विवादास्पद बयान पर देवबंदी उलेमा ने कड़ी नाराजगी जताई है। दारुल उलूम ने पूरी जानकारी न होने के कारण इस पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।
बुधवार को अयोध्या में विवादास्पद बयान देकर उलेमा के निशाने पर आए जमीयत उलेमा के मुफ्ती इलियास पर देवबंदी उलेमा ने जमकर भड़ास निकाली। यहां तक कि उनका बायकाट करने तक की बात कह दी।
दारुल उलूम वक्फ के वरिष्ठ उस्ताद मौलाना मुफ्ती आरिफ कासमी ने कहा कि तमाम मुसलमानों का अकीदा है और पूरी दुनिया मानती है कि दुनिया के सबसे पहले मर्द हजरत आदम हैं। जिन्होंने अल्लाह के एक होने का पैगाम दुनिया में फैलाया।
दुनिया की पहली औरत हजरत आदम की बीवी हजरत हव्वा थीं। यह दोनों मुसलमान थे और पांच सौ साल से ज्यादा तक इनकी सब औलाद अल्लाह को एक मानती रहीं। जितने मजहब हैं वे इस्लाम के बाद की पैदावार हैं।
मुफ्ती को दोबारा कलमा पढ़ने के साथ निकाह करना चाहिए
उलेमा ने कहा कि यदि कोई हजरत आदम को शंकर और हजरत हव्वा को पार्वती कहता है तो यह एक पागलपन हैं। मुफ्ती आरिफ का हमला यहीं नहीं रुका उन्होंने यह तक कह दिया कि मुफ्ती इलियास को दोबारा कलमा पढ़ने के साथ ही दोबारा निकाह करना चाहिए। यदि वे तौबा नहीं करते तो मुसलमानों को चाहिए कि वह मुफ्ती इलियास का बायकाट करें।
अरबी के विद्वान मौलाना नदीमुलवाजदी ने कहा कि जहां तक भगवान शंकर के पैगंबर होने की बात है उसे न सही कहते और न ही गलत। यह मुफ्ती इलियास की निजी राय है, लेकिन भगवान शंकर हमारे लिए काबिले इज्जत हैं।
अल जामिया तुल अनवरिया के मोहतमिम मौलाना नसीम अख्तर शाह कैसर ने कहा कि मुफ्ती इलियास ने किस नजरिये से यह बयान दिया समझ से परे है। यह मुफ्ती इलियास की निजी राय है जो सरासर गलत है।
उधर, सबसे बड़े मुस्लिम इदारे दारुल उलूम ने सही जानकारी न होने की बात कहते हुए मुफ्ती इलियास के बयान पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।