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एमएसओ, केबल ऑपरेटरों से अटकी 12 करोड़ की टैक्स वसूली
ज्ञान सक्सेना/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 07 May 2014 02:43 AM IST
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केबिल टीवी प्रसारण से जुड़े चारों प्रमुख मल्टी सिस्टम ऑपरेटर (एमएसओ) व क्षेत्रीय केबल ऑपरेटरों पर बकाया 12 करोड़ रुपए से अधिक की मनोरंजन कर राशि अब विभाग की सिरदर्दी बनने लगी है।
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मनोरंजन कर विभाग के अधिकारी इसकी वसूली के लिए अब लोकसभा चुनाव की आचार संहिता खत्म होने के इंतजार में है।
इसके लिए विभागीय स्तर पर डिफाल्टर एमएसओ व केबिल ऑपरेटरों से बकाया कर राशि वसूलने के लिए आरसी कटवाने की कवायद भी शुरू हो गई है।
केंद्रीय प्रसारण मंत्रालय ने अप्रैल 2013 में शहरी क्षेत्र में केबल टीवी प्रसारण की डिजिटलाइजेशन व्यवस्था के तहत प्रसारण में एसटीबी (सेट टॉप बॉक्स) की अनिवार्यता लागू की थी।
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एसटीबी उपलब्ध कराने को डेन से जुड़े तीन व डीजी नेटवर्क से जुड़े एक मल्टी सिस्टम ऑपरेटर (एमएसओ) को चयनित किया था।
इन्हीं एमएसओ द्वारा क्षेत्रीय स्तर पर कार्यरत केबल ऑपरेटरों के साथ मिल कर शहर में डिजिटलाइजेशन कार्य पूरा कराया गया।
एक साल बीत जाने के बाद भी अभी तक एमएसओ व क्षेत्रीय स्तर पर उपभोक्ताओं से मासिक शुल्क वसूलने वाले केबल आपरेटरों से विभाग द्वारा तय मनोरंजन कर की वसूली अटकी पड़ी है।
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एमएसओ इसके लिए वास्तविक एसटीबी कनेक्शनधारी कस्टमरों की संख्या उपलब्ध न हो पाने को कारण बता बच रहे हैं।
जिला मनोरंजन कर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि एसटीबी कस्टमरों की वास्तविक संख्या के बिना मनोरंजन कर की राशि का निर्धारण व वसूली में दिक्कत आ रही है।
इस बाबत जारी नोटिस के बाद भी एमएसओ व केबल ऑपरेटरों द्वारा न चेते जाने पर विभाग ने बीते मार्च में शहर में अनुमानित 3.25 लाख एसटीबी कस्टमरों की संख्या के आधार पर प्रति कनेक्शन मनोरंजन कर की मई 2013 से बकाया राशि की गणना कर टैक्स वसूली का नोटिस फिर से जारी किया।
इसके साथ ही विभाग ने इसकी अदायगी तय मियाद में न कराने पर आरसी जारी कराने की चेतावनी दी थी।
प्रसारण मंत्रालय ने सेट टॉप प्रसारण के लिए क्षेत्रीय स्तर पर संचालित केबल ऑपरेटरों के लिए प्रति कनेक्शन 61.80 रुपया देय शुल्क एमएसओ को देने के लिए निर्धारित किया था।
इसी राशि में से एमएसओ को 25 फीसदी की दर से मनोरंजन कर का भुगतान करना था।
क्षेत्रीय स्तर पर केबल ऑपरेटर द्वारा उपभोक्ताओं से प्रति कनेक्शन वसूली जाने वाली 150 रुपया शुल्क में से एमएसओ को देय 61.80 घटा कर बची राशि पर 25 फीसदी की तय दर से मनोरंजन कर की अदायगी करनी थी।
गणना के तहत 3.25 लाख एसटीबी कस्टमरों से मई माह से हर माह 150 रुपया शुल्क राशि का 25 फीसदी करीब 12 करोड़ मनोरंजन कर राशि के बतौर बकाया निकला है।
विभागीय सूत्र बताते हैं कि एक मार्च 2014 से लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू हो जाने के बाद बकाया मनोरंजन कर की रिकवरी को फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था।
अब जल्द ही जिला प्रशासन की तरफ से एडीएम वित्त व राजस्व के माध्यम से मनोरंजन कर के इन बकायेदारों के खिलाफ आरसी जारी कराए जाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।