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रक्षा उद्योग में हासिल होगा स्वदेशीकरण का लक्ष्य, भारतीय नौसेना और यूपीडा के बीच हुआ एमओयू
Fri, 14 Aug 2020 11:30 AM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Fri, 14 Aug 2020 11:30 AM IST
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सीएम योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
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रक्षा उत्पाद के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने में यूपी की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। जल्द ही रक्षा उद्योग में स्वदेशीकरण का लक्ष्य हासिल किया जाएगा। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने आवास पर भारतीय नौसेना की नेवल इनोवेशन एंड इंडीजनाइजेशन आर्गनाइजेशन और उप्र एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के बीच एमओयू कार्यक्रम के दौरान कही। इस एमओयू से भारतीय नौसेना भी डिफेंस कॉरिडोर में अपनी इकाई स्थापित करने के लिए आगे बढ़ सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा डिफेंस एक्सपो के बाद यूपी में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर के लिए यह एमओयू काफी महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही एनआईआईओ का शुभारंभ भी हो रहा है। इसकी स्थापना से नौसेना में इनोवेशन के साथ-साथ स्वदेशीकरण को भी बढ़ावा मिलेगा।
साथ ही कहा कि हाल ही केंद्र सरकार ने हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर, मालवाहक विमान, पारंपरिक पनडुब्बियां, तोपें, क्रूज मिसाइलें समेत रक्षा से संबंधित 101 सामानों के विदेशों से आयात करने पर पाबंदी लगा दी है। ये सामान अब मेक इन इंडिया के तर्ज पर भारत में ही बनेंगे। केंद्र के इस निर्णय से अगले कुछ वर्षों में घरेलू रक्षा निर्माण इकाइयों को लगभग 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक के कार्य मिलेंगे। इससे स्वदेशीकरण के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।
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मुख्यमंत्री ने कहा डिफेंस एक्सपो के बाद यूपी में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर के लिए यह एमओयू काफी महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही एनआईआईओ का शुभारंभ भी हो रहा है। इसकी स्थापना से नौसेना में इनोवेशन के साथ-साथ स्वदेशीकरण को भी बढ़ावा मिलेगा।
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साथ ही कहा कि हाल ही केंद्र सरकार ने हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर, मालवाहक विमान, पारंपरिक पनडुब्बियां, तोपें, क्रूज मिसाइलें समेत रक्षा से संबंधित 101 सामानों के विदेशों से आयात करने पर पाबंदी लगा दी है। ये सामान अब मेक इन इंडिया के तर्ज पर भारत में ही बनेंगे। केंद्र के इस निर्णय से अगले कुछ वर्षों में घरेलू रक्षा निर्माण इकाइयों को लगभग 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक के कार्य मिलेंगे। इससे स्वदेशीकरण के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।
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रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा भारत
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह
- फोटो : अमर उजाला
योगी ने कहा कि प्रदेश में डिफेंस कॉरिडोर की स्थापना छह जिलों के 5,072 हेक्टेयर क्षेत्रफल में की जा रही है। इसका सर्वाधिक लाभ बुंदेलखंड को होगा। अलीगढ़, कानपुर, झांसी, चित्रकूट में 1290 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है। अलीगढ़ नोड में अधिग्रहीत समस्त भूमि निवेशकों को आवंटित की जा चुकी है।
इससे झांसी और चित्रकूट की तस्वीर बदल जाएगी। एमओयू पर यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अवनीश कुमार अवस्थी ने हस्ताक्षर किए। इसके अलावा, भारतीय नौसेना द्वारा रक्षा शक्ति यूनिवर्सिटी, गुजरात, मेकर विलेज, कोच्चि तथा एसआईडीएम, नई दिल्ली के साथ भी एमओयू किया गया। कार्यक्रम के दौरान भारतीय नौसेना की पुस्तक ‘स्वावलंबन’ का विमोचन भी किया गया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, घरेलू रक्षा विनिर्माण क्षेत्र से जुड़ी औद्योगिक इकाइयों के प्रोत्साहन के तहत नौसेना व यूपी सरकार के बीच हुआ एमओयू मील का पत्थर साबित होगा। रक्षा उपकरणों का निर्माण घरेलू स्तर पर होने से देश रक्षा क्षेत्र में भी जल्द आत्मनिर्भर बनेगा।
इससे झांसी और चित्रकूट की तस्वीर बदल जाएगी। एमओयू पर यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अवनीश कुमार अवस्थी ने हस्ताक्षर किए। इसके अलावा, भारतीय नौसेना द्वारा रक्षा शक्ति यूनिवर्सिटी, गुजरात, मेकर विलेज, कोच्चि तथा एसआईडीएम, नई दिल्ली के साथ भी एमओयू किया गया। कार्यक्रम के दौरान भारतीय नौसेना की पुस्तक ‘स्वावलंबन’ का विमोचन भी किया गया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, घरेलू रक्षा विनिर्माण क्षेत्र से जुड़ी औद्योगिक इकाइयों के प्रोत्साहन के तहत नौसेना व यूपी सरकार के बीच हुआ एमओयू मील का पत्थर साबित होगा। रक्षा उपकरणों का निर्माण घरेलू स्तर पर होने से देश रक्षा क्षेत्र में भी जल्द आत्मनिर्भर बनेगा।