एक मां ने सुपारी देकर करा दी अपने ही बेटे की हत्या
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बहराइच के नानपारा में हुए एक हत्याकांड में पुलिस ने जो खुलासा किया है, वो रोंगटे खड़े करने वाला है। मां ने अपने बड़े बेटे के सहयोग से छोटे बेटे की हत्या करवाई है। डेढ़ लाख पर सुपारी तय हुई।
उसका एडवांस बड़े बेटे ने मां के खाते से पैसा निकालकर किया। इतना ही नहीं, हत्या के बाद रातभर शव को घर में चारपाई के नीचे रखा गया। सुबह लाश नानपारा के नीलकोठी गांव के निकट फेंकी गई। पुलिस ने इस मामले में मृतक पप्पू की मां और भाई समेत सुपारी लेने वाले दोनों युवकों को भी दबोच लिया है।
कोतवाली नानपारा क्षेत्र अंतर्गत नीलकोठी गांव के पास मंगलवार सुबह एक युवक का शव पड़ा मिला था। उसकी गला दबाकर हत्या की गई थी। लाश की पहचान नवाबगंज के जमुनहा नौबस्ता निवासी पप्पू उर्फ हनीफ खां (25) पुत्र जिब्राइल के रूप में हुई थी।
उस दिन मृतक के बड़े भाई मकबूल ने सोमवार रात भाई के नानपारा के लिए अकेले निकलने की बात बताई थी। लाश मिलने के बाद परिवार के हाव-भाव व व्यवहार से पुलिस को शक हुआ तो मकबूल के मोबाइल को सर्विलांस पर लगाया गया।
पुलिस ने की सख्ती तो टूटे अपराधी
सर्विलांस के द्वारा पता चला कि परिवार के लोग हत्या में शामिल हैं। इस पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू किया।
प्रभारी निरीक्षक एके सिंह ने बताया कि हत्या में शामिल रुपईडीहा के आंबा पोखर निवासी महमूद कंछा व हुसैन अली को रात में सर्विलांस की रिपोर्ट के आधार पर दबोचा गया। इन दोनों ने पप्पू के हत्या की बात स्वीकार की।
यह भी बताया कि हत्या के लिए डेढ़ लाख की सुपारी दी गई थी। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि पकड़े गए दोनों आरोपियों की निशानदेही पर रविवार सुबह एसआई आरके शुक्ला ने टीम के साथ नवाबगंज स्थित मकबूल के आवास पर छापेमारी की तो वहां ताला लगा मिला। इस पर रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर दबिश दी गई।
रेलवे स्टेशन से मकबूल और उसकी मां सायरा बेगम को पकड़ा गया। पहले तो दोनों हत्या के मामले में अंजान बने रहे लेकिन बाद में टूट गए।
प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि मकबूल ने खुलासा किया है कि वह और उसकी मां सायरा ने पप्पू की हत्या के लिए डेढ़ लाख की सुपारी दी थी। मकबूल ने बताया कि मुंबई से लौटने के बाद अक्सर पप्पू मां को पीटता था।
जमीन, जायदाद में हिस्सा भी मांग रहा था, जबकि मां बंटवारा करने के पक्ष में नहीं थी। इतना ही नहीं पप्पू ने मनमाने तरीके से शादी तय कर ली थी, जिससे परिवार नाखुश था। उसी के चलते उसे परिवार से हटाने की साजिश रची गई थी।