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खुले में घूम रहे 210 संदिग्ध मरीज, ... खतरा बढ़ा, स्वास्थ्य विभाग ने प्रशासन का मांगा सहयोग 

Fri, 31 Jul 2020 02:05 PM IST
ishwar ashish हिमांशु अवस्थी , अमर उजाला, लखनऊ
हिमांशु अवस्थी , अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Fri, 31 Jul 2020 02:05 PM IST
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More than two hundred suspicious patients are roaming free
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
लखनऊ में कोरोना मरीजों के सीधे संपर्क में आए दो सौ से अधिक संदिग्ध रोगी नहीं मिल रहे हैं। किसी का मोबाइल नंबर बंद जा रहा है तो किसी ने गलत नंबर दे दिया है। इन संदिग्धों की कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग नहीं हो पा रही है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने पुलिस व प्रशासन का सहयोग मांगा है। 
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शहर में बीते डेढ़ हफ्ते में कोरोना पॉजिटिव रोगियों के सीधे संपर्क में रहे संदिग्ध स्वास्थ्य विभाग को ढूंढे नहीं मिल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के मुताबिक, करीब 210 ऐसे संदिग्धों की सूची बनाई गई है। जो कोरोना संक्रमित मरीजों के सीधे संपर्क में थे। सीएमओ डॉ. आरपी सिंह के मुताबिक, कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग में जो भी संदिग्ध नहीं मिले हैं। उन्हें तलाशने के लिए पुलिस व प्रशासन को पत्र भेजा गया है। संदिग्धों को तलाश लिया जाएगा।
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सर्विलांस से ट्रैक करके होगी ट्रेसिंग
210 रोगियों को खोजने में नाकाम हुए स्वास्थ्य विभाग ने पुलिस को इसकी सूचना भेज दी है। इन लोगों के नंबर सर्विलांस के जरिए ट्रैक किए जाएंगे। सर्विलांस में लोकेशन मिलने पर उनके घर पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। अफसरों का कहना है कि 210 संदिग्धों के नंबर सर्विलांस पर लगा दिए गए हैं। इन्हें ट्रैक किया जा रहा है।
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15 से अधिक कोरोना पॉजिटिव लापता

मार्च से लेकर जुलाई तक करीब 15 से अधिक कोरोना पॉजिटिव आने के बाद लापता हो गए हैं। इन्हें स्वास्थ्य विभाग व पुलिस नहीं तलाश पाई। इसकी वजह यह है कि यह संक्रमित मरीजों ने जांच के दौरान नाम, पता व मोबाइल नंबर फर्जी दर्ज कराया था। ऐसे में इन छिपे रोगियों ने समुदाय में घूमकर संक्रमण की नई चेन बनाई है। वहीं, कई प्रवासी भी गलत नंबर डलवाकर गायब हो चुके थे। तत्कालीन सीएमओ ने इसकी सूचना प्रशासन व पुलिस को भेजी थी। 

अब जांच के लिए आईडी प्रूफ जरूरी होगा
स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कि अब मरीजों की आईटीपीसीआर जांच के लिए उन्हें अपना आईडी प्रूफ देना होगा। बिना जांच आईडी प्रूफ के जांच नहीं कराई जाएगी। इसे लेकर बीते दिनों ने डीएम ने आदेश जारी किया है। आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, निर्वाचन आयोग कार्ड समेत अन्य साक्ष्य देने पर जांच होगी। वहीं, एंटीजेन जांच के लिए कोई भी आईडी प्रूफ की जरूरत नहीं होगी। 

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