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UP: हर साल काट डाले जाते हैं 44 लाख जानवर

Fri, 27 Mar 2015 12:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 27 Mar 2015 12:34 AM IST
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More than 44 lakh animals get killed in UP.

प्रदेश में प्रतिवर्ष 44 लाख से अधिक पशु काटे जाते हैं। इनमें 37 लाख से अधिक पशु तो सिर्फ विदेशों को मांस निर्यात करने के लिए काटे जाते हैं।

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उत्तर प्रदेश में इतने बड़े पैमाने पर पशुओं की कटाई होने के बावजूद वधशालाओं को पशुओं की आपूर्ति के लिए अभी तक कोई नियमावली नहीं बन पाई है।

वधशालाएं ठेकेदारों के जरिये पशुओं की खरीद करती हैं। यह सारी जानकारी खुद सरकार ने दी है।

विधान परिषद में बृहस्पतिवार को भाजपा के हृदयनारायण दीक्षित के सवाल पर सरकार की तरफ से लिखित उत्तर में यह जानकारी दी गई।

पशुधन मंत्री राजकिशोर ने बताया कि निर्यात के मानकों के अनुसार बनी पशुवधशालाओं में प्रतिवर्ष औसतन 37 लाख 05 हजार 661 पशु काटे जाते हैं।

हर साल कटते हैं 7 लाख से ज्यादा जानवर

More than 44 lakh animals get killed in UP.

इसके अलावा जिला पंचायतों की पशुवधशालाओं में प्रतिवर्ष 34 हजार 536 पशु कटते हैं। स्थानीय निकाय व नगर पालिका परिषदों की वधशालाओं में प्रतिवर्ष 7 लाख 31 हजार 953 पशु कटते हैं।

पशुधन मंत्री की तरफ से अलग-अलग बताए गए आंकड़ों का जोड़ 44 लाख 72 हजार 150 होता है।

पशुवधशालाओं के डॉक्टरों पर ही जांच का जिम्मा: प्रत्येक निजी पशुवधशाला में उनके द्वारा तैनात पशु चिकित्सकों द्वारा निरीक्षण/ एंटीमार्टम किया जाता है।

साथ ही पशु के दुधारू न होने का प्रमाण पत्र भी दिया जाता है। एंटीमार्टम में से पशुधन विकास विभाग द्वारा नामित पशु चिकित्साधिकारी रैंडम निरीक्षण करता है।

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