फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   more than 25 thousand power of attorneys were done in Gautam Budh Nagar and Ghaziabad in three months In UP

UP: तीन महीनों में इन दो जिलों में हुईं 25 हजार से ज्यादा पॉवर ऑफ अटॉर्नी, शासन ने लगाया पंजीकरण पर प्रतिबंध

Sat, 07 Jan 2023 09:37 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: आकाश दुबे Updated Sat, 07 Jan 2023 09:37 PM IST
सार

प्रमुख सचिव स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन वीना कुमारी मीणा ने शासनादेश जारी किया है। साथ ही विशेष जांच दल का गठन भी किया गया है जो यह देखेगा कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में पॉवर ऑफ अटॉर्नी होने का क्या राज है?

विज्ञापन
more than 25 thousand power of attorneys were done in Gautam Budh Nagar and Ghaziabad in three months In UP
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर में पिछले तीन महीने महीने में बेतहाशा ढंग से हुए पॉवर ऑफ अटॉर्नी यानी मुख्तारनामों के पंजीकरण को देखते हुए शासन ने इन दोनों जिलों में मुख्तारनामों के रजिस्ट्रेशन पर रोक लगा दी है। इस बाबत प्रमुख सचिव स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन वीना कुमारी मीणा ने शासनादेश जारी किया है। साथ ही विशेष जांच दल का गठन भी किया गया है जो यह देखेगा कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में पॉवर ऑफ अटॉर्नी होने का क्या राज है। कहीं इसके पीछे कोई गिरोह तो काम नहीं कर रहा।

विज्ञापन

स्टांप एवं पंजीयन राज्यमंत्री(स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल ने बताया कि गाजियाबाद एवं गौतमबुद्धनगर में अचानक पॉवर ऑफ अटॉर्नी कराने की बाढ़ आई। पिछले तीन महीने में 25000 से ज्यादा लोगों ने पॉवर ऑफ अटॉर्नी कराईं। हैरत की बात यह रही है कि इसमें दूसरे राज्यों के लोग भी शामिल हैं। पॉवर ऑफ अटॉर्नी कराना कोई गैरकानूनी नहीं है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में मुख्तारनामा कराने और संपत्ति हस्तांतरण का प्रयास करना संदेह के दायरे में आता है।

यही कारण है कि एसआईटी का गठन करते हुए यहां मुख्तारनामों के पंजीकरण पर रोक लगाई है। जांच रिपोर्ट आने तक यह रोक जारी रखी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने भी एक विशेष अनुमति याचिका की सुनवाई में यह कहा है कि पॉवर ऑफ अटॉर्नी से किसी अचल संपत्ति का स्वामित्व नहीं बनता है इसका इस्तेमाल हस्तांतरण विलेख के रूप में नहीं किया जा सकता। 

विज्ञापन
विज्ञापन

यमुना डूब क्षेत्र में बैनामे पर प्रतिबंध लगना माना जा रहा कारण 
यमुना नदी के डूब क्षेत्र में जिला प्रशासन ने संपत्ति के क्रय विक्रय पर रोक लगाई है । खासतौर से यहां जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो रही है। स्टाम्प मंत्री के मुताबिक एनजीटी के आदेश पर यह हुआ है। एनजीटी ने स्पष्ट किया है कि यमुना तटवर्ती क्षेत्र खासतौर से डूब क्षेत्र में भवन निर्माण आदि कई नहीं होने चाहिए। इसका तोड़ कुछ लोगों ने पॉवर ऑफ अटॉर्नी के रूप में निकाला और मालिकाना हक इस नए तरीके से एक दूसरे को ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। हालांकि इससे मालिकाना हक दूसरे को नहीं चला जाता है लेकिन यहां रजिस्ट्री नहीं हो रही है वहां लोगों ने इसे ही हथियार बनाया है। ऐसे में इस पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed