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Corona in Lucknow: लखनऊ में तेज हुआ कोरोना का संक्रमण, चार माह बाद 100 के पार
Tue, 21 Jun 2022 01:41 PM IST
ishwar ashish
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 21 Jun 2022 01:41 PM IST
सार
लखनऊ में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। चार महीने बाद सौ से ज्यादा मरीज पाए गए हैं। खास बात है कि इस बार 60 फीसदी बिना लक्षण वाले मरीज हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Social Media
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विस्तार
लखनऊ में कोरोना संक्रमण अब तेजी पर आ गया है। सोमवार को करीब चार माह बाद कोरोना संक्रमित मिलने का आंकड़ा 100 के पार पहुंच गया। 132 लोगों में वायरस की पुष्टि हुई। इनमें से 60 फीसदी बिना लक्षण वाले मरीज हैं। सिर्फ 40 फीसदी मरीजों में सर्दी-जुकाम, बुखार और पेट खराब होने के लक्षण हैं। अब राजधानी में कुल सक्रिय केस 607 हो गए हैं। इनमें से 18 अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि अन्य होम आइसोलेशन में हैं।
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सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल ने बताया कि बाहर से आने वालों की जीनोम सीक्वेंसिंग कराई जा रही है। मई तक के मामलों की रिपोर्ट आ चुकी है। इसमें किसी नए वैरिएंट की पुष्टि नहीं हुई है। अब जून की रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट के आधार पर ही पता चलेगा कि आखिर संक्रमण के नए मामले बढ़ने की असली वजह क्या है।
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सोमवार को मिले नए मामलों में से सबसे ज्यादा अलीगंज में 25 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वहीं, चिनहट में 22, आलमबाग में 18, सिल्वर जुबली में 16, कैसरबाग में 13, रेडक्रॉस में 10 और इंदिरानगर में पांच लोग संक्रमित मिले हैं। लोगों को एहतियात बरतना होगा। भीड़-भाड़ में निकलने से बचने के साथ मॉस्क व कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना होगा।
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मॉक ड्रिल से परखी जा रही भर्ती की स्थिति
कोरोना संक्रमित मरीजों को भर्ती करने के लिए इस समय विभिन्न अस्पतालों में मॉक ड्रिल की जा रही है। इसका मकसद मरीज की भर्ती में लगने वाले समय को कम से कम करना है। इसके साथ ही जिन अस्पतालों में मरीज पहले से भर्ती हैं, उनको दूसरी जगह रेफर करने के बजाय वहीं पर अलग वार्ड में इलाज करने के निर्देश दिए गए हैं।
सौ से अधिक वेंटिलेटर व आईसीयू बेड का दावा
स्वास्थ्य विभाग ने कोविड के बढ़ते मामलों को देखते हुए वेंटिलेटर और आईसीयू बेड रिजर्व रखने की बात कही है। दावा है कि इस समय सरकारी अस्पतालों में ही 100 से अधिक वेंटिलेटर और आईसीयू बेड तैयार हैं। कोरोना की तीसरी लहर के लिए जिन अस्पतालों को कोरोना मरीजों के लिए चिह्नित किया गया था उनमें पर्याप्त संसाधन हैं। अभी भी उनको कोविड के लिए रिजर्व रखा गया है। इसलिए चिंता की कोई बात नहीं है।