'लाख दो लाख चढ़ाओ, मनमाना तबादला कराओ'
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शिक्षक दल ने माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड द्वारा शिक्षकों का चयन व नियुक्तियां भौगोलिक व क्षेत्रीय आधार पर न करने से शिक्षा विभाग में लूटपाट मची होने का मामला उठाया।
जगवीर किशोर जैन ने कार्यस्थगन सूचना के जरिये यह मामला उठाया। ओमप्रकाश शर्मा ने सूचना की ग्राह्यता पर तर्क रखे। कहा कि पूर्व में बलिया से मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, सहारनपुर जैसे पश्चिमी जिलों में शिक्षकों की नियुक्तियां करने से भ्रष्टाचार पनप रहा है।
चयनित होने वाले शिक्षक जॉइन करने के साथ ही पढ़ाने के बजाय घर के नजदीक जाने की जुगाड़ में जुट जाते हैं। इसकी आड़ में लूट-खसोट होती है। किसी को एक लाख तो किसी को दो लाख चढ़ावा चढाना पड़ता है। प्रबंधक भी अनापत्ति प्रमाण पत्र देने के नाम पर लाखों रूपये की मांग करते हैं।
अच्छा होगा कि शिक्षकों की नियुक्तियां भौगोलिक व क्षेत्रीय परिस्थिति को ध्यान में रखकर किया जाए। जिससे चयनित शिक्षक ट्रांसफर कराने के लिए जुगाड़ फिट करने के बजाय पढ़ाने में जुटे।
बनाते हैं ऐसे-ऐसे बहाने
जैन ने कहा कि किसी का बाप बीमार हो जाता है तो किसी की मां की मृत्यु माध्यमिक शिक्षा मंत्री ने कहा कि जब तक नौकरी नहीं मिलती है। तब तक तो नौकरी के लिए चिंता रहती है। पर, नौकरी मिलते ही किसी के बाप बीमार हो जाते हैं तो किसी की मां की मृत्यु हो जाती है।
नौकरी जॉइन करने के अगले ही दिन तबादले का प्रार्थना पत्र लेकर लोग टहलना शुरू कर देते हैं। यह ठीक नहीं है। जहां तक लूट-खसोट की बात है तो यह आरोप बेबुनियाद है।
पर, आजकल दूसरों पर इल्जाम लगाना सबसे आसान काम है। फिर भी इस समस्या का कोई रास्ता निकालेंगे।