फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Money for sanskrit college.

सरकारी कॉलेजों जैसा होगा संस्कृत शिक्षकों का वेतन

Mon, 03 Aug 2015 01:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 03 Aug 2015 01:56 AM IST
विज्ञापन
Money for sanskrit college.

राज्य सरकार भले ही मान्यता प्राप्त 246 संस्कृत कॉलेजों को अनुदान सूची पर लेना चाहती हो, मगर मानक पर सिर्फ 77 कॉलेज ही खरे उतर रहे हैं। इसलिए पहले चरण में इन कॉलेजों को ही अनुदान सूची पर लेने के लिए मंगलवार को कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव रखे जाने की तैयारी है।

विज्ञापन


कैबिनेट से मंजूरी मिलते ही इनको अनुदान सूची पर लेने संबंधी आदेश जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद इन कॉलेजों के शिक्षकों व कर्मचारियों को सरकारी कॉलेजों के बराबर वेतनमान मिलने लगेगा।
विज्ञापन


सूबे में मान्यता प्राप्त संस्कृत कॉलेजों को अनुदान की कवायद वर्ष 2007 से लेने की चल रही है। तत्कालीन मुलायम सरकार ने संस्कृत कॉलेजों को अनुदान पर लेने का निर्णय किया था, लेकिन सत्ता बदलने के बाद माया सरकार ने अनुदान के लिए शर्तों में बदलाव कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


इससे निजी क्षेत्र के मान्यता प्राप्त कॉलेजों को अनुदान पर नहीं लिया जा सका। प्रदेश में अखिलेश सरकार के सत्ता में आते ही एक बार फिर निजी संस्कृत कॉलेजों को अनुदान सूची पर लेने की कवायद शुरू हुई।

बदले गए थे मानक

Money for sanskrit college.

अखिलेश सरकार ने 5 फरवरी 2014 को 246 संस्कृत कॉलेजों को अनुदान सूची पर लेने का निर्णय किया था। इसके लिए कॉलेजों में 100 छात्रों की अनिवार्यता को खत्म कर 50 छात्र कर दिया।

प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा जितेंद्र कुमार ने माध्यमिक शिक्षा निदेशालय से इन कॉलेजों की सत्यापन रिपोर्ट मांगी थी। निदेशालय ने शासन को जो रिपोर्ट दी उसमें सिर्फ 71 कॉलेज ही मानक पर खरे पाए गए।

153 कॉलेज ऐसे हैं जो मानक पूरा नहीं करते तथा 32 कॉलेजों में भारी कमियां पाई गईं। शासन को इसके आधार पर प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन 77 कॉलेजों को अंतिम रूप से पहले चरण में अनुदान सूची पर लेने के लिए कैबिनेट से प्रस्ताव मंजूर कराने की तैयारी है।

वहीं, अन्य कॉलेजों को कमियां दूर करने का मौका दिया जाएगा और जब यह दूर हो जाएंगी, तो इन्हें अनुदान सूची में लेने के लिए नए सिरे से शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed