300 करोड़ में होगा लखनऊ का कायाकल्प, योजना तैयार
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300 करोड़ रुपये शहर के ढांचागत विकास को सुधारा जाएगा। जिसके तहत सड़कों का निर्माण नवीनीकरण, मार्ग प्रकाश, नालों की सफाई, नए शौचालय का निर्माण, शहर की सफाई व्यवस्था को सुधारा जाएगा।
हालांकि इस बार सड़कों के निर्माण में पिछले साल के सापेक्ष 23 करोड़ रुपये बजट आवंटित किया गया है। इस वर्ष सड़क मद में 98 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे।
जबकि इस वर्ष इस मद में 75 करोड़ रुपये ही व्यय किए जाएंगे। सदन ने वित्तीय वर्ष 2015-16 के मूल बजट 1665.05 करोड़ रुपये को पारित कर दिया।
लगभग 3 अरब रुपये से शहर में विकास कार्य होंगे। बजट में इस वर्ष गृहकर के मद में 1.90 अरब का प्रावधान किया गया है। पिछले वित्तीय वर्ष में यह धनराशि 1.80 अरब रुपये निर्धारित की गई।
जानें, कहां, कितना खर्च होगा
मद--खर्च
सफाई--110 करोड़
नालों की सफाई--4 करोड़
नए निर्माण कार्य/ शौचालय--1 करोड़
/मूत्रालय एवं कूड़ाघर
मरम्मत व अनुरक्षण--1.50
यूजर चार्जेज--10 करोड़
चिकित्सा, सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं पशु चिकित्सा संबधी परिव्यय
मद--खर्च
डिस्पेंसरी अधिष्ठान--1 करोड़
सामान का क्रय व चिकित्सा--2
प्रतिपूर्ति
संविदा सहित सफाई कार्य (ठेका)--35 करोड़
टीका लगाना--1.50
सार्वजनिक सुविधा व सुरक्षा
मद--खर्च
मार्ग प्रकाश--7 करोड़
बिजली सामान--5 करोड़
नए निर्माण कार्य--6 करोड़
मरम्मत--5 करोड़
अस्थाई प्रकाश व्यवस्था--1 करोड़
हैंडपंप स्थापना व अनुरक्षण--1.50
शहरी निर्धनों के विकास--2
कल्याण मंडप--90 लाख
शमशान घाट व कब्रिस्तान--10 लाख
सार्वजनिक निर्माण कार्य खर्च
मद--खर्च
मार्ग व सड़क
नए निर्माण कार्य--5 करोड़
मरम्मत व नवीनीकरण--70 करोड़
यातायात सुरक्षा--5 करोड़
रोड कटिंग--12 करोड़
नाला मद--50 लाख
कहां से होगी आय
आय--वर्ष
सामान्य कर(गृहकर) --1.90 अरब
विज्ञापनों पर कर--8 करोड़
कल्याण मंडप किराया--2 करोड़
वाहनों व अन्य गाड़ियों पर कर--1 करोड़
पार्किंग ठेकों से आय--6 करोड़
यूजर चार्जेज--10 करोड़
जल संभरण, जल निस्तारण, ड्रेनेज--1 करोड़
व स्वच्छता का प्रबंध
जलापूर्ति व्यवस्था खर्च होंगे 201.19 करोड़
पिछले वर्ष के सापेक्ष 41 करोड़ रुपये अधिक का प्रावधान
शहर की जलापूर्ति को सुधारने के लिए नए वित्तीय वर्ष 2015-16 में 201.19 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मौजूदा वित्तीय वर्ष 2014-15 में 160.19 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए थे।
यानी जलकल विभाग इस वर्ष जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार के लिए 41 करोड़ रुपये अधिक खर्च करेगा। दिसंबर 14 तक शहर की जलापूर्ति पर जलकल विभाग सिर्फ 65.39 करोड़ की खर्च कर पाया है। वहीं, जलकर 85.94 करोड़ का वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जो पिछले वित्त वर्ष में 80.88 करोड़ रुपये था।
कहां से आएगा पैसा
मद--खर्च
जलकर--85.94 करोड़
जलमूल्य--17.25 करोड़
सीवर कर--12.45 करोड़
विकास शुल्क--2.50 करोड़
अन्य--5 करोड़
नलकूप और रिबोरिंग के लिए 2.5 करोड़
नए वित्तीय वर्ष में पानी के संकट दूर करने के लिए जलकल विभाग 2.5 करोड़ रुपये खर्च कर नलकूप व मिनी नलकूप व बोरिंग करेगा। इसके तहत 7 नए नलकूप और खराब हो चुके नलकूपों की रीबोरिंग शामिल है।
75 लाख से 50 नए हैंडपंप
जलापूर्ति व्यवस्था को सुचारू रखने व आकस्मिक परिस्थितियों का सामना करने के लिए जलकल विभाग इस वर्ष 50 नए हैंडपंप लगाएगा। वहीं, 100 हैंडपंपों को रिबोर किया जाएगा। इसके लिए बजट में 75 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।
60 लाख से नई वॉटर लाइनें बिछेंगी
नए क्षेत्रों की जलापूर्ति जलकल विभाग को हस्तांतरित हो जाने के कारण बजट 2015-16 में इन क्षेत्रों में नई वॉटरलाइनों के बिछाए जाने का प्रस्ताव है। नई वॉटरलाइनों को बिछाने के लिए 60 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं।
55 लाख से सीवर लाइनें बिछाई जाएंगी
शहर में 55 लाख रुपये की धनराशि नई सीवर लाइनों को बिछाया जाएगा। पिछले साल सीवर लाइन बिछाने के लिए 75 लाख का बजट निर्धारित किया गया था। मगर, दिसंबर 14 तक जलकल विभाग मात्र 12.13 लाख रुपये इस मद में खर्च कर पाया।
1.70 करोड़ से खरीदे जाएंगे पंपिंग सेट
शहर के दिन प्रतिदिन नीचे गिरते जलस्तर के मद्देनजर 1.30 करोड़ रुपये से नए पंपसेटों को खरीदा जाएगा। इसी तरह 12 सीवेज व 15 जोनल पंपिंग स्टेशनों जो कि काफी पुराने हो चुके हैं। इनको प्रतिस्थापित करने के लिए वर्ष 40 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। ताकि जलापूर्ति व्यवस्था को सुचारु रखा जा सके।
500 वर्ग फीट में 550 रुपये व 1000 वर्ग फीट में 1050 लेकर अवैध पानी कनेक्शन होंगे वैध बजट में शहर में निमभन आय वर्ग एवं मलिन बस्तियों में अवैध जल संयोजन को नियमित करने के लिए सरलीकृत योजना के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इसके तहत 500 वर्ग फिट के प्लाट पर निर्मित भवनों में रहने वाले लोगों के लिए एकमुश्त 550 रुपये खर्च कर कनेक्शन नियमित किया जाएगा।
इसी प्रकार 1000 वर्ग फिट के भवनों में रहने वाले लोगों का कनेक्शन 1050 रुपये नियमितीकरण शुल्क जमा कर कनेक्शन वैध किया जाएगा। यह योजना एलडीए, आवास विकास एवं विकसित कॉलोनियों में मान्य नहीं होगी। ऐसी कॉलोनियों में नियमितीकरण की कार्रवाई जलकल विभाग में लागू टैरिफ के अंतर्गत की जाएगी।