UP News: साइबर ठगी के बाद भी वापस मिलेगा पैसा, सरकार ने शुरू किया नया सिस्टम; जानें कैसे काम करेगा मॉड्यूल
साइबर ठगी के बाद अब आपका पैसा वापस मिलेगा। सरकार ने नया सिस्टम शुरू किया है। गृह मंत्रालय की नई व्यवस्था से पीड़ितों को राहत मिलेगी। 50 हजार तक की होल्ड रकम बिना एफआईआर भी लौट सकती है। आगे पढ़ें और जानें कैसे काम करेगा मॉड्यूल...
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साइबर ठगी के मामलों में अब पीड़ितों को अपना पैसा वापस पाने के लिए लंबी कानूनी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) की ओर से विकसित मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल (एमआरएम) साइबर ठगी के शिकार लोगों को उनकी होल्ड की गई धनराशि वापस दिलाने में मदद कर रहा है। वहीं, यदि जांच के दौरान किसी निर्दोष व्यक्ति का बैंक खाता गलती से होल्ड या फ्रीज हो जाता है, तो उसके लिए ग्रीवांस रिड्रेसल मॉड्यूल (जीआरएम) की सुविधा उपलब्ध है।
डीजी साइबर क्राइम वीके सिंह के अनुसार, जब साइबर ठगी की शिकायत के बाद बैंक किसी संदिग्ध खाते में रकम होल्ड करता है और पीड़ित का विवरण एमआरएम पोर्टल पर अपलोड करता है, तो पीड़ित के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक एसएमएस या लिंक भेजा जाता है। इस लिंक के माध्यम से पीड़ित ऑनलाइन धनराशि वापस पाने का अनुरोध दर्ज करता है। इसके बाद संबंधित पुलिस इकाई जांच और सत्यापन कर अपनी रिपोर्ट बैंक को भेजती है। रिपोर्ट मिलने के बाद बैंक नियमानुसार पीड़ित के खाते में धनराशि वापस कर देता है।
एफआईआर या अदालत के आदेश की आवश्यकता नहीं
यदि होल्ड की गई राशि 50 हजार रुपये से कम है, तो पैसा वापस पाने के लिए एफआईआर या अदालत के आदेश की आवश्यकता नहीं होती। हालांकि, 50 हजार रुपये या उससे अधिक की राशि के मामलों में एफआईआर दर्ज होना अनिवार्य है। यदि किसी निर्दोष व्यक्ति का बैंक खाता जांच के दौरान होल्ड या फ्रीज हो जाए, तो वह संबंधित बैंक शाखा में आवेदन देकर जीआरएम के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकता है। बैंक शिकायत को पुलिस तक भेजता है और जांच के बाद खाते से प्रतिबंध हटाने या जारी रखने का निर्णय लिया जाता है।
बरतें ये सावधानियां
- किसी परिचित के नाम पर पैसे मांगने पर पहले फोन करके पुष्टि करें।
- यूपीआई पिन केवल भुगतान करने के लिए होता है, पैसा प्राप्त करने के लिए नहीं।
- ओटीपी, सीवीवी, कार्ड नंबर या बैंक की गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें।
- अनजान लिंक, फर्जी ट्रेडिंग एप और एपीके (एपीके) फाइल डाउनलोड करने से बचें।
- सोशल मीडिया या व्हाट्सएप पर मिलने वाले फर्जी नौकरी, सस्ते सामान और निवेश के ऑफर पर भरोसा न करें।
- कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता किसी और को इस्तेमाल करने के लिए न दें, इससे कानूनी कार्रवाई हो सकती है।