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यूपी की 20 जेलों में बढ़ेंगी सुविधाएं, कैदियों को गर्म खाने से साथ ही मिलेगा ये सब

Wed, 20 Feb 2019 12:21 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Wed, 20 Feb 2019 12:21 PM IST
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module kitchens will be developed in jails in uttar pradesh.

राजधानी लखनऊ समेत उत्तर प्रदेश की 20 जेलों में आधुनिक रसोई घर (माड्युलर किचन) बनाए जाएंगे। इसके बाद यहां मशीन से आटा गुंथने से लेकर रोटियां तक बनाई जाएंगी। जेल मुख्यालय पर अपर पुलिस महानिदेशक कारागार चंद्र प्रकाश के समक्ष आधुनिक उपकरणों के प्रदर्शन के बाद इन्हें लगाने के लिए हरी झंडी दे दी गई। उधर, आगरा जिला जेल में मंगलवार को आधुनिक रसोईघर का शुभारंभ किया गया।

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अपर महानिरीक्षक वीके जैन के मुताबिक, लखनऊ और कानपुर की जिला जेल सहित सभी केंद्रीय कारागार के रसोईघर आधुनिक किए जा रहे हैं। इनमें कैदियों के बैठने से लेकर गर्म खाने तक की व्यवस्था होगी। पाकशालाओं में लगाने के लिए आधुनिक उपकरणों की खरीद की प्रक्रिया फरवरी के अंत तक पूरी कर ली जाएगी। मार्च से उपकरण लगाए जाएंगे। इन रसोई घरों में भोजन पकाने की सुविधाओं के साथ नए बर्तन भी मुहैया कराए गए हैं।
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महिला सर्किल में बने भोजनालय में दो सौ महिलाओं के एक साथ बेंच पर बैठकर भोजन करने की व्यवस्था है। जेल अधीक्षक शशिकांत मिश्रा के मुताबिक, आधुनिक रसोईघर में खाना गर्म रखने के लिए बेनमेरी, चाय के लिए 25 लीटर की केतली और बर्तन धोने के लिए सिंक की व्यवस्था है। आगरा जेल में तीन माड्यूलर किचन हैं। खाना पकाने वाले कैदियों को एक होटल के मास्टर सेफ  से प्रशिक्षण दिलाया गया है।

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कारागार मुख्यालय से रखी जाएगी प्रदेश की सभी जेलों पर नजर

अब कारागार मुख्यालय से प्रदेश की सभी जेलों में बंद माफिया, अपराधी और कर्मचारियों पर आसानी से नजर रखी जा सकेगी। इसके लिए मुख्यालय में बन रहे कमांड सेंटर को सभी जेलों के सीसीटीवी कैमरों से जोड़ा जाएगा। इसके बाद तीसरी आंख की मदद से जेलों की हर छोटी-बड़ी घटना देखी जा सकेगी। कमांड सेंटर बनाने की जिम्मेदारी अपट्रान पावरट्रॉनिक्स लिमिटेड को दी गई है।

कमांड सेंटर के शुरू होते ही विभागीय अधिकारी हर वक्त किसी भी जेल की गतिविधि देख सकेंगे। खासतौर पर शातिर अपराधियों व माफिया से कौन कब मिलने आ रहा है इसकी आसानी से जानकारी मिल सकेगी। साथ ही यह भी पता लगाया जा सकेगा कि किस जेल कर्मचारी ने इसमें क्या भूमिका निभाई है ?

सेंटर के लिए 595.36 लाख रुपये स्वीकृत

कमांड सेंटर की स्थापना के लिए वर्ष 2018-19 में 595.36 लाख रुपये स्वीकृति हो चुके हैं। इससे मुख्यालय में वीडियो वाल की स्थापना, डाटा संरक्षण के लिए हार्डवेयर व इंटरनेट कनेक्टिविटी, कमांड सेंटर के लिए जरूरी सॉफ्टवेयर और कारागारों से सीसीटीवी फीड लेने के लिए हार्डवेयर व इंटरनेट कनेक्टिविटी की व्यवस्था की जाएगी।

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