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मोदी लहर में नहीं टिक सके दिग्गजों के वारिस

Tue, 20 May 2014 11:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 20 May 2014 11:08 AM IST
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modi wave and nepotism in indian politics

लोकसभा चुनाव में इस बार मोदी की लहर कुछ ऐसी चली कि सूबे के कई नेता अपने मां-बाप व करीबियों की राजनीतिक विरासत नहीं बचा पाए।

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इनमें से कई की तो जमानत तक जब्त हो गई। इनमें कांग्रेस, सपा व बसपा, रालोद सभी के नेता शामिल हैं।

राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष अजित सिंह भी इस बार अपने पिता व पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की विरासत नहीं संभाल पाए। वे बागपत से तीसरे स्थान पर रहे।

अजित सिंह के बेटे जयंत चौधरी भी मथुरा से हार गए। वहीं, कमलापति त्रिपाठी के प्रपौत्र ललितेश पति त्रिपाठी मिर्जापुर में तीसरे स्थान पर रहे।

आदर्श शास्‍त्री की जमानत हुई जब्त

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पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के पोते आदर्श शास्त्री भी इलाहाबाद लोकसभा सीट बुरी तरह हार गए। वे यहां छठे स्थान पर रहे। उन्हें महज 6439 वोट मिले और उनकी जमानत जब्त हो गई।

कैराना सीट से बसपा की सांसद रहीं तबस्सुम मुनव्वर के बेटे नाहिद हसन ने इस बार सपा के टिकट से कैराना से चुनाव लड़ा, लेकिन वे भी अपनी मां की विरासत नहीं बचा पाए।

रामपुर से कांग्रेस की सांसद रह चुकीं बेगम नूर बानो इस बार अपने बेटे नवाब काजिम अली नवेद मियां के लिए सीट छोड़कर खुद मुरादाबाद चुनाव लड़ने चली गईं, लेकिन नवेद यहां तीसरे स्थान पर रहे।

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जितिन प्रसाद, अफजल सिद्दीकी भी हुए फेल

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धौरहरा से जितिन प्रसाद भी इस बार अपने पिता जितेंद्र प्रसाद की विरासत बचाने में कामयाब नहीं हुए। वे चौथे स्थान पर रहे।

सहारनपुर से सांसद रहे रशीद मसूद की विरासत उनके बेटे शाहजान मसूद नहीं संभाल पाए। उनकी जमानत भी जब्त हो गई।

गाजीपुर से बाबूसिंह कुशवाहा की पत्नी शिवकन्या कुशवाहा भी अपने पति की राजनीतिक विरासत नहीं बचा पाईं।

इसी तरह बसपा नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी के पुत्र अफजल सिद्दीकी फतेहपुर से हार गए। स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी संघमित्रा मौर्या भी अपने पिता के सहारे ही मैनपुरी से चुनाव लड़ रही थीं, लेकिन वे भी हार गईं।

बरेली के भोजीपुरा से सपा विधायक सहजिल इस्लाम की पत्नी आयशा भी अपने पति की राजनीतिक विरासत नहीं संभाल सकीं।

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...लेकिन ये रहे कामयाब

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रायबरेली से सोनिया गांधी व अमेठी से राहुल गांधी ने जीत हासिल कर नेहरू-गांधी परिवार की राजनीतिक विरासत बचा ली है।

राजनाथ सिंह भी लखनऊ से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की विरासत बचाने में कामयाब रहे।

पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के बेटे राजवीर सिंह ने एटा तथा अपना दल के नेता रहे सोनेलाल पटेल की बेटी अनुप्रिया पटेल ने मिर्जापुर से चुनाव जीतकर अपने पिता की विरासत संभाली।

सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के भतीजे धर्मेंद्र यादव ने बदायूं व अक्षय यादव ने फीरोजाबाद तो बहू डिम्पल यादव ने कन्नौज से जीत दर्ज की है।

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