'मेक इन इंडिया' और 'मेड इन इंडिया' से देश होगा मजबूत
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केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री कलराज मिश्र ने कहा कि देश में ऑडिट के माध्यम से ही हर बड़ा घोटाला पकड़ में आया है। बोफोर्स तोप सौदे में हुई दलाली हो या फिर टू-जी स्पेक्ट्रम घोटाला, कोयला घोटला या कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाला, इन सभी को सामने लाने में ऑडिट व एकाउंटिंग का महत्वपूर्ण योगदान है।
उन्होंने पूर्ववर्ती यूपीए सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्य लेखा एवं महापरीक्षक (सीएजी) विनोद राय ने ऑडिट में एक के बाद एक घोटाला पकड़ा। कलराज शनिवार को लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय सभागार में 37वीं ऑल इंडिया एकाउंटिंग कॉन्फ्रेंस व एकाउंटिंग एजूकेशन इन इंडिया विषय पर अंतरराष्ट्रीय सेमिनार के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार में गलत एकाउंटिंग के कारण ही महंगाई बढ़ी। वित्तीय अनुशासन बढ़ाकर हम भारत को विकसित देश की श्रेणी में ला सकते हैं।
कलराज ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के जो युवा बीटेक व एमबीए करने के बाद भी बेरोजगार हैं, उनके लिए एंटरप्रेन्योरशिप व स्किल डवलपमेंट की ट्रेनिंग की व्यवस्था करके रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उत्पन्न करेंगे। आने वाले समय में भारत मैन्युफैक्चरिंग का हब बनेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेक इन इंडिया व मेड इन इंडिया के माध्यम से देश को मजबूत बनाने का काम कर रहे हैं।
इसलिए कम है रजिस्टर्ड उद्योगों की संख्या
देश को सक्षम व समर्थ बनाने के लिए उन्होंने प्रोफेशनल्स, उद्यमियों व समाज के सामान्य वर्ग के लोगों से आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि छोटे उद्यमी अनिश्चितता के कारण परेशान हैं। बैंक से उन्हें कर्ज भी मुश्किल से मिलता है। यही कारण है कि रजिस्टर्ड उद्योगों की संख्या काफी कम है। हम ऐसे उद्यमियों की समस्याओं का बेहतर ढंग से समाधान करने की व्यवस्था करेंगे।
निर्यात बढ़ा, आयात घटा
महापौर डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि अमेरिका ने आर्थिक क्षेत्र में वे सभी व्यवस्थाएं लागू कीं जो कौटिल्य ने ‘अर्थशास्त्र’ में सुझाई थीं और विश्व की सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को मजबूत बनाने के लिए नई दिशा दिखाई है। अब निर्यात बढ़ रहा है और आयात घट रहा है। हम घाटे की अर्थव्यवस्था से उबर रहे हैं। पहले लाल रंग के बहीखाते में एकाउंटिंग होती थी। अब छोटे से छोटा उद्यमी टैली एकाउंटिंग की व्यवस्था रखता है।
एकाउंटिंग में इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़े
मुख्य वक्ता व इंडियन एकाउंटिंग रिव्यू के एडिटर भावतोष बनर्जी ने कहा कि वर्ष 2020 में भारत विश्व की तीसरी बड़ी आर्थिक शक्ति बन जाएगा। इसके बाद हालात सुधरेंगे। अभी हम आर्थिक रूप से समृद्ध देशों की सूची में चौथे स्थान पर हैं।
उन्होंने कहा कि अब ऑनलाइन पेमेंट, क्रेडिट कार्ड से भुगतान होने के कारण लेन-देन का ब्यौरा रखना कठिन होता है। ऐसे में एकाउंटिंग में इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी का अधिक से अधिक इस्तेमाल किया जाए। रिसर्च बेस्ड एकाउंटिंग को बढ़ावा दिया जाए, टीचिंग मैथडोलॉजी को और इंप्रूव किया जाए। प्रोफेशनल्स क्लास में आएं और अपने अनुभव स्टूडेंट्स से बांटें।
कॉमर्स व मैनेजमेंट के कोर्स होंगे अपडेट
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एसबी निमसे ने कहा कि विश्व स्तर पर एकाउंटिंग में हो रहे बदलाव के मद्देनजर हमें कॉमर्स व मैनेजमेंट कोर्सेज के सिलेबस को अपडेट करना होगा।
उन्होंने बताया कि मुंबई में जनवरी 2015 में होने वाली इंडियन साइंस कांग्रेस में मेक इंडिया, डिजिटल इंडिया व क्लीन इंडिया विषय पर भी टेक्निकल सेशन रखे गए हैं। इंडियन एकाउंटिंग एसोसिएशन के प्रेसिडेंट प्रो. एसएस मोदी ने भी विचार व्यक्त किए।
सेवानिवृत्त शिक्षकों और मेधावी प्रतिभाओं का सम्मान
इस अवसर पर कॉमर्स विभाग के सेवानिवृत्त शिक्षकों प्रो. केके सक्सेना, प्रो. आरके त्रिपाठी, प्रो. केएल महेश्वरी, प्रो बीके निगम, प्रो. आएस यादव, प्रो. आरएस रस्तोगी व प्रो. नरसिंह को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में नेशनल एकाउंटिंग टैलेंट सर्च एग्जाम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अनिमेष जैन, मयंक जैन, अश्विनी शाह, निकिता, निशि कुमारी को सम्मानित किया गया। यंग रिसर्च अवॉर्ड डॉ. गगनदीप शर्मा को दिया गया। डीन फैकल्टी ऑफ कॉमर्स प्रो. अरविंद कुमार की पुस्तक ‘फाइनेंशियल एंड एडवांस एकाउंटिंग’ का विमोचन भी किया गया।