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एससी-एसटी एक्ट पर मोदी सरकार गंभीर, अध्यादेश लाने पर कर रही विचार : रामदास अठावले

Sat, 05 May 2018 08:55 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 05 May 2018 08:55 PM IST
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modi government to bring ordinance on SC ST Act.
केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास अठावले - फोटो : amar ujala

आरपीआई (ए) के अध्यक्ष और केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास अठावले ने कहा है कि एससी-एसटी एक्ट में संशोधन पर केंद्र सरकार गंभीर है। यह मामला अदालत में विचाराधीन है। अदालत से राहत नहीं मिली तो केंद्र सरकार अध्यादेश लाने पर विचार करेगी। वे शनिवार को राजधानी में पत्रकारों से बात कर रहे थे।

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उन्होंने कहा कि ‘मैं सुप्रीम कोर्ट की इस बात से सहमत नहीं हूं कि दलित एक्ट के 90 फीसदी मामले फर्जी होते हैं।’ अदालत को कानून से छेड़छाड़ का अधिकार नहीं है। यह एक्ट 1989 में सर्वसम्मति से बना था। अदालत से दिशा-निर्देश जारी होने पर एनडीए के सांसद पीएम से मिले थे।
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केंद्र सरकार ने इस प्रकरण में रिव्यू पिटीशन दाखिल की है। अगर कोर्ट का फैसला अनुकूल नहीं रहा तो केंद्र सरकार अध्यादेश लाकर एसएसी, एसटी एक्ट और दलितों की सुरक्षा करेगी। उन्होंने कहा कि 2009 में मायावती ने इस एक्ट को कमजोर किया है।
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यूपी में भाजपा से गठबंधन चाहती है आरपीआई
अठावले ने कहा कि यूपी में भाजपा को रोकने के लिए सपा-बसपा ने गठबंधन किया। अब कैराना व नूरपुर उपचुनाव के लिए रालोद को भी गठबंधन में शामिल किया गया है। चुनाव में हार-जीत होती रहती है, लेकिन 2019 में केंद्र में एनडीए सरकार बनेगी और मोदी पीएम होंगे।

दो-तीन सीटों पर चुनाव लड़ेगी भाजपा

modi government to bring ordinance on SC ST Act.

उन्होंने कहा कि हमने भाजपा को प्रस्ताव दिया है कि यूपी में आरपीआई से गठबंधन करके दो-तीन सीटें दी जाएं। इससे प्रदेश में बसपा कमजोर होगी। अगर गठबंधन नहीं हुआ तो भी आरपीआई दो-तीन सीटों पर चुनाव लड़ेगी और अन्य सीटों पर भाजपा का समर्थन करेगी।  

एएमयू में जिन्ना के फोटो का विरोध ठीक नहीं
अठावले ने कहा कि एएमयू में मोहम्मद अली जिन्ना की फोटो का विरोध करना ठीक नहीं है। एएमयू की स्थापना में उनका योगदान रहा है। यह बात ठीक है कि जिन्ना ने देश का बंटवारा कराया, लेकिन पहले से लगा फोटो हटाना ठीक नहीं है। नए फोटो लगाने की जरूरत नही है।

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