{"_id":"5fbe47af24edec56385f0b2d","slug":"model-shops-will-remain-closed-for-three-days-in-sultanpur","type":"story","status":"publish","title_hn":"विधान परिषद चुनाव के कारण सुल्तानपुर में तीन दिनों तक बंद रहेगी देसी-विदेशी शराब की दुकान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विधान परिषद चुनाव के कारण सुल्तानपुर में तीन दिनों तक बंद रहेगी देसी-विदेशी शराब की दुकान
Wed, 25 Nov 2020 05:38 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुल्तानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुल्तानपुर
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 25 Nov 2020 05:38 PM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोरखपुर फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के द्विवार्षिक निर्वाचन के लिए एक दिसंबर को मतदान होगा।
विज्ञापन
जिलाधिकारी रवीश गुप्ता ने विधान परिषद चुनाव के मतदान व मतगणना को लेकर 29 नवंबर से लेकर 1 दिसंबर तक जिले की देसी, विदेशी, मॉडल शॉप तथा भांग की दुकानों को बंद रखने का आदेश दिया है।
विधान परिषद की 11 सीटों पर 199 उम्मीदवारों में होगा मुकाबला
विधान परिषद में शिक्षक स्नातक की 11 सीटों पर हो रहे चुनाव में 199 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला होगा। बता दें कि नामांकन वापसी के अंतिम दिन स्नातक क्षेत्र आगरा से तीन, मेरठ से दो, लखनऊ व वाराणसी से एक-एक उम्मीदवार ने नामांकन वापस लिया। शिक्षक क्षेत्र आगरा से एक और बरेली-मुरादाबाद से तीन उम्मीदवारों ने नामांकन वापस लिया। इस तरह कुल 11 उम्मीदवारों ने नाम वापस ले लिए। ऐसे में स्नातक क्षेत्र की 5 सीटों पर अब 114 और शिक्षक क्षेत्र की 6 सीटों पर 85 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला होगा।
विज्ञापन
नामांकन वापसी के बाद स्नातक क्षेत्र लखनऊ में 24, आगरा में 22, इलाहाबाद-झांसी में 16, मेरठ में 30 और वाराणसी में 22 उम्मीदवारों के बीच चुनाव होगा। शिक्षक क्षेत्र लखनऊ में 11, आगरा में 16, बरेली-मुरादाबाद में 15, गोरखपुर-फैजाबाद में 16, मेरठ में 15 और वाराणसी में 12 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला होगा।
विज्ञापन
गौरतलब है कि विधान परिषद की 11 सीटों पर चुनाव के लिए कुल 215 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था। जांच में पांच उम्मीदवारों के नामांकन निरस्त हो गए थे।