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चुनाव शुरू होते ही गुजराती सूरमा गायब
ब्यूरो/ अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 28 Mar 2014 11:53 AM IST
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राष्ट्रीय दलों के प्रभारी चुनावी सीन से एकाएक गायब हो गए।
भाजपा ने नरेंद्र मोदी के भरोसेमंद अमित शाह को यूपी का प्रभारी बनाकर भेजा तो जवाब में कांग्रेस ने भी गुजरात के मधुसूदन मिस्त्री को प्रदेश में चुनावी जमीन तैयार करने के लिए भेज दिया।
दोनों गुजराती प्रभारी पहले तो काफी सक्रिय रहे लेकिन चुनाव नजदीक आने के साथ ही प्रदेश में दोनों की गतिविधियां भी सीमित हो गईं।
मधुसूदन मिस्त्री प्रदेश कांग्रेस को भगवान भरोसे छोड़ दिल्ली में अभी तक कांग्रेस उम्मीदवारों को टिकट बांट रहे थे।
पार्टी ने उन्हें वडोदरा से नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव मैदान में उतार दिया है। अब वह दिल्ली से यूपी के बजाय गुजरात का रुख कर रहे हैं।
उधर, राजनाथ सिंह के लखनऊ से चुनाव मैदान में उतरने के बाद भाजपा ने अमित शाह को दिल्ली में बैठकर संगठनात्मक कामकाज संभालने को कह दिया। यानी चुनाव शुरू होते ही गुजराती सूरमा नदारद।
भाजपा ने नरेंद्र मोदी के भरोसेमंद अमित शाह को यूपी का प्रभारी बनाकर भेजा तो जवाब में कांग्रेस ने भी गुजरात के मधुसूदन मिस्त्री को प्रदेश में चुनावी जमीन तैयार करने के लिए भेज दिया।
दोनों गुजराती प्रभारी पहले तो काफी सक्रिय रहे लेकिन चुनाव नजदीक आने के साथ ही प्रदेश में दोनों की गतिविधियां भी सीमित हो गईं।
मधुसूदन मिस्त्री प्रदेश कांग्रेस को भगवान भरोसे छोड़ दिल्ली में अभी तक कांग्रेस उम्मीदवारों को टिकट बांट रहे थे।
पार्टी ने उन्हें वडोदरा से नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव मैदान में उतार दिया है। अब वह दिल्ली से यूपी के बजाय गुजरात का रुख कर रहे हैं।
उधर, राजनाथ सिंह के लखनऊ से चुनाव मैदान में उतरने के बाद भाजपा ने अमित शाह को दिल्ली में बैठकर संगठनात्मक कामकाज संभालने को कह दिया। यानी चुनाव शुरू होते ही गुजराती सूरमा नदारद।