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हॉस्टल मिलने आई बहन से बोली छात्रा- बड़ों के साथ सोने पर किया जाता है मजबूर, मुझे मार डालो
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 18 Aug 2017 06:08 PM IST
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लखनऊ में बाजार खाला के पुराना हैदरगंज स्थित बल्लभ मेमोरियल हॉस्टल एंड डे बोर्डिंग मिलेट्री स्कूल की चौथी की छात्रा से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। इसकी जानकारी के बाद परिवारजनों ने बृहस्पतिवार दोपहर स्कूल पर हंगामा किया। इस दौरान उनके साथ पहुंचे कुछ लोगों ने स्कूल में तोड़फोड़ कर दी। इसके बाद आक्रोशित लोग बाजारखाला थाने केस दर्ज कराने पहुंचे।
आरोप है कि पुलिस ने उनकी बात नहीं सुनी। इस पर परिवारीजनों ने पुलिस पर पक्षपात व मनमानी का आरोप लगाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद एएसपी पश्चिम विकास त्रिपाठी के निर्देश पर दुष्कर्म का केस दर्ज किया गया। वहीं, आठ दिन पुराने छात्र से कुकर्म मामले में भी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
एएसपी के मुताबिक, डे बोर्डिंग मिलेट्री स्कूल में आठवीं तक के 35 छात्र-छात्राएं रहते हैं। रकाबगंज गौसनगर निवासी महिला की 12 वर्षीय बेटी भी यहां चौथी की छात्रा है। परिवारीजनों के मुताबिक, तीन महीने पहले ईद से तीन दिन पहले वह छात्रा को स्कूल लेकर पहुंचे। इसके बाद से छात्रा हॉस्टल में रह रही थी।
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तीन अगस्त को छात्रा की बड़ी बहन हॉस्टल पहुंची तो पता चला कि वह काफी बीमार है। पूछने पर छात्रा रोते हुए बोली कि मुझे घर ले चलो या मार डालो....। मैं अब यहां नहीं रहना चाहती हूं। यहां मेरे साथ गलत काम होता है। यह सुनते ही बहन के होश उड़ गए। स्कूल की प्रधानाचार्य से पूछताछ की तो उन्होंने टाल दिया। इस पर छात्रा को घर ले आए। यहां छात्रा ने बताया कि उसकी तबीयत तीन महीने से खराब है।
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आरोप है कि पुलिस ने उनकी बात नहीं सुनी। इस पर परिवारीजनों ने पुलिस पर पक्षपात व मनमानी का आरोप लगाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद एएसपी पश्चिम विकास त्रिपाठी के निर्देश पर दुष्कर्म का केस दर्ज किया गया। वहीं, आठ दिन पुराने छात्र से कुकर्म मामले में भी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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एएसपी के मुताबिक, डे बोर्डिंग मिलेट्री स्कूल में आठवीं तक के 35 छात्र-छात्राएं रहते हैं। रकाबगंज गौसनगर निवासी महिला की 12 वर्षीय बेटी भी यहां चौथी की छात्रा है। परिवारीजनों के मुताबिक, तीन महीने पहले ईद से तीन दिन पहले वह छात्रा को स्कूल लेकर पहुंचे। इसके बाद से छात्रा हॉस्टल में रह रही थी।
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तीन अगस्त को छात्रा की बड़ी बहन हॉस्टल पहुंची तो पता चला कि वह काफी बीमार है। पूछने पर छात्रा रोते हुए बोली कि मुझे घर ले चलो या मार डालो....। मैं अब यहां नहीं रहना चाहती हूं। यहां मेरे साथ गलत काम होता है। यह सुनते ही बहन के होश उड़ गए। स्कूल की प्रधानाचार्य से पूछताछ की तो उन्होंने टाल दिया। इस पर छात्रा को घर ले आए। यहां छात्रा ने बताया कि उसकी तबीयत तीन महीने से खराब है।
मां ने स्कूल प्रंबधन पर लगाए आरोप
प्रदर्शन करते लोग
- फोटो : amarujala
मां ने स्कूल प्रबंधन पर आरोप लगाया कि छात्रा से जब भी परिवारीजन मिलने जाते थे तो मना कर दिया जाता था। विरोध पर स्कूल से निकालने की धमकी दी जाती थी। छात्रा के पैरों में काफी सूजन थी। मां ने बताया कि छात्रा को बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से डॉक्टरों ने केजीएमयू रेफर कर दिया। इसके बाद निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जांच में छात्रा को टीबी की पुष्टि हुई। परिवारीजनों के पूछने पर छात्रा ने बताया कि हॉस्टल में बासी खाना मिलता था। वहीं, इंस्पेक्टर बाजारखाला सुजीत दुबे ने बताया कि दोपहर को छात्रा के परिवारीजन थाने पहुंचे। उनके साथ सामाजिक संगठन के लोग भी थे। पूछताछ के लिए स्कूल की प्रधानाचार्य को भी बुलाया गया था।
लेकिन इस बीच कुछ लोग स्कूल पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। प्रधानाचार्य आफरीन छात्रों को लेकर कमरे में छिप गईं और पुलिस को सूचना दी। प्रधानाचार्य ने बताया कि हंगामा करने वालों ने बच्चों के खाने पीने का सामान फर्श पर फेंक दिया। कमरे में रखा सामान तोड़ दिया और कार्यालय का रजिस्टर ले गए।
जांच में छात्रा को टीबी की पुष्टि हुई। परिवारीजनों के पूछने पर छात्रा ने बताया कि हॉस्टल में बासी खाना मिलता था। वहीं, इंस्पेक्टर बाजारखाला सुजीत दुबे ने बताया कि दोपहर को छात्रा के परिवारीजन थाने पहुंचे। उनके साथ सामाजिक संगठन के लोग भी थे। पूछताछ के लिए स्कूल की प्रधानाचार्य को भी बुलाया गया था।
लेकिन इस बीच कुछ लोग स्कूल पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। प्रधानाचार्य आफरीन छात्रों को लेकर कमरे में छिप गईं और पुलिस को सूचना दी। प्रधानाचार्य ने बताया कि हंगामा करने वालों ने बच्चों के खाने पीने का सामान फर्श पर फेंक दिया। कमरे में रखा सामान तोड़ दिया और कार्यालय का रजिस्टर ले गए।
स्कूल में नहीं मिला अटेंडेंस रजिस्टर
कक्षा में कंप्यूटर ठीक से रखता हुआ गार्ड
- फोटो : amarujala
दोपहर करीब ढाई घंटे तक स्कूल व थाने पर हंगामा होता रहा। मामला बिगड़ता देख तीन थानाक्षेत्रों की पुलिस बुला ली गई। सूचना पर एएसपी पश्चिम, सीओ बाजारखाला अनिल कुमार, इंस्पेक्टर तालकटोरा विजय सेन सिंह, एसओ सहादतगंज नीरज ओझा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। हंगामे के बाद पुलिस ने दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट व स्कूल प्रबंधन के खिलाफ लापरवाही बरतने की धाराआें में केस दर्ज किया।
पुलिस के मुताबिक, छात्रा ने स्कूल प्रबंधन पर आरोप लगाया कि उसे हॉस्टल में बड़े बच्चों के साथ सोने के लिए मजबूर किया जाता था। विरोध पर उसकी पिटाई की जाती थी। कमरे में सोते समय बड़े बच्चे मुंह में कपड़ा बांधकर गंदी हरकत करते थे। यह सब प्रधानाचार्य की जानकारी में होता था।
शिकायत करने पर प्रधानाचार्य उसे ही फटकार लगा देती थीं। छात्रा ने आरोप लगाया कि बड़े बच्चे छात्राओं से अक्सर छेड़छाड़ करते थे। बाजारखाला पुलिस ने केस दर्ज कर छात्रा व छात्र से जुड़े सभी दस्तावेज स्कूल से मांगे। स्कूल प्रबंधन ने दोनों के एडमिशन फार्म तो उपलब्ध करा दिए, लेकिन अटेंडेंस रजिस्टर नहीं दिया। प्रबंधन ने इंस्पेक्टर को बताया कि स्कूल में अटेंडेंस रजिस्टर नहीं है।
पुलिस के मुताबिक, छात्रा ने स्कूल प्रबंधन पर आरोप लगाया कि उसे हॉस्टल में बड़े बच्चों के साथ सोने के लिए मजबूर किया जाता था। विरोध पर उसकी पिटाई की जाती थी। कमरे में सोते समय बड़े बच्चे मुंह में कपड़ा बांधकर गंदी हरकत करते थे। यह सब प्रधानाचार्य की जानकारी में होता था।
शिकायत करने पर प्रधानाचार्य उसे ही फटकार लगा देती थीं। छात्रा ने आरोप लगाया कि बड़े बच्चे छात्राओं से अक्सर छेड़छाड़ करते थे। बाजारखाला पुलिस ने केस दर्ज कर छात्रा व छात्र से जुड़े सभी दस्तावेज स्कूल से मांगे। स्कूल प्रबंधन ने दोनों के एडमिशन फार्म तो उपलब्ध करा दिए, लेकिन अटेंडेंस रजिस्टर नहीं दिया। प्रबंधन ने इंस्पेक्टर को बताया कि स्कूल में अटेंडेंस रजिस्टर नहीं है।
पिछले साल सितंबर के बाद से नहीं दी फीस
यही वह स्कूल है
- फोटो : amarujala
प्रधानाचार्य आफरीन ने बताया कि छात्रा का प्रवेश चार साल पहले हुआ था। उसके पिता की मौत हो चुकी है। छात्रा की बहने व मां दुकानों पर नौकरी करती हैं। चार साल पहले उसकी मां स्कूल लेकर आई थी। उम्र अधिक होने के कारण सीधे कक्षा एक में प्रवेश लिया गया। अंतिम बार छात्रा की मां ने सितंबर 2016 में 652 रुपये फीस जमा की थी।
इसके बाद से फीस नहीं जमा की। कुछ दिन पहले फीस मांगी तो छात्रा को घर ले गए। प्रधानाचार्य ने बताया कि इधर कुछ महीनों से छात्रा कभी एक सप्ताह तो कभी दस दिन स्कूल में रहती। इसके बाद घर चली जाती थी। इंस्पेक्टर के मुताबिक, कैंपवेल रोड निवासी 11 वर्षीय चौथी के छात्र की दस दिन पहले तबीयत खराब होने के कारण मौत हो गई थी।
छात्र के परिवारीजनों ने स्कूल के एक छात्र पर कुकर्म का आरोप लगाया था। परिवारीजनों का कहना था कि इस हादसे के बाद बेटे की तबीयत खराब हो गई। जबकि मामले को स्कूल प्रबंधन ने छिपाए रखा। जब छात्र की तबीयत ज्यादा खराब हुई तो सूचना दी। बेटे को बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां सात अगस्त को उसकी मौत हो गई। एएसपी पश्चिम विकास त्रिपाठी ने बताया कि आठ दिन पहले छात्र के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में आरोपी छात्र के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपी छात्र हिरासत में है।
इसके बाद से फीस नहीं जमा की। कुछ दिन पहले फीस मांगी तो छात्रा को घर ले गए। प्रधानाचार्य ने बताया कि इधर कुछ महीनों से छात्रा कभी एक सप्ताह तो कभी दस दिन स्कूल में रहती। इसके बाद घर चली जाती थी। इंस्पेक्टर के मुताबिक, कैंपवेल रोड निवासी 11 वर्षीय चौथी के छात्र की दस दिन पहले तबीयत खराब होने के कारण मौत हो गई थी।
छात्र के परिवारीजनों ने स्कूल के एक छात्र पर कुकर्म का आरोप लगाया था। परिवारीजनों का कहना था कि इस हादसे के बाद बेटे की तबीयत खराब हो गई। जबकि मामले को स्कूल प्रबंधन ने छिपाए रखा। जब छात्र की तबीयत ज्यादा खराब हुई तो सूचना दी। बेटे को बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां सात अगस्त को उसकी मौत हो गई। एएसपी पश्चिम विकास त्रिपाठी ने बताया कि आठ दिन पहले छात्र के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में आरोपी छात्र के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपी छात्र हिरासत में है।