घरवाले करा रहे थे नाबालिग की शादी, छोड़ा घर, बोली सिर्फ पढ़ना चाहती हूं
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काकोरी की 14 साल की किशोरी ने साहस दिखाते हुए शादी से इन्कार कर दिया। वह पढ़ना चाहती थी। घरवाले इसके लिए तैयार नहीं थे और जबरदस्ती उसकी शादी फुफेरे भाई से तय कर दी। शादी वाले शाम ही वह किसी तरह घर से भाग निकली और और राजधानी के आशा ज्योति केंद्र पहुंची।
यहां से उसे बाल कल्याण समिति ने अपने संरक्षण में लेकर बालिका गृह में आश्रय दिलाया है। इस बहादुरी के लिए किशोरी की सराहना हो रही है और उसे हर तरह से मदद दी जा रही है।
समिति को किशोरी ने बताया है कि उसकी मां और फूफा उसकी शादी उसके फुफेरे भाई से करना चाहते हैं। उसकी उम्र 26 साल है और वह प्राइवेट नौकरी करता है। वह इस शादी के लिए तैयार नहीं है।
8वीं में पढ़ने वाली किशोरी ने कहा कि वह आगे और पढ़ना चाहती है। किशोरी किसी तरह लखनऊ पहुंची, यहां कुछ लोगों ने उसे लोकबंधु अस्पताल स्थित आशा ज्योति केंद्र पहुंचा दिया।
चाइल्ड लाइन की मदद से उसे बाल कल्याण समिति लखनऊ के समक्ष प्रस्तुत किया गया जहां से उसे मोतीनगर स्थित राजकीय बालिका गृह में आश्रय दिलाया गया है।
जायदाद घर में ही रहे, इसलिए फुफेरे भाई से तय कर दी शादी
किशोरी ने बताया कि उसके पिता की मौत हो चुकी है। मलिहाबाद में रहने वाला उसका फूफा जायदाद के लिए अपने बेटे से उसका विवाह कराने पर अमादा है। किशोरी ने बताया कि वह शादी के लिए लगातार मना करती रही लेकिन उसकी मां और अन्य रिश्तेदार उसकी बात तक सुनने को राजी नहीं थे।
उसकी गोद भराई और बरिक्षा की रस्म पूरी कर दी गई थी। 10 मई को शादी की जानी थी, लेकिन वह किसी तरह घर से निकली और भाग गई। उसने के कहा कि उसके पास कोई और रास्ता नहीं था।
बाल कल्याण समिति ने किशोरी की मां और फूफा को समिति के समक्ष प्रस्तुत होने के निर्देश दिए हैं। समिति ने काकोरी थाना पुलिस को निर्देश दिया है कि उन्हें शनिवार को पेश किया जाए।