फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   ministers are not ready to send kids in goverment school

बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ाने को तैयार नहीं मंत्री और अफसर

Thu, 11 Feb 2016 10:17 AM IST
Updated Thu, 11 Feb 2016 10:17 AM IST
विज्ञापन
ministers are not ready to send kids in goverment school

सूबे के मंत्री, विधायक व अफसर अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ाने को तैयार नहीं हैं। बेसिक शिक्षा में सुधार के लिए सभी सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों व राजनेताओं के बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दाखिल करेगी।

विज्ञापन


सरकार के निर्देश के बाद बेसिक शिक्षा विभाग में एसएलपी दाखिल करने पर मंथन शुरू हो गया है। गौरतलब है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले साल 18 अगस्त को प्राथमिक शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों, मंत्रियों व विधायकों के बच्चों के दाखिले सरकारी स्कूलों में कराने के आदेश दिए थे।
विज्ञापन


छह माह बीत जाने के बाद भी सरकार हाईकोर्ट के आदेश पर अमल की दिशा में आगे कदम नहीं बढ़ा पाई है। दरअसल वह इस व्यवस्था को लागू करने के पक्ष में नहीं है।

हाइकोर्ट के फैसले के खिलाफ सरकारी कर्मचारी

ministers are not ready to send kids in goverment school

राष्ट्रीय लोकदल के विधायक सुदेश शर्मा ने विधानसभा में एक सवाल के जरिये सरकार से जानकारी चाही कि क्या इस व्यवस्था को लागू कराने के लिए कोई कार्य योजना तैयार की गई है?

इस पर सरकार की ओर से लिखित जवाब दिया गया कि हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ न्याय विभाग के परामर्श से  सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल करने का फैसला किया गया है। इस बाबत आदेश जारी कर दिए गए हैं।

हालांकि बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है एसएलपी दायर करने के बारे में अभी कोई फैसला नहीं किया गया है। सचिव आशीष गोयल ने कहा कि अभी इस पर विचार-विमर्श चल रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed