सीएचसी में मिलीं खामियां, डॉक्टर समेत तीन सस्पेंड
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परिवार कल्याण मंत्री रविदास मेहरोत्रा ने बृहस्पतिवार को छापामारी कर सीएचसी और पीएचसी में मिलीं खामियों के बाद एक बाबू, एक नर्स और एक डॉक्टर को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं।
मोहनलालगंज सीएचसी के बाबू संतोष दीक्षित पर एएनएम से वेतन देने के नाम पर 12 हजार रुपये और गोसाईगंज की नर्स शकुंतला पर प्रसूताओं से जननी सुरक्षा योजना का चेक देने पर 700 रुपये वसूलने का आरोप है।
इसी तरह खुजौली पीएचसी के प्रभारी डॉ. दीपक भारद्वाज 13 दिन से अनुपस्थित मिले। मंत्री ने सभी को निलंबित करते हुए जांच के आदेश दिए हैं। परिवार कल्याण मंत्री स्थानीय विधायक चंद्रा रावत के साथ दोपहर लगभग 12.30 मोहनलालगंज सीएचसी पहुंचे।
मंत्री ने पैथोलॉजी, दवा वितरण, महिला व पुरुष वार्ड, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड कक्ष, डेंगू वार्ड, फीवर डेस्क, इमरजेंसी चिकित्सक व दवा कक्ष का निरीक्षण किया। महिला वार्ड में मरीजों ने रात को ओढ़ने के लिए चादर न देने की शिकायत की और आशा ने रात को महिला चिकित्सक के न रुकने और जननी शिशु सुरक्षा योजना का पैसा न मिलने की शिकायत की।
इस पर मंत्री ने सीएचसी अधीक्षक डॉ. केपी त्रिपाठी से व्यवस्था करने के लिए कहा। साथ ही मार्च से पहले के 115 महिलाओं को प्रसव को बाद जननी सुरक्षा योजना का पैसा न मिलने पर नाराजगी जतायी।
मंत्री ने फोन पर ही दिए निलंबित करने के निर्देश
इस पर मंत्री ने जल्दी ही नई मशीन लगवाने के निर्देश सीएमओ डॉ.एसएनएस यादव को दिए। उधर, गोसाईगंज में 30 बेड की क्षमता वाले अस्पताल में मात्र छह मरीज मिले। यहां मंत्री को 10 बेड के डेंगू वार्ड में एक भी मरीज भर्ती नहीं मिला।
इस पर मंत्री ने चिकित्सा अधीक्षक डॉ.एमके सिंह को फटकार लगायी और कहा कि शहर के अस्पतालों में एक बेड पर दो-दो ग्रामीण क्षेत्रों के मरीज भर्ती हैं। जबकि यहां बेड खाली हैं।
उन्होंने वार्डों में गंदगी पर भी नाराजगी जतायी। 211 महिलाओं को जननी शिशु सुरक्षा योजना का भुगतान एक सप्ताह में कराने के निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित मिली नेत्र सहायक व एक्स-रे असिस्टेंट को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी मोहनलालगंज सीएचसी अधीक्षक को दिए गए।
मोहनलालगंज सीएचसी में मंत्री से एएनएम मोनिका वर्मा ने बाबू संतोष दीक्षित पर 12 हजार रुपये घूस लेने का आरोप लगाया। भसंडा में तैनात मोनिका का कहना था कि उनकी अनुपस्थिति के दौरान का वेतन देने के लिए संतोष ने 12 हजार रुपये घूस ली थी।
इसके बाद भी वह 11 हजार और मांग रहा है। इस पर मंत्री ने तत्काल बाबू को बुलाकार पूछताछ की। शिकायत सही मिलने पर संतोष दीक्षित को निलंबित करते हुए मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
सीएचसी के निरीक्षण के बाद रविदास मेहरोत्रा खुजौली पीएचसी पहुंच गए। वहां प्रभारी डॉ. दिवाकर भारद्वाज 13 दिन से अनुपस्थित थे। उन्होंने मौके पर से ही सीएमओ को फोनकर चिकित्सक को निलंबित करने के निर्देश दिए।
नर्स पर प्रसूताओं का पैसा हड़पने का आरोप
उन्होंने कहा कि 10 बेड के अस्पताल से बिना किसी सूचना के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी लापता है। जब 13 दिन से कोई डॉक्टर नहीं है। मंत्री से वहां मौजूद मरीजों और महिलाओं ने इलाज की सुविधा न मिलने की शिकायत भी की।
गोसाईगंज सीएचसी में विकलांग राधेश्याम ने मंत्री को बताया कि उसकी विकलांग बहन प्रीति को प्रसव के छह महीने बाद भी जननी शिशु सुरक्षा योजना का रुपया नहीं मिला है। वह कई बार आकर लौट चुका है।
उसने बताया कि स्टाफ नर्स शकुंतला 700 रुपये लेने के बाद 1400 रुपये के चेक का भुगतान करती हैं। मंत्री ने शकुंतला को बुलाया तो पता चला कि वह भी अनुपस्थित हैं। इस पर उसे निलंबित करने और पूरे मामले की जांच करने के निर्देश दिए।
परिवार कल्याण मंत्री रविदास मेहरोत्रा ने मोहनलालगंज में बन रहे 30 बेड के बाल महिला चिकित्सालय का जल्द ही उद्घाटन कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्माणाधीन चिकित्सालय का निरीक्षण भी किया।
मंत्री ने कहा कि 30 बेड के अस्पताल में पीआईसीयू और एनआईसीयू की सुविधा भी मिलेगी। वहीं, बुधवार को संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. अवधेश यादव ने भी डेंगू वार्ड और फीवर डेस्क सहित अस्पताल का निरीक्षण किया था।