यहां खुलेआम हो रहा लेन-देन, मंत्रीजी पेरशान!
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विधानपरिष्ाद में जगवीर किशोर जैन ने आरोप लगाया कि मंत्री शिक्षा विभाग में ईमानदारी का दावा कर रहे हैं, जबकि 15-20 लाख रुपये लेकर जिला विद्यालय निरीक्षकों (डीआईओएस) की तैनाती की जा रही है।
माध्यमिक शिक्षा मंत्री महबूब अली ने कहा कि सुबूत सहित बता दें तो पांच मिनट में निलंबित कर दूंगा। बात बढ़ी तो मंत्री रक्षात्मक हो गए, कहा- लंका में सभी 52 गज के हैं। सुधार में थोड़ा वक्त लगेगा।
विधान परिष्ाद में शिक्षक दल के सुरेश कुमार त्रिपाठी ने अंशकालिक शिक्षकों को पूर्णकालिक बनाने, तदर्थ शिक्षकों के विनियमितीकरण सहित अन्य कई मांगों को लेकर सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्यस्थगन सूचना दी।
सूचना की ग्राह्यता पर ओमप्रकाश शर्मा ने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था सुधारने, शिक्षकों की कमी दूर करने के बजाय तुगलकी आदेश कर रही है।
सर्दी में सुबह 8.50 स्कूल खोलने और 1 अप्रैल से शिक्षा सत्र शुरू करने से शिक्षा का स्तर नहीं सुधर जाएगा। माध्यमिक शिक्षा मंत्री महबूब अली ने जवाब दिया कि शिक्षकों की भर्ती शुरू कर दी गई है।
जब कमरे में बात होनी है तो सदन का समय क्यों जाया किया
शर्मा ने फिर पूछा कि अनुदानित विद्यालयों की बात कर रहा हूं। इस पर शिक्षा मंत्री कोई जवाब नहीं दे पाए। वे इस सवाल का भी जवाब नहीं दे पाए कि स्कूलों को सुबह जल्दी खोलने से शिक्षा व्यवस्था किस तरह सुधर जाएगी।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि बच्चों के घर जाने में शाम न हो, इसलिए यह फैसला किया गया। शर्मा ने इसका विरोध किया। इसको लेकर सदस्यों की शिक्षा मंत्री से तनातनी हो गई।
शिक्षक दल के बहिर्गमन के कुछ देर बाद नेता सदन अहमद हसन कहने लगे कि शिक्षक दल के नेता ओमप्रकाश शर्मा के बहिर्गमन से उन्हें बहुत दुख हुआ है।
सरकार उनकी बातों पर गंभीरता से ध्यान देती है। सभी मुद्दों पर सरकार उनसे कमरे में बैठकर बात कर लेगी। इससे पहले शिक्षा मंत्री ने कहा, ‘मैं नेताजी (ओमप्रकाश शर्मा) के यहां चला जाऊंगा।
बात कर लूंगा।’ इस पर नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा, जब इन मुद्दों पर घर में ही बात होनी है तो फिर सदन में डेढ़ घंटा क्यों जाया किया गया।