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खनन घोटाला: दो आईएएस समेत 11 के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने दर्ज की एफआईआर
Tue, 12 Nov 2019 05:38 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 12 Nov 2019 05:38 AM IST
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प्रवर्तन निदेशालय
- फोटो : ANI
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सहारनपुर में हुए अवैध खनन मामले में सीबीआई के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय ने भी केस दर्ज कर लिया है। प्रवर्तन निदेशालय ने सीबीआई की एफआईआर को आधार बनाते हुए सहारनपुर में जिलाधिकारी रहे पवन और अजय सिंह के साथ 11 लोगों को नामजद किया है। नामजद लोगों से जल्द पूछताछ की जा जाएगी।
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जानकारी के अनुसार 30 सितंबर को सीबीआई द्वारा एफआईआर दर्ज कर 1 अक्तूबर को सहारनपुर और लखनऊ समेत 11 स्थानों पर छापे मारे गए थे। इसी के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने भी केस दर्ज करने के लिए अपने दिल्ली स्थित मुख्यालय से अनुमति मांगी थी। केंद्र से अनुमति मिलने के बाद अब इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। एफआईआर में दो आईएएस अधिकारी अजय कुमार सिंह और पवन कुमार को नामजद किया है। दोनों ही पूर्व में सहारनपुर में जिलाधिकारी के पद पर तैनात रह चुके हैं।
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इन लोगों को किया गया नामजद
एफआईआर में उक्त दो पूर्व जिलाधिकारियों को पट्टों के आवंटन में नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया गया है। इन दो आईएएस अधिकारियों के अलावा पट्टा धारकों महमूद अली, दिलशाद, मोहमद इनाम, नसीम अहमद, अमित जैन, विकास अग्रवाल, मोहमद वाजिद, मुकेश जैन और पुनीत जैन को भी नामजद किया गया है।
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इस मुकदमें में महबूब आलम भी नामजद है, जिनकी मौत हो चुकी है। आरोपियों में अधिकतर सहारनपुर के मिर्जापुर थाना क्षेत्र के रहने वाले है, जबकि विकास अग्रवाल देहरादून में रहते हैं।
एफआईआर में कहा गया है कि सहारनपुर में 2012 से 2015 के बीच नियमों की अनदेखी कर और जिलाधिकारियों द्वारा आपराधिक षडयंत्र रचते हुए 13 खनन पट्टों का नवीनीकरण कर दिया गया। इसमें ई टेंडर प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
चार जिलों में अवैध खनन की एफआईआर पहले ही दर्ज कर चुका है प्रवर्तन निदेशालय
प्रवर्तन निदेशालय सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर चार जिलों में हुए अवैध खनन घोटाले की जांच और मनी लांड्रिंग कनेक्शन तलाशने के लिए एफआईआर दर्ज कर चुका है। इन मामलों में अजय और पवन को लेकर अब तक आठ आईएएस अधिकारियों को नामजद किया जा चुका है।
प्रवर्तन निदेशालय ने पूर्व में हमीरपुर के मामले में एफआईआर दर्ज की थी और बी चंद्रकला समेत कई लोगों को नामजद किया था। इसके बाद फतेहपुर और देवरिया के मामलों में भी पांच आईएएस अधिकारियों को नामजद किया जा चुका है।
एक मामला कौशांबी का भी दर्ज किया गया है, लेकिन उसमें किसी आईएएस अधिकारी को नामजद नहीं किया गया है। बी चंद्रकला, अजय और पवन के अलावा फतेहपुर के जिलाधिकारी रहे अभय, देवरिया के जिलाधिकारी रहे विवेक, देवरिया में अपर जिलाधिकारी रहे देवी शरण उपाध्याय, विशेष सचिव खनन संतोष राय और प्रमुख सचिव खनन रहे जीवेश नंदन का नाम शामिल है। देवरिया और फतेहपुर में दर्ज मुकदमों में पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति भी नामजद हैं।