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55 पूर्व पाकिस्तानी नागरिकों को मिली भारतीय नागरिकता, सभी बोले-भारत माता की जय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 22 Jan 2018 10:25 AM IST
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भारत की नागरिकता पाने वाले लोगों के साथ गृहमंत्री राजनाथ सिंह।
- फोटो : amar ujala
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वे 55 हैं, ‘जन गण मन...’ उन्हें याद है, पूरी तरह से कंठस्थ। कुछ का जन्म यहीं हुआ तो कुछ शादी के बाद भारत आ गए थे। लेकिन फिर भी भारतीय नहीं थे। रविवार को यह कमी भी पूरी हो गई। गृहमंत्री राजनाथ सिंह के हाथों इन सभी को भारतीय नागरिकता का प्रमाण पत्र दिया गया।
वे सभी अब लखनऊ के बाशिंदे कहलाएंगे और गर्व से अपने भारतीय होने का साक्ष्य मांगे जाने पर दे भी सकेंगे। ड्राइविंग लाईसेंस, आधार कार्ड, राशन कार्ड, सभी पर उनका नाम चढ़ सकेगा। इसकी खुशी उनके चेहरों पर साफ झलक रही थी।
राजधानी के आसूदाराम आश्रम में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि गृहमंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने कहा कि जब उन्होंने मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाली, उसी दिन से वे पड़ोसी देशों से भारत की नागरिकता चाह रहे अल्पसंख्यकों के लिए कुछ करना चाहते थे। वहीं प्रशासन की ओर से बताया गया कि लखनऊ से 146 नागरिकों ने भारत की नागरिकता के लिए आवेदन किया है।
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इनमें से 55 को नागरिकता दी जा चुकी है, पांच की औपचारिकताएं बची हैं, जिन्हें जल्द पूरा किया जाएगा। इसके अलावा 32 की फाइल जल्द केंद्र सरकार को भेजी जाएगी, बाकियों के मामले अलग अलग वजहों से अटके हुए हैं। इसके बाद राजनाथ सिंह के हाथों नागरिकता का सर्टिफिकेट लेने के लिए नागरिकों को मंच पर आमंत्रित किया गया।
सर्टिफिकेट मिलने के साथ ही ‘भारत माता की जय...’ और ‘वंदेमातरम...’ के नारे लगे। भारतीय बने नागरिकों और उनके परिवार वालों ने भी जमकर नारेबाजी की। कार्यक्रम में मेयर संयुक्ता भाटिया सहित बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
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वे सभी अब लखनऊ के बाशिंदे कहलाएंगे और गर्व से अपने भारतीय होने का साक्ष्य मांगे जाने पर दे भी सकेंगे। ड्राइविंग लाईसेंस, आधार कार्ड, राशन कार्ड, सभी पर उनका नाम चढ़ सकेगा। इसकी खुशी उनके चेहरों पर साफ झलक रही थी।
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राजधानी के आसूदाराम आश्रम में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि गृहमंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने कहा कि जब उन्होंने मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाली, उसी दिन से वे पड़ोसी देशों से भारत की नागरिकता चाह रहे अल्पसंख्यकों के लिए कुछ करना चाहते थे। वहीं प्रशासन की ओर से बताया गया कि लखनऊ से 146 नागरिकों ने भारत की नागरिकता के लिए आवेदन किया है।
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इनमें से 55 को नागरिकता दी जा चुकी है, पांच की औपचारिकताएं बची हैं, जिन्हें जल्द पूरा किया जाएगा। इसके अलावा 32 की फाइल जल्द केंद्र सरकार को भेजी जाएगी, बाकियों के मामले अलग अलग वजहों से अटके हुए हैं। इसके बाद राजनाथ सिंह के हाथों नागरिकता का सर्टिफिकेट लेने के लिए नागरिकों को मंच पर आमंत्रित किया गया।
सर्टिफिकेट मिलने के साथ ही ‘भारत माता की जय...’ और ‘वंदेमातरम...’ के नारे लगे। भारतीय बने नागरिकों और उनके परिवार वालों ने भी जमकर नारेबाजी की। कार्यक्रम में मेयर संयुक्ता भाटिया सहित बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
पांच लोग कैसे रह गए? गैरजिम्मेदाराना !
भारत की नागरिकता पाने के बाद खुशी से खिले चेहरे।
- फोटो : amar ujala
पूर्व पाकिस्तानी नागरिकों को भारत की नागरिकता मिलने की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने के लिए राजनाथ सिंह ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन को सराहा। लेकिन जब यह जानकारी में आया कि पांच लोगों को नागरिकता इसलिए नहीं मिल पाई क्योंकि उनका पेपर वर्क पूरा नहीं था, सिंह ने कड़ी नाराजगी जताई।
उन्हाेंने कहा कि यह ‘गैरजिम्मेदाराना हरकत है’, अपने मंत्रालय में यह बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्हाेंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन पांच लोगों के मामले में क्या कमी रह गई, इसकी रिपोर्ट उन्हें दी जाए। वे एक हफ्ते में बचे हुए लोगों की औपचारिकताएं पूरी करवाएंगे। साथ ही उन्हाेंने कहा कि लंबी अवधि का वीजा इन नागरिकों को दिया जा रहा है, जिसके आधार पर उन्हें भारत में बैंक खाता खोलने का भी अवसर दिया जा रहा है।
अल्पसंख्यकों से भेदभाव कर रहा पाकिस्तान
गृहमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु और पाकिस्तान में लियाकत अली के बीच यही समझौता हुआ था कि दोनों ही देशों में अल्पसंख्यकों के साथ किसी तरह का भेदभाव नहीं होगा। लेकिन पाकिस्तान अपनी बात से फिर गया। पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू हों, सिख हों, या ईसाई ही क्यों न हों, सभी के साथ भेदभाव होता रहा है।
उन्हाेंने कहा कि यह ‘गैरजिम्मेदाराना हरकत है’, अपने मंत्रालय में यह बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्हाेंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन पांच लोगों के मामले में क्या कमी रह गई, इसकी रिपोर्ट उन्हें दी जाए। वे एक हफ्ते में बचे हुए लोगों की औपचारिकताएं पूरी करवाएंगे। साथ ही उन्हाेंने कहा कि लंबी अवधि का वीजा इन नागरिकों को दिया जा रहा है, जिसके आधार पर उन्हें भारत में बैंक खाता खोलने का भी अवसर दिया जा रहा है।
अल्पसंख्यकों से भेदभाव कर रहा पाकिस्तान
गृहमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु और पाकिस्तान में लियाकत अली के बीच यही समझौता हुआ था कि दोनों ही देशों में अल्पसंख्यकों के साथ किसी तरह का भेदभाव नहीं होगा। लेकिन पाकिस्तान अपनी बात से फिर गया। पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू हों, सिख हों, या ईसाई ही क्यों न हों, सभी के साथ भेदभाव होता रहा है।
...तो उन सभी को मिल जाएगी देश की नागरिकता
भारतीय होने की खुशी झलकी।
- फोटो : amar ujala
उन्हाेंने बताया कि दिसंबर 2014 तक भारत की नागरिकता के लिए आवेदन कर चुके पाकिस्तान, अफगास्तिान और बांग्लादेश के उन सभी अल्पसंख्यकों को भारत की नागरिकता दिलाने के लिए वे कटिबद्ध हैं जो धार्मिक उत्पीड़न के शिकार बने हैं। इसके लिए लोकसभा में बिल पास किया जा चुका है।
इसे राज्यसभा को भेजा गया, जहां से इसे स्थायी समिति को भेजा गया। समिति की रिपोर्ट आने और राज्यसभा में बहुमत मिलने के बाद बिल पास कर दिया जाएगा। जिस दिन यह कानून बन जाएगा, उसी दिन से उन सभी अल्पसंख्यकों को देश की नागरिकता मिल जाएगी।
...काम की बात करके निकल जाता हूं
राजनाथ सिंह ने अपने वक्तव्य को जल्द खत्म करते हुए कहा कि वे ज्यादा नहीं बोलना चाहते। लखनऊ आते हैं तो काफी कार्यक्रमों में शामिल होने का अवसर मिलता है। वे केवल विश्वविद्यालयों के आयोजनों में लंबे भाषण देते हैं, बाकी जगह काम की बात करके निकल जाते हैं।
नागरिकता पाने वालों में आधी महिलाएं
नागरिकता पाए लोगों में 27 महिलाएं हैं। वहीं इनमें 17 बेटियां हैं। इन सभी को नागरिकता दिए जाने पर उप्र प्रदेश सिंधु सभा ने गृहमंत्री का अभिनंदन किया। इनमें सभा अध्यक्ष अशोक मोतियानी, महामंत्री श्याम किशनानी, वीरेंद्र खत्री, मन्नू तेजवानी, विवेक त्यागी, विवेक लधानी, पुनीत और अशोक शामिल थे।
इसे राज्यसभा को भेजा गया, जहां से इसे स्थायी समिति को भेजा गया। समिति की रिपोर्ट आने और राज्यसभा में बहुमत मिलने के बाद बिल पास कर दिया जाएगा। जिस दिन यह कानून बन जाएगा, उसी दिन से उन सभी अल्पसंख्यकों को देश की नागरिकता मिल जाएगी।
...काम की बात करके निकल जाता हूं
राजनाथ सिंह ने अपने वक्तव्य को जल्द खत्म करते हुए कहा कि वे ज्यादा नहीं बोलना चाहते। लखनऊ आते हैं तो काफी कार्यक्रमों में शामिल होने का अवसर मिलता है। वे केवल विश्वविद्यालयों के आयोजनों में लंबे भाषण देते हैं, बाकी जगह काम की बात करके निकल जाते हैं।
नागरिकता पाने वालों में आधी महिलाएं
नागरिकता पाए लोगों में 27 महिलाएं हैं। वहीं इनमें 17 बेटियां हैं। इन सभी को नागरिकता दिए जाने पर उप्र प्रदेश सिंधु सभा ने गृहमंत्री का अभिनंदन किया। इनमें सभा अध्यक्ष अशोक मोतियानी, महामंत्री श्याम किशनानी, वीरेंद्र खत्री, मन्नू तेजवानी, विवेक त्यागी, विवेक लधानी, पुनीत और अशोक शामिल थे।