विदेश जाकर नौकरी करना चाहते हैं तो आपके लिए बड़ी खुशखबरी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाली समस्याओं में मदद मुहैया कराने के लिए राजधानी में जल्द ही माइग्रेंट रिसोर्स सेंटर खुलेगा। पंचायत चुनाव के बाद इसकी गतिविधियां शुरू करने की तैयारी है। एमआरसी का खाका तैयार कर लिया गया है।
एनआरआई विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विदेशों में रोजी-रोटी के लिए जाने की चाहत रखने वाले कई बार बिचौलिए के चक्कर में फंस जाते हैं।
विदेश पहुंचने पर उन्हें पता चलता है कि वे कबूतरबाजी के शिकार हो चुके हैं। एमआरसी गलत तरीके से होने वाले माइग्रेशन को रोकने और वैध माइग्रेशन को बढ़ावा देने का काम करेगा।
इसकी स्थापना का काम वित्तीय निगम कराएगा। इसके क्षेत्रीय कार्यालयों में एमआरसी के कार्यालय खोले जाएंगे। एमआरसी के खाके को अंतिम रूप दे दिया गया है। इस केंद्र के जरिये बड़ी संख्या में बेरोजगार युवाओं को विदेशों में रोजगार दिलाने की रणनीति तैयार की गई है।
शासन स्तर पर निर्णय के बाद यह केंद्र शुरू हो जाएगा। इस सेंटर के शुरू होते ही रजिस्टर्ड रिक्रूटमेंट एजेंसियों से तालमेल कर इम्प्लॉयमेंट ड्राइव शुरू करना भी है। संकेत है कि पंचायत चुनाव खत्म होने के बाद इस सेंटर को शुरू कर दिया जाएगा।
ये सभी सुविधाएं देगा केंद्र
वॉक-इन-काउंसलिंग : यह केंद्र फेस-टू-फेस काउंसलिंग का अवसर मुहैया कराएगा और विदेशों में माइग्रेशन से जुड़ी कानूनी सलाह देगा। यहां विदेशों में रोजगार के अवसर, उसके लिए योग्यता तथा काम के लिए स्किल और अन्य आवश्यकताओं की जानकारी दी जाएगी। गैरकानूनी माइग्रेशन रोकने में यह सेंटर अहम भूमिका निभाएगा।
हेल्पलाइन : टेलीफोन हेल्पलाइन की सुविधा शुरू की जाएगी। सरकार ने अपनी हेल्पलाइन को अप्रवासी भारतीय मंत्रालय के ओवरसीज वर्कर्स रिसोर्स सेंटर (ओडब्ल्यूआरसी) की हेल्पलाइन से जोड़ने की योजना बनाई है। इसके लिए ओडब्ल्यूआरसी से टाई-अप करने का प्रस्ताव है।
वेरिफिकेशन सेंटर : यहां से विदेशी चयनकर्ताओं, नौकरी प्रदाताओं के बारे में जानकारी दी जाएगी। यह भी बताया जाएगा कि किस देश में नौकरी के अवसर हैं और वहां के लिए क्या प्रक्रिया है। कौन-कौन से डॉक्यूमेंट लगते हैं। किस चीज के लिए कितना शुल्क पड़ेगा। विदेश जाने के लिए कामगारों को वीजा और यात्रा सुविधाओं में सहयोग तो दिया ही जाएगा, उस देश की भाषा व संस्कृति की जानकारी भी दी जाएगी।
काउंसलिंग क्राइसिस सेंटर : यहां भर्ती से जुड़ी व अन्य किसी तरह की शिकायतों की सुनवाई की जाएगी। यह सेंटर कामगारों की मुश्किल की घड़ी में उन्हें व उनके परिवार की मदद दिलाने में सहयोग करेगा।
माइग्रेंट रिसोर्स सेंटर खोलने की कार्यवाही एनआरआई विभाग को सौंपी गई है। इसे वित्तीय निगम संचालित करेगा। पंचायत चुनाव की आचार संहिता खत्म होने के बाद इसकी विधिवत शुरुआत करा दी जाएगी।
आलोक रंजन, मुख्य सचिव