अब ट्रेन चलाने के लिए नहीं पड़ेगी ड्राइवर की जरूरत!
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मेट्रो ट्रेन चलाने के लिए ड्राइवर पर निर्भरता जल्द समाप्त होगी। रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गनाइजेशन (आरडीएसओ) ने खास कम्युनिकेशन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल (सीबीटीसी) सिस्टम के तहत ऐसा तंत्र विकसित किया है, जिसमें कंट्रोल रूम में बैठे-बैठे ट्रेन का सफलतापूर्वक संचालन किया जा सकता है।
इसका ट्रायल हैदराबाद मेट्रो में किया जा रहा है। सब कुछ ठीक रहा तो मेट्रो ट्रेन के बाद अगले चरण में सामान्य यात्री ट्रेनों में भी इसका इस्तेमाल किया जाएगा।
सीबीटीसी एक तरह का सिग्नलिंग सिस्टम है, जो रेलवे ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए इस्तेमाल होता है। दुनिया के कई प्रमुख देशों में कई वर्षों से इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। जानकारों के मुताबिक ,यह स्स्टिम ट्रेन संचालन के लिए ज्यादा प्रभावी एवं सुरक्षित माना जाता है।
इसमें खास ट्रैकिंग सर्किट लगाकर ट्रेन की सटीक स्थिति, रफ्तार, दिशा एवं अन्य जरूरी जानकारियां पलक झपकते ही मिल जाती हैं। इस सिस्टम के जरिये बिना ड्राइवर के ट्रेन की दिशा, रफ्तार एवं गति को नियंत्रित किया जा सकता है।
दिल्ली में जल्द होगा ट्रायल
भारत में इस सिस्टम से ट्रेनों का संचालन शुरू करने के मकसद से आरडीएसओ ने शोध एवं विकास के बाद सफलतापूर्वक ट्रायल शुरू किया है।
आरडीएसओ अधिकारियों के मुताबिक इसका इस्तेमाल सबसे पहले हैदराबाद मेट्रो में किया जा रहा है। हालांकि ट्रायल के वक्त मेट्रो ट्रेन में ड्राइवर मौजूद रहता है, मगर इसका संचालन सीबीटीसी सिस्टम से ही किया जा रहा है।
अगले एक-दो माह में दिल्ली मेट्रो में भी इसका ट्रायल शुरू किया जाएगा। मौजूदा व्यवस्था में दो ट्रेनों के बीच 90 सेकंड का फासला रहता है, मगर इस खास तकनीक से इसे घटाकर 60 सेकंड तक किया जा सकेगा।