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...तो मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए मिल जाएंगे 5500 करोड़
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 25 Aug 2014 04:12 PM IST
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उम्मीद के अनुरूप मेट्रो रेल परियोजना बड़ी तेजी से रफ्तार पकड़ने लगी है। एक और बाधा आज पार हो जाएगी और इसी के साथ इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के पहले फेज की साठ फीसदी रकम यानी 5500 करोड़ रुपये मिलने की राह भी खुल जाएगी।
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परियोजना को हरी झंडी के लिए दिल्ली में सोमवार को पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (पीआईबी) की बैठक हो रही है।
इसमें हिस्सा लेने के लिए सचिव आवास पंधारी यादव, एलएमआरसी के एमडी कुमार केशव और एक्सईएन आरके तिवारी रविवार को दिल्ली रवाना हो गए।
पीआईबी की मीटिंग में एलएमआरसी का लखनऊ मेट्रो प्रोजेक्ट सोमवार को रखा जाएगा। पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड देश की उन परियोजनाओं को केंद्रीय और विदेशी मदद का रास्ता खोलता है, जिनका उपयोग जनता के लिए होता है।
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केंद्र का वित्त मंत्रालय इस बोर्ड का कर्ताधर्ता होता है। जनता के लिए उपयोगी परियोजनाओं को इस इन्वेस्टमेंट बोर्ड की पूरी मदद मिलती है।
लखनऊ मेट्रो को अपने पहले फेज में कुल बजट के करीब 6800 करोड़ रुपये में से 60 फीसदी करीब 5500 करोड़ रुपये केंद्र और विदेशी ऋण से मिलेंगे।
इन्वेस्टमेंट बोर्ड से पास होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली यूनियन कैबिनेट के समक्ष ये प्रस्ताव जाएगा। यहां मंजूरी मिलते ही केंद्रीय मदद मिलेगी और विदेशी ऋण का रास्ता भी साफ होगा।
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विदेशी ऋण के लिए केंद्र सरकार एक गारंटर बन जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि हर हाल में पीआईबी की हरी झंडी लखनऊ मेट्रो परियोजना को मिल जाएगी। जिसके बाद में एक बड़ा पड़ाव पार हो जाएगा।
पॉलीटेक्निक के पास शिफ्ट करेंगे मेट्रो स्टेशन
पॉलीटेक्निक चौराहे के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर मेट्रो का स्टेशन बायीं ओर तय स्थान से थोड़ा हटा कर बनाया जाएगा। एनएचएआई के इस प्रस्ताव को एलएमआरसी ने मंजूर कर लिया है।
दरअसल लखनऊ फैजाबाद रोड हाईवे पर एनएचएआई को एक फ्लाईओवर बनाना है। इसके लिए मेट्रो के लिए यहां बनने वाले स्टेशन को थोड़ा शिफ्ट किया जाना जरूरी हो गया है।
एनएचएआई और एलएमआरसी के बीच इस मुद्दे पर समझौता हो गया। नार्थ साउथ कॉरिडोर में पालीटेक्निक के पास मुंशीपुलिया की ओर जाते समय बायीं ओर एक मेट्रो का स्टेशन प्रस्तावित है। एनएचएआई को इस स्टेशन पर आपत्ति है।
इसी जगह पर भविष्य में फ्लाईओवर का पिलर होगा। ऐसे में जुलाई में एक मीटिंग की हुई थी। इसके बाद में 21 अगस्त को एक स्थलीय परीक्षण दोनों ही एजेंसियों के अधिकारियों ने किया था।
एलएमआरसी के एक अधिकारी ने बताया कि ये कोई बड़ी अड़चन नहीं है। हम स्टेशन शिफ्ट करने के लिए राजी हैं।