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लखनऊ में इस तरह मीटर स्लो कर चल रहा है बिजली चोरी का खेल, फंस चुके हैं ये भी...
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 06 Nov 2017 01:11 PM IST
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- फोटो : amarujala
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केस- 1
इंदिरानगर में चेकिंग के दौरान विनोद कुमार सिंह के घर के मीटर की जांच हुई तो बिजली चोरी का खुलासा हुआ। जांच में इनका मीटर 77 फीसदी स्लो पाया गया था। इस मीटर को सील कर नया मीटर लगाया गया।
केस-2
डालीगंज के मौसमबाग निवासी ओपी वर्मा के मीटर की दस्ते ने जांच की। जांच के दौरान पाया गया कि मीटर 83 फीसदी स्लो है। यानी 100 यूनिट बिजली जलने पर मीटर में 17 यूनिट रीडिंग दर्ज होती थी।
केस-3
गोमतीनगर के विनय खंड निवासी माता प्रसाद गुप्ता के परिवार ने मीटर की जांच नहीं करने दी। पुलिस केस दर्ज कराने की चेतावनी के बाद मीटर की जांच हुई तो यह 75 फीसदी सुस्त पाया गया। इसके बाद कार्रवाई की गई।
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मीटर स्लो कर बिजली चोरी के ये तो चंद उदाहरण हैं। पूरी राजधानी में ऐसा ही खेल चल रहा है। अब तक ऐसे चार लाख स्लो मीटरों का खुलासा हो चुका है। ये मीटर खोलकर चेक किए गए तो अधिकतर में रिमोट व शंट करके उनको स्लो किया गया था, जिससे धड़ल्ले से बिजली चोरी की जा रही थी।
लेसा ने इस खुलासे के बाद लंबे अरसे तक अभियान चलाकर स्लो मीटरों को बदलाया। अब इन मीटरों में एक बार फिर से रिमोट लगने का सिलसिला शुरू हो चुका है। डोर टू डोर मीटर रीडिंग दर्ज करके बिल जनरेट करने वाले कर्मियों के मुताबिक राजधानी में जिन चार लाख स्लो मीटरों को बदलकर उनके स्थान पर दूसरे मीटर लगाए गए थे, उनमें एक बार फिर रिमोट एवं शंट (अवरोध) लगाने का सिलसिला तेजी से शुरू हुआ है।
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इंदिरानगर में चेकिंग के दौरान विनोद कुमार सिंह के घर के मीटर की जांच हुई तो बिजली चोरी का खुलासा हुआ। जांच में इनका मीटर 77 फीसदी स्लो पाया गया था। इस मीटर को सील कर नया मीटर लगाया गया।
केस-2
डालीगंज के मौसमबाग निवासी ओपी वर्मा के मीटर की दस्ते ने जांच की। जांच के दौरान पाया गया कि मीटर 83 फीसदी स्लो है। यानी 100 यूनिट बिजली जलने पर मीटर में 17 यूनिट रीडिंग दर्ज होती थी।
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केस-3
गोमतीनगर के विनय खंड निवासी माता प्रसाद गुप्ता के परिवार ने मीटर की जांच नहीं करने दी। पुलिस केस दर्ज कराने की चेतावनी के बाद मीटर की जांच हुई तो यह 75 फीसदी सुस्त पाया गया। इसके बाद कार्रवाई की गई।
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मीटर स्लो कर बिजली चोरी के ये तो चंद उदाहरण हैं। पूरी राजधानी में ऐसा ही खेल चल रहा है। अब तक ऐसे चार लाख स्लो मीटरों का खुलासा हो चुका है। ये मीटर खोलकर चेक किए गए तो अधिकतर में रिमोट व शंट करके उनको स्लो किया गया था, जिससे धड़ल्ले से बिजली चोरी की जा रही थी।
लेसा ने इस खुलासे के बाद लंबे अरसे तक अभियान चलाकर स्लो मीटरों को बदलाया। अब इन मीटरों में एक बार फिर से रिमोट लगने का सिलसिला शुरू हो चुका है। डोर टू डोर मीटर रीडिंग दर्ज करके बिल जनरेट करने वाले कर्मियों के मुताबिक राजधानी में जिन चार लाख स्लो मीटरों को बदलकर उनके स्थान पर दूसरे मीटर लगाए गए थे, उनमें एक बार फिर रिमोट एवं शंट (अवरोध) लगाने का सिलसिला तेजी से शुरू हुआ है।
इन इलाकों में दोबारा लगे रिमोट
डेमो
- फोटो : डेमो
डोर टू डोर मीटर रीडिंग दर्ज करके बिल जनरेट करने वाले कर्मियों के मुताबिक राजधानी में जिन चार लाख स्लो मीटरों को बदलकर उनके स्थान पर दूसरे मीटर लगाए गए थे, उनमें एक बार फिर रिमोट एवं शंट (अवरोध) लगाने का सिलसिला तेजी से शुरू हुआ है। कर्मियों ने बताया कि रहीमनगर, विकासनगर एवं राजाजीपुरम में बदले गए मीटरों में खपत बिजली पर पहले जितनी रीडिंग आती थी, उसकी एक चौथाई रह गई है। ऐसे मीटरों को खोलकर उसमें छेड़छाड़ करने के साक्ष्य उपलब्ध हैं। अंदेशा है कि इन मीटरों में दोबारा रिमोट लगाकर बिजली चोरी की जा रही है।
इन इलाकों में दोबारा लग गए रिमोट
विकासनगर, खुर्रमनगर, पिकनिट स्पॉट रोड, कुर्सी रोड, अलीगंज, सीतापुर रोड, इंदिरानगर, कल्याणपुर, चिनहट, महानगर, डालीगंज, चौक, चौपटिया, अकबरी गेट, काश्मीरी मोहल्ला, सआदतगंज, काजमैन, राजाजीपुरम, मोहान रोड, अमीनाबाद, गणेशगंज, चारबाग, आलमबाग, एलडीए कालोनी, आशियाना, कृष्णानगर, बंगला बाजार, वृंदावन एवं तेलीबाग इलाके में सिंडीकेट बहुत तेज गति से मीटरों में रिमोट लगार उनको स्लो किया जा रहा है।
चेकिंग में फंस चुके ‘बड़े’
स्लो मीटर की चेकिंग में गोमतीनगर, इंदिरानगर एवं महानगर के कई ‘बड़े’ फंस चुके हैं। ‘बड़े’ यानि अफसरों एवं सफेदपोश के घर के मीटर स्लो पाए गए तो टेस्ट डिवीजन के इंजीनियरों ने गुपचुप तरीके से मीटरों को बदल कर जुर्माना असेसमेंट जमा करा दिया। इंजीनियरों ने ऐसे मामले दबा लिए। इनके घर में पांच-पांच एसी चालू पाए गये थे, लेकिन तीन हजार रुपये महीने का बिल चुका रहे थे।
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने मीटर में रिमोट, शंट लगाकर उसकी स्पीड को स्लो करके बिजली चोरी करने वालोें की चेकिंग दो एजेंसियों को सौंपी थी। एजेंसियों का ठेका खत्म होने के बाद यह कार्य ठप हो गया है। जिन मीटरों में दोबारा रिमोट लगाने की सूचनाएं आ रही हैं उनकी जांच कराएंगे। - आशुतोष कुमार, मुख्य अभियंता लेसा
इन इलाकों में दोबारा लग गए रिमोट
विकासनगर, खुर्रमनगर, पिकनिट स्पॉट रोड, कुर्सी रोड, अलीगंज, सीतापुर रोड, इंदिरानगर, कल्याणपुर, चिनहट, महानगर, डालीगंज, चौक, चौपटिया, अकबरी गेट, काश्मीरी मोहल्ला, सआदतगंज, काजमैन, राजाजीपुरम, मोहान रोड, अमीनाबाद, गणेशगंज, चारबाग, आलमबाग, एलडीए कालोनी, आशियाना, कृष्णानगर, बंगला बाजार, वृंदावन एवं तेलीबाग इलाके में सिंडीकेट बहुत तेज गति से मीटरों में रिमोट लगार उनको स्लो किया जा रहा है।
चेकिंग में फंस चुके ‘बड़े’
स्लो मीटर की चेकिंग में गोमतीनगर, इंदिरानगर एवं महानगर के कई ‘बड़े’ फंस चुके हैं। ‘बड़े’ यानि अफसरों एवं सफेदपोश के घर के मीटर स्लो पाए गए तो टेस्ट डिवीजन के इंजीनियरों ने गुपचुप तरीके से मीटरों को बदल कर जुर्माना असेसमेंट जमा करा दिया। इंजीनियरों ने ऐसे मामले दबा लिए। इनके घर में पांच-पांच एसी चालू पाए गये थे, लेकिन तीन हजार रुपये महीने का बिल चुका रहे थे।
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने मीटर में रिमोट, शंट लगाकर उसकी स्पीड को स्लो करके बिजली चोरी करने वालोें की चेकिंग दो एजेंसियों को सौंपी थी। एजेंसियों का ठेका खत्म होने के बाद यह कार्य ठप हो गया है। जिन मीटरों में दोबारा रिमोट लगाने की सूचनाएं आ रही हैं उनकी जांच कराएंगे। - आशुतोष कुमार, मुख्य अभियंता लेसा