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दुर्लभ बीमारियों का एसजीपीजीआई में हो सकेगा इलाज

Sun, 04 Apr 2021 01:34 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 04 Apr 2021 01:34 AM IST
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Medical facilities will increase in pgi
पीजीआई में बढ़ेंगी चिकित्सकीय सुविधाएं। - फोटो : ??? ?????
दुर्लभ एवं आनुवांशिक बीमारियों के मरीजों का इलाज अब आसान हो जाएगा। देशभर के छह एक्सीलेस सेंटर में शामिल एसजीपीजीआई में अब मरीजों को 20 लाख रुपये तक का इलाज मिल सकेगा।
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यह सुविधा केंद्र सरकार राष्ट्रीय अरोग्य निधि से उपलब्ध करेगी। इसके लिए पॉलिसी जारी कर दी गई है।
केंद्र सरकार की ओर से देशभर में आठ रेयर डिजीज के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाए गए हैं।
इन बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए पॉलिसी तैयार की जा रही थी, जिसे अब जारी कर दिया गया है। पॉलिसी के तहत बीमारी की चपेट में आने वाले को 20 लाख रुपये तक की मदद की जाएगी।
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बीपीएल मरीजों को अतिरिक्त सुविधा दी जाएगी। इसी तरह जिन दंपती के एक बच्चे को यह बीमारी होगी, उनकी नियमित जांच की जाएगी।
दूसरा गर्भधारण करने से पहले कुछ जांचें कराई जाएंगी ताकि दूसरे बच्चे को इस बीमारी से बचाया जा सके। सरकार से मदद मिलने पर उन बच्चों को भी बचाया जा सकेगा, जो बीमारी की चपेट में आने के बाद 3 से 5 साल के अंदर दम तोड़ देते हैं।
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बीमारी पर शोध भी होगा
दुर्लभ बीमारियों पर नेशनल रजिस्ट्री फॉर रेयर एंड अदर इन्हेरीटेड डिजीज (एनआरआरओआईडी) शुरू किया जा रहा है। आईसीएमआर की ओर से शुरू किए गए इस प्रोजेक्ट के जरिए बीमारी रोकने की नई तकनीक विकसित की जाएगी। मेडिकल जेनेटिक्स विभागाध्यक्ष शुभा फड़के ने बताया कि नए शोध से बीमारी नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

जानिए ये हैं दुर्लभ बीमारियां
दुनिया में लगभग 7000 ऐसे रोग हैं जिन्हें दुर्लभ माना जाता है। कुछ श्वसन तंत्र, पाचन तंत्र को प्रभावित करती हैं तो कुछ ब्रेन और नर्वस सिस्टम, मस्कुलर आदि को।
ये लक्षण दिखें तो चिकित्सक को जरूर दिखाएं
- बच्चे में जन्म के बाद दौरा या बेहोशी बार-बार हो।
- शरीर में अकड़न या शिथिलता नजर आए।
- शरीर या पेशाब से तेज दुर्गंध आने लगे।
- त्वचा में बदलाव या दाने निकलें। समय के साथ उसमें बदलाव होने लगे।
- बच्चे का मानसिक या शारीरिक विकास न होना।
- सिर का सामान्य से छोटा या बड़ा होना। चेहरे में बदलाव नजर आए।
- सांस ज्यादा तेज या धीमे आने लगे।
- हड्डियां बार बार टूटें। बच्चे के जरा सा गिरने पर हड्डी टूट जाए या टेढ़ी-मेढ़ी नजर आए।
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