‘डॉक्टर साहब, आप लोग मरीज का गला क्यों काट देते हैं’
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अरे, यह बच्चा जार में क्यों है? सर, आप लोग मरीज का गला क्यों काट देते हैं?...ये आईसीयू और वेंटिलेटर क्या होता है...यहां कैसे काम होता है?
उत्सुकता और जिज्ञासा से भरे ये सवाल हैं तरंग 2015 के अंतर्गत जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में लगी प्रदर्शनी को देखने पहुंचे विभिन्न स्कूलों के बच्चों के।
जूनियर डॉक्टरों और एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे स्टूडेंटों ने बच्चों के सवालों के जवाब देकर उनकी जिज्ञासाएं शांत कीं।
क्यों है बच्चा जार में...
एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. एके वर्मा, डॉ. रूबल, डॉ. मोनिका, डॉ. रोहित आदि ने बताया कि जिन मरीजों को सांस लेने में परेशानी होती है, उन्हें वेंटिलेटर पर रखा जाता है।
और हां, उनका गला नहीं काटा जाता बल्कि हल्का सा छेदकर सांस की नली में पाइप डाल दी जाती है ताकि मरीज सांस ले सके।
स्त्री रोग विभाग की डॉ. श्वेता ने बताया कि जार में जो बच्चा है, उसके दिमाग का विकास नहीं हो पाया था। इसके बाद स्टूडेंटों ने नेत्र रोग विभाग की ओर से लगाए गए स्टाल में बकरी की आंख के अंदरूनी हिस्से को मशीनों की सहायता से देखा। प्रदर्शनी में कुल 39 स्टाल लगाए गए थे।