लखनऊ विश्वविद्यालय में फिर बनेगी मेधावी छात्र समिति, कुलपति ने दी मंजूरी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ विश्वविद्यालय की विभिन्न समितियों में छात्रों की सक्रिय भागीदारी और बढ़ाने के लिए एक बार फिर से मेधावी छात्र परिषद का गठन करने का फैसला किया है। कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने इस पर अपनी मंजूरी दे दी है।
प्रवक्ता डॉ. दुर्गेश श्रीवास्तव ने बताया कि इसका मकसद विवि की गतिविधियों के आयोजन में छात्रों की भागीदारी बढ़ाना, प्रोत्साहित करना, शैक्षिक और मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन, विवि की शैक्षिक परियोजनाओं में छात्रों की भागीदारी सुनिश्चित करना है। साथ ही परिषद के गठन के मकसद में छात्र सेवा सुविधाओं पर रचनात्मक प्रतिक्रिया देना, एंटी-रैगिंग समिति की सहायता करना, विवि प्रशासन को छात्र समस्याओं से अवगत कराना, छात्रों की समस्याओं को पहचानने और उन्हें सुलझाने में विवि के प्रयासों में भाग लेना शामिल है।
उच्चतम अंक वाले छात्र किए जाएंगे आमंत्रित
पहले सेमेस्टर/वर्ष में उच्चतम अंक वाले विद्यार्थियों को समिति द्वारा उनकी प्रस्तावित योजनाओं को प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। उनकी संचार कौशल, प्रस्तुति में रखे दृष्टिकोण और भविष्य की योजनाओं की व्यवहार्यता पर मूल्यांकन की गई प्रस्तुतियों के आधार पर, समिति सदस्यों का चयन करेगी।
परिषद में ये होंगे शामिल
परिषद में एक अध्यक्ष, उपाध्यक्ष (2), महासचिव, संयुक्त सचिव (1,2), कला प्रतिनिधि, शिक्षा प्रतिनिधि, इंजीनियरिंग प्रतिनिधि, विज्ञान प्रतिनिधि, वाणिज्य प्रतिनिधि, प्रबंधन प्रतिनिधि, कानून प्रतिनिधि साहित्य प्रतिनिधि, मीडिया प्रतिनिधि और खेल प्रतिनिधि पदाधिकारी के रूप में शामिल होंगे।
काउंसिल के सभी सदस्यों को कुलपति द्वारा डीन, स्टूडेंट्स वेलफेयर के साथ गठित एक विशेष समिति की सिफारिश के आधार पर नामित किया जाएगा। डीन स्टूडेंट वेलफेयर इसका समन्वयन करेंगे।