{"_id":"66fbf48f733c598c260d2003","slug":"medals-showed-the-shine-of-future-in-the-field-of-pharma-lucknow-news-c-13-1-lko1020-897101-2024-10-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: पदकों ने दिखाई फार्मा के क्षेत्र में भविष्य की चमक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: पदकों ने दिखाई फार्मा के क्षेत्र में भविष्य की चमक
Tue, 01 Oct 2024 06:39 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Tue, 01 Oct 2024 06:39 PM IST
विज्ञापन
लखनऊ। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (नाईपर) के नौवें दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों ने मेडल की चमक में अपने भविष्य की राह तलाशी। पांच विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक और छह विद्यार्थियों को रजत पदक से सम्मानित किया गया है।
कार्यक्रम में कुल 114 छात्र-छात्राओं को डिग्री दी गई। उपाधि धारकों में 108 विद्यार्थियों को एमएस (फार्मा) और छह विद्यार्थियों को पीएचडी की उपाधि दी गई। समारोह में विशिष्ट अतिथि केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान की निदेशक डॉ. राधा रंगराजन व डॉ. मधु दीक्षित ने टॉपर्स को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया।
डॉ. राधा ने कहा कि भारत दुनिया के 200 से अधिक देशों को सस्ती दवाओं की आपूर्ति कर रहा है। जो फार्मेसी के क्षेत्र में भारत की अलग पहचान स्थापित कर रहा है। हमें इस निरंतरता को मजबूत करना है। निदेशक प्रो. शुभिनी ए. सराफ ने कहा कि नाईपर उच्च ट्रेनिंग देने वाले और औषधि अनुसंधान में एक अग्रणी संस्थान के रूप में स्थापित हो रहा है।
विज्ञापन
छात्राओं को मिले सर्वाधिक मेडल
समारोह वितरित कुल 11 पदकों में सर्वाधिक आठ पदक (तीन स्वर्ण व पांच रजत) लड़कियों को मिले हैं। स्वर्ण पदक से सम्मानित होने वालों में मेडिसिनल केमिस्ट्री विभाग से सोनिया, फार्मास्युटिक्स कोर्स से लोंढे सचिन भीमराव, फार्माकोलॉजी व टॉक्सिकोलॉजी से शिवानी, रेग्युलेटरी टॉक्सिकोलॉजी ब्रांच से पटेल पार्थकुमार राकेशकुमार और बायोटेक्नॉलजी विभाग से रशि राठौर को स्वर्ण पदक दिए गए। जतिन कुमार, रागिनी राय, बलकी स्नेहा सुधाकर, चौधरी साक्षी अरुण व डोंगरे दिपाली बारकू को रजत पदक से सम्मानित किया गया।
नहीं पहुंच पाए मुख्य अतिथि
दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि केंद्रीय औषधि विभाग के सचिव डॉ. अरुणीश चावला निजी कारणों से कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए। ऐसे में उन्होंने अपनी प्रतिनिधि के माध्यम विद्यार्थियों को दीक्षांत समारोह का उद्बोधन साझा किया। उन्होंने कहा कि नाईपर अपनी काबिलियत के दम पर नोवल ड्रग डिलीवरी पर आधारित एक ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ (विशिष्ट केंद्र) बनकर तैयार होगा।
इन्हें मिली पीएचडी की उपाधि
दीक्षांत समारोह में छह शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि दी गई। इसमें भैषजिकी से अजीत सिंह, फरहान मजाहिर व मयंक हांडा, औषधि एवं विष विज्ञान से देवरे मोनिका सुधाकर व मंगलदीप दे, औषधीय रसायन शास्त्र से राजेश कुमार पाटीदार शामिल रहे।
विज्ञापन
कार्यक्रम में कुल 114 छात्र-छात्राओं को डिग्री दी गई। उपाधि धारकों में 108 विद्यार्थियों को एमएस (फार्मा) और छह विद्यार्थियों को पीएचडी की उपाधि दी गई। समारोह में विशिष्ट अतिथि केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान की निदेशक डॉ. राधा रंगराजन व डॉ. मधु दीक्षित ने टॉपर्स को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया।
विज्ञापन
डॉ. राधा ने कहा कि भारत दुनिया के 200 से अधिक देशों को सस्ती दवाओं की आपूर्ति कर रहा है। जो फार्मेसी के क्षेत्र में भारत की अलग पहचान स्थापित कर रहा है। हमें इस निरंतरता को मजबूत करना है। निदेशक प्रो. शुभिनी ए. सराफ ने कहा कि नाईपर उच्च ट्रेनिंग देने वाले और औषधि अनुसंधान में एक अग्रणी संस्थान के रूप में स्थापित हो रहा है।
विज्ञापन
छात्राओं को मिले सर्वाधिक मेडल
समारोह वितरित कुल 11 पदकों में सर्वाधिक आठ पदक (तीन स्वर्ण व पांच रजत) लड़कियों को मिले हैं। स्वर्ण पदक से सम्मानित होने वालों में मेडिसिनल केमिस्ट्री विभाग से सोनिया, फार्मास्युटिक्स कोर्स से लोंढे सचिन भीमराव, फार्माकोलॉजी व टॉक्सिकोलॉजी से शिवानी, रेग्युलेटरी टॉक्सिकोलॉजी ब्रांच से पटेल पार्थकुमार राकेशकुमार और बायोटेक्नॉलजी विभाग से रशि राठौर को स्वर्ण पदक दिए गए। जतिन कुमार, रागिनी राय, बलकी स्नेहा सुधाकर, चौधरी साक्षी अरुण व डोंगरे दिपाली बारकू को रजत पदक से सम्मानित किया गया।
नहीं पहुंच पाए मुख्य अतिथि
दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि केंद्रीय औषधि विभाग के सचिव डॉ. अरुणीश चावला निजी कारणों से कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए। ऐसे में उन्होंने अपनी प्रतिनिधि के माध्यम विद्यार्थियों को दीक्षांत समारोह का उद्बोधन साझा किया। उन्होंने कहा कि नाईपर अपनी काबिलियत के दम पर नोवल ड्रग डिलीवरी पर आधारित एक ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ (विशिष्ट केंद्र) बनकर तैयार होगा।
इन्हें मिली पीएचडी की उपाधि
दीक्षांत समारोह में छह शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि दी गई। इसमें भैषजिकी से अजीत सिंह, फरहान मजाहिर व मयंक हांडा, औषधि एवं विष विज्ञान से देवरे मोनिका सुधाकर व मंगलदीप दे, औषधीय रसायन शास्त्र से राजेश कुमार पाटीदार शामिल रहे।