{"_id":"5ac466d54f1c1bdd618b5599","slug":"mbbs-student-commited-suicide","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"तीन पेपर में बैक आने पर एमबीबीएस छात्र ने उठाया ऐसा कदम कि परिवार में मच गया कोहराम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन पेपर में बैक आने पर एमबीबीएस छात्र ने उठाया ऐसा कदम कि परिवार में मच गया कोहराम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 04 Apr 2018 11:17 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आलमबाग निवासी सुमित सिद्धार्थ गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस कर रहा था। मंगलवार की सुबह न्यू यूजी छात्रावास के कमरा नंबर 119 में उसका शव फंदे से लटकता मिला। छात्र की खुदकुशी की सूचना से कॉलेज में अफरातफरी मच गई। आत्महत्या का कारण डिप्रेशन माना जा रहा है।
कहा जा रहा कि तीन विषयों में सप्लीमेंट्री आया था। माइक्रोबॉयोलॉजी, फार्मा और पैथोलॉजी विषय में उसे पासिंग मॉर्क्स नहीं मिले थे। सोमवार को सुमित सिद्धार्थ का पैथोलॉजी का सप्लीमेंट्री पेपर था।
रविवार की रात से ही नजर न आए सुमित के बगल के कमरे में रहने वाले साथी ने मंगलवार की सुबह उसके कमरे का दरवाजा खटखटाया। कोई जवाब न मिलने पर और छात्र वहां आ गए। सुबह नौ बजे के करीब दरवाजे के ऊपर लगी जारी से छात्रों ने झांका तो देखा कि उसका शव पंखे से लगे फंदे से लटक रहा था।
विज्ञापन
छात्रों ने वार्डन डॉ. शहबाज अहमद को इसकी जानकारी दी। इसके बाद वार्डन और असिस्टेंट वार्डन डॉ. विनय सिंह ने प्राचार्य गणेश कुमार को और उन्होंने गुलरिहा थानाध्यक्ष और मेडिकल कॉलेज चौकी इंचार्ज को जानकारी दी। बाद में प्राचार्य की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई। सुमित का घर आलमबाग के 570/557 विराटनगर में है। पिता राजेंद्र पटना में इंडियन डिफेंस ऑडिट में डायरेक्टर पद पर तैनात हैं। शाम को वह गोरखपुर पहुंचे।
विज्ञापन
कहा जा रहा कि तीन विषयों में सप्लीमेंट्री आया था। माइक्रोबॉयोलॉजी, फार्मा और पैथोलॉजी विषय में उसे पासिंग मॉर्क्स नहीं मिले थे। सोमवार को सुमित सिद्धार्थ का पैथोलॉजी का सप्लीमेंट्री पेपर था।
विज्ञापन
रविवार की रात से ही नजर न आए सुमित के बगल के कमरे में रहने वाले साथी ने मंगलवार की सुबह उसके कमरे का दरवाजा खटखटाया। कोई जवाब न मिलने पर और छात्र वहां आ गए। सुबह नौ बजे के करीब दरवाजे के ऊपर लगी जारी से छात्रों ने झांका तो देखा कि उसका शव पंखे से लगे फंदे से लटक रहा था।
विज्ञापन
छात्रों ने वार्डन डॉ. शहबाज अहमद को इसकी जानकारी दी। इसके बाद वार्डन और असिस्टेंट वार्डन डॉ. विनय सिंह ने प्राचार्य गणेश कुमार को और उन्होंने गुलरिहा थानाध्यक्ष और मेडिकल कॉलेज चौकी इंचार्ज को जानकारी दी। बाद में प्राचार्य की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई। सुमित का घर आलमबाग के 570/557 विराटनगर में है। पिता राजेंद्र पटना में इंडियन डिफेंस ऑडिट में डायरेक्टर पद पर तैनात हैं। शाम को वह गोरखपुर पहुंचे।
...तो रविवार की रात उठाया आत्मघाती कदम
पुलिस ने जब कमरे का दरवाजा तोड़ा वहां दुर्गंध फैल गई। अनुमान लगाया जा रहा है कि सुमित सिद्धार्थ ने रविवार की देर रात में आत्मघाती कदम उठाया होगा। फोरेंसिक टीम ने कमरे का निरीक्षण किया। एसपी सिटी ने भी तफ्तीश की। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
बाबा की तेरही में भदोही गया था पूरा परिवार
सुमित के चाचा सत्यप्रकाश के मुताबिक भाई राजेन्द्र प्रसाद व उनकी पत्नी किरण विराट नगर में रहते हैं। वहीं, सुमित के भाई एलन कक्षा आठवीं और बहन एलिस सातवीं की छात्रा है। सत्यप्रकाश का परिवार आलमबाग के आजादनगर में रहता हैं। कुछ दिन पहले सुमित के बाबा परमानंद की तेरही थी। इसमें शामिल होने के लिए पूरा परिवार भदोही गया हुआ था।
पहली बार में हुआ था एमबीबीएस में प्रवेश
चाचा के मुताबिक सुमित पढ़ने में काफी होनहार था। पहली बार में ही उसका प्रवेश एमबीबीएस में हुआ था। परिवारीजनों के मुताबिक सुमित खुदकुशी नहीं कर सकता है। इस बात पर कोई भी विश्वास नहीं कर रहा है। पड़ोसी मोहित के मुताबिक सुमित सीबीएससी परीक्षा प्रथमश्रेणी में पास हुआ। दूसरों की मदद करने को हमेशा तैयार रहता था। कॉलोनी में जिसने भी सुमित की मौत की खबर सुनी एक बार यकीन ही नहीं कर रहा है। वहीं एक अन्य पड़ोसी युवक ने बताया कि उसे अपने सभी विषयों पर अच्छी पकड़ थी। पढ़ाई में कॉलोनी के युवकों की मदद करता था।
बाबा की तेरही में भदोही गया था पूरा परिवार
सुमित के चाचा सत्यप्रकाश के मुताबिक भाई राजेन्द्र प्रसाद व उनकी पत्नी किरण विराट नगर में रहते हैं। वहीं, सुमित के भाई एलन कक्षा आठवीं और बहन एलिस सातवीं की छात्रा है। सत्यप्रकाश का परिवार आलमबाग के आजादनगर में रहता हैं। कुछ दिन पहले सुमित के बाबा परमानंद की तेरही थी। इसमें शामिल होने के लिए पूरा परिवार भदोही गया हुआ था।
पहली बार में हुआ था एमबीबीएस में प्रवेश
चाचा के मुताबिक सुमित पढ़ने में काफी होनहार था। पहली बार में ही उसका प्रवेश एमबीबीएस में हुआ था। परिवारीजनों के मुताबिक सुमित खुदकुशी नहीं कर सकता है। इस बात पर कोई भी विश्वास नहीं कर रहा है। पड़ोसी मोहित के मुताबिक सुमित सीबीएससी परीक्षा प्रथमश्रेणी में पास हुआ। दूसरों की मदद करने को हमेशा तैयार रहता था। कॉलोनी में जिसने भी सुमित की मौत की खबर सुनी एक बार यकीन ही नहीं कर रहा है। वहीं एक अन्य पड़ोसी युवक ने बताया कि उसे अपने सभी विषयों पर अच्छी पकड़ थी। पढ़ाई में कॉलोनी के युवकों की मदद करता था।