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लोहिया इंस्टीट्यूट में अब MBBS की पढ़ाई
शोभित श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 23 Jul 2014 08:24 AM IST
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सरकार ने डॉ. राम मनोहर लोहिया संयुक्त चिकित्सालय को डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में विलय को हरी झंडी दे दी है।
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कैबिनेट ने मंगलवार को इस प्रस्ताव को पास कर दिया। इस संस्थान को एम्स की तर्ज पर विकसित किया जाएगा।
इससे प्रदेश के मेधावी छात्रों को एक ही संस्थान में एमबीबीएस के साथ ही पीजी व सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रमों के साथ ही डिप्लोमा व अन्य विशिष्ट पाठ्यक्रम भी उपलब्ध होंगे।
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उम्मीद है कि अगले वर्ष से यहां पर एमबीबीएस की 150 सीटों पर प्रवेश भी शुरू हो जाए।
प्रस्तावित संस्थान राज्य अधिनियम के अनुसार चलेगा। इसी अधिनियम के तहत संस्थान चिकित्सा संबंधी उपाधियां प्रदान कर सकेगा।
संस्थान का प्रमुख उद्देश्य समस्त विभागों में पीजी पाठ्यक्रम के साथ ही150 एमबीबीएस सीट के पाठ्यक्रम को संचालित करना है।
प्रस्तावित संस्थान में अतिरिक्त भूमि की व्यवस्था, आवश्यक निर्माण, विभिन्न कार्मिक संवर्गों में पारस्परिक विलय की प्रक्रिया संबंधी विषयों पर निर्णय लेने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी।
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नहीं महंगा होगा इलाज
मुख्य सचिव आलोक रंजन ने कहा कि लोहिया संयुक्त चिकित्सालय का लोहिया संस्थान में विलय होने के बावजूद सस्ता इलाज बंद नहीं होगा।
सरकार ऐसी व्यवस्था कर रही है कि यहां का इलाज महंगा न हो। दरअसल, संयुक्त चिकित्सालय में अभी काफी सस्ते में इलाज होता है।
ऐसे में यह आशंका जताई जा रही थी कि विलय होने से इलाज महंगा हो जाएगा। क्योंकि लोहिया इंस्टीट्यूट के अस्पताल में अब भी काफी महंगा इलाज होता है।