कांग्रेस की मेयर कैंडीडेट प्रेमा का भाजपा पर निशाना, बोलीं- 22 साल में पानी तक न दे सकी
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नगर निगम चुनाव में कांग्रेस पार्टी से महापौर पद की प्रत्याशी प्रेमा अवस्थी ने सोमवार को कहा कि लखनऊ में 22 सालों से बीजेपी के मेयर हैं लेकिन पेयजल समस्या दूर नहीं हो सकी। प्रदूषण का स्तर बढ़ने से शहरवासी बीमार हो रहे हैं। अतिक्रमण हटवाने को अधिकारी संजीदा नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जनता की मूलभूत समस्याओं को दूर करना ही हमारी प्राथमिकता है।
गोमतीनगर स्थित अपने आवास पर उन्होंने पत्रकारों से कहा, कांग्रेस ने अपने शासनकाल में लखनऊ की पेयजल समस्या दूर करने को पांच वाटर वर्क्स बनाने की घोषणा की थी लेकिन उसके बाद की सरकारों में महापौर ने पेयजल समस्या को नजरअंदाज किया जिससे एक वाटर वर्क्स ही बन पाया।
प्रेमा ने कहा कि अब शहर की आबादी के लिहाज से आठ वाटर वर्क्स की जरूरत है। उन्होंने कहा, शहर का भूमिगत जलस्तर काफी नीचे पहुंच गया है। कहा, 22 सालों में विकास के नाम पर कुछ नहीं हुआ है। शहर की सड़कें दुरुस्त नहीं हैं, सीवर का पानी रोड पर बहता मिल रहा है।
अधिकांश जगहों पर स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हुई हैं। कहा कि मलिन बस्ती हो या मोहल्लों की सड़कें, नालियों की सफाई व्यवस्था बेहद दयनीय है। स्वच्छ शहरों की सूची में लखनऊ काफी पीछे छूट गया है। लखनऊ की आबोहवा जहरीली बन चुकी है।
परिवहन व्यवस्था मजबूत करना हमारी प्राथमिकता
उन्होंने कहा कि शहर को प्रदूषण मुक्त करने को सार्वजनिक परिवहन की व्यवस्था को मजबूत करना हमारी प्राथमिकता में शामिल है। जब लोग सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल ज्यादा करेंगे तो शहर को प्रदूषण से निजात मिलेगी। कांग्रेस प्रत्याशी ने कहा कि पुलिस की मिलीभगत से अतिक्रमण और जाम की समस्या बनी रहती है।
फेरी नीति का शत-प्रतिशत पालन कर पटरी दुकानदारों के लिए स्थायी व्यवस्था कर इससे निजात मिल सकती है। उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता में यातायात प्रबंधन और शहर को अतिक्रमण मुक्त करना है। नगर निगम की करोड़ों की अचल संपत्तियों पर कब्जे हो चुके है। इन पर योजनाबद्ध विकास कर निगम को आर्थिक तंगी से उबारा जा सकता है।
पार्टी में नहीं है कोई नाराजगी
मेयर प्रत्याशी और कई वार्डों में टिकट बंटवारे को लेकर फैली नाराजगी के सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी पदाधिकारी अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। जो लोग नाराज थे वो भी हमारे साथ है। मेयर प्रत्याशी के बदलने के सवाल पर वहां मौजूद अनुसुइया शर्मा ने कहा कि मै बागी नहीं हूं बल्कि मैंने खुद नामांकन वापस लिया था। पार्टी पदाधिकारियों ने नगर निगम चुनाव में कम से कम 42 सीटें जीतने का दावा किया।