बदायूं रेप कांड: मायावती खुद जाएंगी परिजनों से मिलने
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बदायूं में दो नाबालिग बहनों के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद नृशंस हत्या के मामले में बसपा ने भी सपा सरकार की घेराबंदी तेज कर दी है।
दो दिन में दो प्रतिनिधिमंडल भेजने के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने रविवार को स्वयं बदायूं जाकर पीड़ित परिजनों से मिलने का फैसला किया है।
गौरतलब है कि मायावती के निर्देश पर एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव व विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में बदायूं गया था।
रिपोर्ट में मिली शिकायतें
मौर्य ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि इस घटना से पूरे क्षेत्र के लोग दहशत में हैं और पूरे प्रदेश में गम व गुस्से का माहौल है। गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
जब पीड़ित परिवार के लोग स्थानीय पुलिस के पास गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाने गए तो उसका व्यवहार अमानवीय व अपराधियों को संरक्षण देने वाला था।
मौर्य की रिपोर्ट के बाद मायावती ने शनिवार को राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी के नेतृत्व में दूसरा दल बदायूं भेज दिया।
इसके अलावा वहां के जिला प्रशासन व सपा सरकार के रवैये पर नाराजगी जताते हुए मायावती ने एक जून को स्वयं पीड़ित परिजनों से मिलने का फैसला किया है।
अखिलेश ने भी दिया सीबीआई जांच का हुक्म
यूपी के सीएम अखिलेश यादव ने तमाम फजीहत झेलने के बाद आरिखकार बदायूं रेप केस मामले में सीबीआई जांच कराने पर सहमति जता दी है।
उन्होंने कहा है कि अगर पीड़ित परिवार सीबीआई जांच चाहता है, तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। पीड़ित परिवार की संतुष्टि के लिए मुख्यमंत्री सीबीआई जांच के लिए तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में शीघ्र ही केन्द्र सरकार को अनुरोध पत्र भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री शनिवार को बदायूं की घटना की समीक्षा कर रहे थे, जिसमें यह बात सामने आई कि पीड़ित का परिवार मामले की जांच सीबीआई से करवाना चाहता है।
गौरतलब है कि, लडकियों के परिवारों को पुलिस और प्रशासन से इंसाफ की उम्मीद नहीं है और वो सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे।
सभी आरोपी हुए ध्ारे गए
मीडिया के दखल और प्रशासन की सख्ती के बाद रेप के सभी अभियुक्त गिरफ्तार कर लिए गए हैं।
जिले के एसएसपी अतुल सक्सेना ने बीबीसी को बताया कि इस मामले में दो और लोगों की गिरफ्तारी हुई है। इस वारदात में पुलिस को जिन पांच लोगों की तलाश थी, उन सभी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
इनमें से तीन लोगों के ऊपर सामूहिक बलात्कार और हत्या का आरोप है। वहीं दो पुलिसकर्मियों के ऊपर आरोप है कि उन्होंने तीन अभियुक्तों की मदद की और गांव के लोग उनसे मदद मांगने आए तो उनकी मदद नहीं की।