यूपी में लागू हो राष्ट्रपति शासन: मायावती
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बसपा सुप्रीमो मायावती ने अखिलेश सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा है कि यूपी में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गई है।
उन्होंने बदाऊं रेप केस पर यूपी सरकार को घेरते हुए कहा कि यूपी में अब भी जंगलराज कायम है। इसके लिए उन्होंने कहा कि यहां राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया जाना चाहिए।
मायावती ने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार की सोच संकीर्ण है। उन्होंने कहा कि बदाऊं में बलात्कार का मामला दुखद है और यूपी में हत्या और बलात्कार चरम पर है।
बदाऊं रेप कांड की सीबीआई जांच की मांग
मायावती ने राज्यपाल से भी गुजारिश की कि महामहिम को भी बदाऊं रेप केस में सीबीआई जांच करवाने के लिए पहल करनी चाहिए।
मायावती ने सपा सरकार को लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव बाद प्रदेश में अपराध बेतहाशा बढ़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि आपराधिक मामलों को लेकर सपा सरकार जरा भी गंभीर नहीं है।
उन्होंने इस मामले की सख्त जांच की भी अपील की। गौरतलब है कि मायावती हमेशा ही अपराध को लेकर सपा सरकार पर हमलावर रही हैं।
स्मृति पर माया ने भी उठाए सवाल
मायावती भले ही खुद बहुत ज्यादा पढ़ी-लिखी न हों, पर उन्होंने भी स्मृति ईरानी की शैक्षिक योग्यता को लेकर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि हारी हुई प्रत्याशी को मानव संसाधन विकास मंत्रालय जैसा भारी जिम्मेदारी वाला मंत्रालय देकर भाजपा ने खुद को कटघरे में खड़ा कर लिया है।
हालांकि, मायावती ने सफाई दी कि उनकी ये टिप्पणी स्मृति ईरानी की शैक्षिक योग्यता पर नहीं है बल्कि उनके द्वारा शपथ पत्र में दी हुई गलत जानकारी पर है।
उन्होंने यह भी कहा कि जनता स्मृति ईरानी से जवाब चाहती है।
मोदी पर भी साधा निशाना
मायावती ने मोदी सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि आपराधिक गतिविधियों से खुद को दूर रखने का दावा करने वाली भाजपा से जनता ये जवाब चाहती है कि कैबिनेट में 30 फीसदी से ज्यादा अपराधी क्यों शामिल किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि बसपा नरेंद्र मोदी से जवाब चाहती है। मायावती ने आगे कहा कि भाजपा जम्मू-कश्मीर से संबंधित धारा-370 पर जान बूझकर विवाद खड़ा कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह पार्टी च़ुनाव से पहले जिस तरह कुछ न कुछ बयानबाजी करके विवाद खड़ा करती थी, ठीक उसी तरह चुनाव के बाद भी कर रही है और लाभ लेना चाहती है।
यूपी के बुरे दिन आने वाले हैं
ऐसे में इन दोनों में क्या अंतर है।
मायावती ने अपनी प्रेस कांफ्रेंस खत्म करने से पहले यूपी सरकार को एक बार फिर निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि पूरा प्रदेश बिजली कटौती से परेशान है, लेकिन सरकार अपने रिश्तेदारों व अपने संसदीय क्षेत्रों में बिजली देने में व्यस्त है।
मायावती ने कहा कि यह जनता से भेदभाव है और यूपी के बुरे दिन आने वाले हैं।