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Atiq-Ashraf Murder: मायावती की अपील, अतीक अशरफ हत्याकांड पर सुप्रीम कोर्ट संज्ञान ले, प्रियंका गांधी ने कहा...
Sun, 16 Apr 2023 07:44 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sun, 16 Apr 2023 07:44 PM IST
सार
बसपा सुप्रीमो मायावती ने अतीक-अशरफ हत्याकांड पर कहा कि सुप्रीम कोर्ट को इस मामले में खुद ही संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि यूपी एक एनकाउंटर प्रदेश बन गया है। ये सोचने वाली बात है।
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बसपा सुप्रीमो मायावती।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की पुलिस कस्टडी में हुई हत्या पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने ट्वीट के जरिए कहा है कि यह हत्याकांड अति गंभीर व अति चिंतनीय है। इस घटना का सुप्रीम कोर्ट अगर स्वयं ही संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करें तो बेहतर होगा।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा है कि प्रयागराज में पुलिस हिरासत में खुलेआम हुई अतीक और अशरफ की हत्या उमेश पाल जघन्य हत्याकांड की तरह ही यूपी सरकार की कानून व्यवस्था व उसकी कार्यप्रणाली पर अनेक गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े करती है। वैसे भी उत्तर प्रदेश में कानून द्वारा कानून के राज की बजाय अब इसका इनकाउंटर प्रदेश बन जाना कितना उचित है यह सोचने वाली बात है।
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अपराधियों को कड़ी सजा मिले, पर कानून के तहत : प्रियंका
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने पुलिस कस्टडी में माफिया अतीक-अशरफ मर्डर कांड का नाम लिए बिना अपनी प्रतिक्रिया दी है। प्रियंका ने ट्वीट किया कि हमारे देश का कानून संविधान में लिखा गया है, यह कानून सर्वोपरि है। अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, मगर यह देश के कानून के तहत होनी चाहिए।
किसी भी सियासी मकसद से कानून के राज और न्यायिक प्रक्रिया से खिलवाड़ करना या उसका उल्लंघन करना हमारे लोकतंत्र के लिए सही नहीं है। प्रियंका आगे लिखती हैं कि जो भी ऐसा करता है या ऐसा करने वालों को संरक्षण देता है, उसे भी जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए और उस पर भी सख्ती से कानून लागू होना चाहिए। देश में न्याय व्यवस्था और कानून के राज का इकबाल बुलंद हो, यही हम सबकी कोशिश होनी चाहिए।
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बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा है कि प्रयागराज में पुलिस हिरासत में खुलेआम हुई अतीक और अशरफ की हत्या उमेश पाल जघन्य हत्याकांड की तरह ही यूपी सरकार की कानून व्यवस्था व उसकी कार्यप्रणाली पर अनेक गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े करती है। वैसे भी उत्तर प्रदेश में कानून द्वारा कानून के राज की बजाय अब इसका इनकाउंटर प्रदेश बन जाना कितना उचित है यह सोचने वाली बात है।
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1. गुजरात जेल से अतीक अहमद व बरेली जेल से लाए गए उनके भाई अशरफ की प्रयागराज में कल रात पुलिस हिरासत में ही खुलेआम गोली मारकर हुई हत्या, उमेश पाल जघन्य हत्याकाण्ड की तरह ही, यूपी सरकार की कानून-व्यवस्था व उसकी कार्यप्रणाली पर अनेकों गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े करती है।
— Mayawati (@Mayawati) April 16, 2023
2. देश भर में चर्चित इस अति-गंभीर व अति-चिन्तनीय घटना का माननीय सुप्रीम कोर्ट अगर स्वंय ही संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करे तो बेहतर। वैसे भी उत्तर प्रदेश में ’’कानून द्वारा कानून के राज’’ के बजाय, अब इसका इण्काउण्टर प्रदेश बन जाना कितना उचित? सोचने की बात।
— Mayawati (@Mayawati) April 16, 2023
अपराधियों को कड़ी सजा मिले, पर कानून के तहत : प्रियंका
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने पुलिस कस्टडी में माफिया अतीक-अशरफ मर्डर कांड का नाम लिए बिना अपनी प्रतिक्रिया दी है। प्रियंका ने ट्वीट किया कि हमारे देश का कानून संविधान में लिखा गया है, यह कानून सर्वोपरि है। अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, मगर यह देश के कानून के तहत होनी चाहिए।
किसी भी सियासी मकसद से कानून के राज और न्यायिक प्रक्रिया से खिलवाड़ करना या उसका उल्लंघन करना हमारे लोकतंत्र के लिए सही नहीं है। प्रियंका आगे लिखती हैं कि जो भी ऐसा करता है या ऐसा करने वालों को संरक्षण देता है, उसे भी जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए और उस पर भी सख्ती से कानून लागू होना चाहिए। देश में न्याय व्यवस्था और कानून के राज का इकबाल बुलंद हो, यही हम सबकी कोशिश होनी चाहिए।