'हर गरीब के खातें में 15 लाख जमा कराएं मोदी'
बसपा अध्यक्ष मायावती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर देश को गुमराह करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि केवल लोक-लुभावन बातें व दिन में सपने दिखाने से काम नहीं चलने वाला है।
मायावती ने यहां जारी बयान में कहा कि मोदी सरकार के छह महीने पूरे होने वाले हैं। मोदी अब नया शिगूफा छोड़ रहे हैं कि बात नहीं, काम करके दिखाऊंगा। जबकि हकीकत यह है कि अभी तक उनके क्षेत्र वाराणसी में भी कुछ ठोस होता नजर नहीं आ रहा है।
जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के पुनरुद्धार के लिए पीएम ने जिस 2375 करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान किया है, उसमें दो-तिहाई रकम राज्य सरकारों को देनी है। ऐसे में उन्हें झूठी वाहवाही नहीं लूटनी चाहिए।
मायावती ने कहा कि मोदी को अपना वादा निभाते हुए काला धन वापस लाकर हर देशवासी के खाते में 15-15 लाख रुपये जमा करवाना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पीएम गरीबों को 15-15 लाख रुपये दे देंगे तो लोग बेटी के जन्म पर उनके उपदेशानुसार ‘उत्सव’ जरूर मनाएंगे।
विधायकों के लिए खींची लक्ष्मण रेखा
बसपा सुप्रीमो मायावती ने पार्टी विधायकों के लिए विधानमंडल सत्र के दौरान सदन के भीतर अनुशासन की लक्ष्मण रेखा खींच दी है। उन्होंने विधायकों से कहा है कि वे 14 नवंबर से शुरू हो रहे सत्र में जनहित के मुद्दों को पूरी तैयारी व अनुशासित तरीके से उठाएं। वे सदन के ‘वेल’ में न जाएं, लेकिन सपा सरकार के राजनीतिक विद्वेषपूर्ण व जनविरोधी कार्यों का डटकर विरोध करें।
मायावती राज्यसभा प्रत्याशियों के नामांकन की तैयारी के लिए शनिवार को आयोजित बसपा विधायकों की बैठक को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने विधायकों को जनता की समस्याएं सरकार तक पहुंचाने के लिए सदन में भी जी-जान से काम करने का निर्देश दिया।
साथ ही स्पष्ट किया कि बसपा सर्वसमाज की एक अनुशासित पार्टी है। उसका यह चेहरा विधानमंडल व संसद के भीतर व बाहर भी जनता को लगातार नजर आते रहना चाहिए।