'धर्मयुद्ध' बयान पर मायावती का पलटवार, साध्वी प्रज्ञा की उम्मीदवारी रद्द क्यों नहीं करता चुनाव आयोग
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बसपा सुप्रीमो मायावती ने भोपाल सीट पर भाजपा प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा के बयान पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग से उनका नामांकन रद्द करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि भोपाल से भाजपा प्रत्याशी व मालेगांव ब्लास्ट आरोपी साध्वी प्रज्ञा का दावा है कि वह 'धर्मयुद्ध’ लड़ रही हैं। यही भाजपा व आरएसएस का असली चेहरा है। उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि चुनाव आयोग सिर्फ नोटिस ही क्यों जारी कर रहा है, वह नामांकन रद्द क्यों नहीं कर रहा है।
वहीं, उन्होंने चुनाव आयोग के निष्पक्ष तरह से काम न करने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि अगर आयोग जनसंतोष के मुताबिक निष्पक्षता से काम नहीं कर रहा है तो यह देश के लोकतंत्र के लिए बड़ी चिंता की बात है।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की इस गिरावट के लिए असली जिम्मेदार कोई और नहीं बल्कि भाजपा व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं, जो कि घोर चुनावी आरोपों से घिरे हुए हैं।
भोपाल से बीजेपी प्रत्याशी व मालेगांव ब्लास्ट आरोपी साध्वी प्रज्ञा का दावा है कि वे ’धर्मयुद्ध’ लड़ रही हैं। यही है बीजेपी/आरएसएस का असली चेहरा जो लगातार बेनकाब हो रहा है। लेकिन आयोग केवल नोटिसें ही क्यों जारी कर रहा है व बीजेपी रत्न प्रज्ञा का नामांकन क्यों नहीं रद्द कर रहा है?
— Mayawati (@Mayawati) April 22, 2019
मीडिया की जबर्दस्त आलोचनाओं के बावजूद चुनाव आयोग अगर जनसंतोष के मुताबिक निष्पक्षता से काम नहीं कर रहा है तो यह देश के लोकतंत्र के लिए बड़ी चिन्ता की बात है व इस गिरावट के लिए असली जिम्मेदार कोई और नहीं बल्कि बीजेपी व पीएम श्री मोदी हैं जो गंभीर चुनावी आरोपों से घिरे हैं।
— Mayawati (@Mayawati) April 22, 2019