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मायावती ने भरी हुंकार: कहा- डबल मेहनत करके लौटेंगे सत्ता में, नहीं चलेगा 'वोट हमारा राज तुम्हारा' वाला पैटर्न
Sun, 10 Dec 2023 07:40 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Sun, 10 Dec 2023 07:40 PM IST
सार
मायावती ने कहा कि चुनाव का माहौल बहुकोणीय संघर्ष होने के बावजूद परिणाम एकतरफा होना चर्चा का विषय है। लोगों को सावधान करना जरूरी है कि लुभावने वादों, छद्म दावों व चतुर नारों से उनका जीवन सुधरने वाला नहीं है।
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बसपा सुप्रीमो मायावती।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि विरोधी पार्टियों द्वारा जनहित, देशहित की नीति व सिद्धांत के बजाए धनबल, लुभावने वादों व छलावे वाले दावों की राजनीति की जा रही है। इस फाउल प्ले का सामना करने के लिए ’डबल मेहनत’ से संगठन मजबूत करना है, ताकि ’वोट हमारा, राज तुम्हारा’ की शोषणकारी व्यवस्था से सर्वसमाज को मुक्ति मिल सके।
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रविवार को पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित ऑल इंडिया बैठक में मौजूद पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए बसपा सुप्रीमो ने कहा कि विरोधी पार्टियां हजारों करोड़ रुपये के चंदे के बल पर शाही चुनाव लड़कर जनमत प्रभावित करती हैं। वहीं बसपा केवल अपने लोगों के खून-पसीने की कमाई पर ही आश्रित है। उन्हीं के तन, मन, धन के बल पर चुनाव लड़ती है। लोगों को बताना जरूरी है कि चुनावी स्वार्थ से अलग हटकर उनका असली हितैषी कौन है? चार राज्यों के हालिया विधानसभा चुनाव में विरोधी पार्टियों ने चुनाव आचार संहिता की धज्जियां उड़ा दी।
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चुनाव का माहौल बहुकोणीय संघर्ष होने के बावजूद परिणाम एकतरफा होना चर्चा का विषय है। लोगों को सावधान करना जरूरी है कि लुभावने वादों, छद्म दावों व चतुर नारों से उनका जीवन सुधरने वाला नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि क्या चुनावी चर्चा व मीडिया की हेडलाइन में बिना रोक-टोक बने रहने का विरोधी पार्टियों का प्रयास देश में स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए उचित है? उसी का नतीजा है कि सरकार विरोधी लहर के बावजूद चुनाव परिणाम लोगों के अपेक्षा के मुताबिक नहीं होते हैं। आगे लोकसभा चुनाव में भी माहौल को जातिवादी और सांप्रदायिक बनाने का प्रयास किया जायेगा ताकि महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी व पिछड़ेपन आदि से लोगों का ध्यान बांटा जा सके।
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सस्ती लोकप्रियता वाले काम नहीं किए
मायावती ने कहा कि बसपा सरकार में बेरोजगारी भत्ता अथवा पांच किलो सरकारी अनाज आदि देने जैसे सस्ती लोकप्रियता वाले कार्य नहीं किये गये, बल्कि लोगों को इज्जत से जीने के लिए लाखों की संख्या में सरकारी व गैर सरकारी स्थायी रोजगार मुहैया कराने का रिकार्ड कायम किया गया। स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर पलायन भी रोका गया, जिसमें यूपी की अब तक की सरकारें विफल रही हैं।
महापुरुषों को याद कर पार्टी मूवमेंट को बढ़ाना है
उन्होंने अपने जन्मदिन पर होने वाले आयोजनों के बारे में निर्देश दिए कि बहुजन समाज के संतों, गुरुओं व महापुरुषों आदि के जीवन संघर्षों से प्रेरणा लेकर मैंने सब कुछ त्यागकर, आत्म-सम्मान व स्वाभिमान के मानवतावादी बहुजन मूवमेंट को अपना जीवन समर्पित किया है। यूपी में चार बार अपनी सरकार बनने पर जनकल्याण के जो अनेकों महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कार्य किये हैं। लोग उनको स्मरण करके और प्रेरणा लेकर पार्टी व मूवमेंट को आगे बढ़ाने का काम करे तो बेहतर होगा।