मायावती फिर बनीं बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष, उपचुनाव के लिए प्रत्याशियों का किया एलान
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बसपा सुप्रीमो मायावती को बुधवार को एक बार फिर पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया। देश, प्रदेश के चयनित प्रतिनिधियों की विशेष बैठक में उनका निर्वाचन सर्वसम्मति से हुआ।
बसपा की केंद्रीय कार्यकारिणी समिति व राज्य इकाइयों के पदाधिारियों के साथ ही देश भर से चयनित पार्टी प्रतिनिधियों की विशेष बैठक का मुख्य एजेंडा राष्ट्रीय अध्यक्ष पद का चुनाव करना था। इससे संबंधित सभी औपचारिकताओं को राष्ट्रीय महासचिव सतीश चन्द्र मिश्रा ने पूरा किया। तालियों की गड़गड़ाहट व नारेबाजी के बीच मायावती को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा की गई।
पार्टी अध्यक्ष चुने जाने के बाद बसपा सुप्रीमो ने एक बाद फिर जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 समाप्त किए जाने का समर्थन किया। कहा कि यदि कांग्रेस अपने लंबे शासन काल में अनुच्छेद 370 को पहले ही समाप्त कर देती तो जम्मू-कश्मीर के हालात बेहतर होते और भाजपा को इसकी आड़ में राजनीति करने का मौका नहीं मिलता।
उन्होंने कहा कि पार्टी व मूवमेंट के हित में न तो वे कभी रुकने वाली हैं और न ही झुकने वाली हैं, टूटना तो बहुत दूर की बात है। उन्होंने हरियाणा, महाराष्ट्र, झारखंड व दिल्ली विधानसभा चुनाव मजबूती से लड़ने का एलान किया।
उन्होंने कार्यकर्ताओं व समर्थकों को भरोसा दिलाया कि देश में, खासतौर पर दलित, आदिवासी व अन्य पिछड़े वर्गों में समय-समय पर जन्मे महान संतो, गुरुओं व महापुरुषों, महात्मा ज्योतिबा फूले, छत्रपति शाहूजी महाराज, श्री नारायणा गुरु, बाबा साहेब डा. भीमराव अंबेडकर व कांशीराम के मानवतावादी मिशन को बसपा के मूवमेंट के माध्यम से आगे बढ़ाया जाएगा। इसके लिए न तो कभी रुकेंगी न ही झुकेंगी, टूटने को सवाल ही नहीं।
कांग्रेस और नेहरू हैं कश्मीर समस्या की मूल जड़
मायावती ने कांग्रेस और पं. जवाहर लाल नेहरू को कश्मीर समस्या की मूल जड़ जताया। उन्होंने कहा कि डॉ. आंबेडकर हमेशा ही देश की समानता, एकता व अखंडता के पक्षधर रहे। वे जम्मू-कश्मीर में अलग से अनुच्छेद 370 का प्रावधान करने के पक्ष में नहीं थे।
इसी वजह से बसपा ने संसद में इस अनुच्छेद को हटाए जाने का समर्थन किया है। संविधान लागू होने के 70 वर्षों के बाद अनुच्छेद 370 हटाने पर जम्मू-कश्मीर में हालात सामान्य होने में समय अवश्य लगेगा। इसलिए थोड़ा इंतजार किया जाए तो बेहतर होगा।
उन्होंने कहा कि हाल ही में बिना अनुमति के कांग्रेस व अन्य पार्टियों के नेताओं का कश्मीर जाना क्या केंद्र व वहां के राज्यपाल को राजनीति करने का मौका देने जैसा कदम नहीं है? अगर इनके जाने पर कश्मीर में थोड़े भी हालात बिगड़ जाते तो क्या केंद्र सरकार इसका दोष इन पार्टियों पर नहीं थोप देती?
उप चुनावों के लिए प्रत्याशियों का नामों की घोषणा
बैठक के दौरान विधानसभा उपचुनाव के प्रत्याशियों के नामों पर मुहर लग गई। बसपा ने सभी 13 सीटों पर विधानसभा उप चुनाव लड़ेगी, जिसमें से 12 प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए गए। केवल जलालपुर विधानसभा से प्रत्याशी घोषित नहीं किया गया।
घोषित हुए प्रत्याशियों में घोसी से कय्यूम अंसारी, मानिकपुर से राजनारायण निराला, हमीरपुर से नौशाद अली, जैदपुर से अखिलेश अंबेडकर, बलहा से रमेश गौतम व टूंडला से सुनील कुमार चित्तौड़ शामिल हैं।
देखें प्रत्याशियों की पूरी लिस्ट