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हाथी के खड़े होने और बैठने की बात एक ‘बबुआ’ ही कर सकता है: मायावती
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 07 Dec 2016 11:11 PM IST
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मायावती
- फोटो : amar ujala
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बाबा साहब के परिनिर्वाण दिवस पर मंगलवार को बसपा सुप्रीमो मायावती करीब 11 बजे पहुंचीं। उनके पहुंचते ही समर्थकों ने ‘बाबा साहब जिंदाबाद’ और बहन जी आप संघर्ष करो के नारे लगाने शुरू किए। मायावती ने संबोधन की शुरुआत में लोगों को भारी संख्या में जुटने पर धन्यवाद दिया। बाबा साहब को श्रद्धांजलि देने के बाद मायावती सीधे सपा सरकार पर हमलावर हो गईं।
मायावती ने कहा, केवल लखनऊ मंडल से लाखों संख्या में पहुंचे लोगों का आभार प्रकट करती हूं। हालांकि आप लोगों को मालूम है कि पिछले साल या पहले जब भी छह दिसंबर को प्रोग्राम होता था तो तब पूरे प्रदेश भर के लोग शामिल होते थे।
लेकिन प्रदेश में सपा के षडयंत्र के तहत 9 अक्टूबर को कांशीराम की पुण्यतिथि पर जो अप्रिय घटना घटी है उसको ध्यान में रखते हुए पार्टी ने इस बार पूरे प्रदेश से लोगों को लखनऊ बुलाने के बजाय हर विधानसभा क्षेत्र में श्रद्धांजलि दी जाएगी।
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मायावती ने अपने और सभी अनुयाइयों की तरफ से बाबा साहब को श्रद्धासुमन अर्पित किए इसके बाद सपा सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि जानबूझकर नासमझ बने सपा मुखिया मुलायम सिंह और उनके बबुआ ने सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक क्षेत्र में जो जगह बनाई है वो पूरी कि पूरी देन बाबा साहब की है वर्ना ये सभी लोग आज किसी न किसी की गुलामी कर रहे होते। ये अहसानफरोश हैं जो हमारी सरकार में लगाई गईं संतों और महापुरुषों की मूर्तियों के बारे में आए दिन शैतानी भरे लहजे में काफी बेहूदी भाषा का इस्तेमाल करते रहते हैं।
मुख्यमंत्री का नाम न लेते हुए मायावती ने कहा, सपा सरकार का वर्तमान मुखिया बेहूदी बात करता रहता है। प्रदेश में लखनऊ का बड़ा जिक्र करता है कि यहां लगे पत्थर फिजूलखर्ची है। वह अक्सर कहता है कि जो हाथी जहां खड़े किए गए थे वहीं खड़े हैं। ये बबुआ आगे चलेगा पूरे देश में लगी महापुरुषों की मूर्तियों के बारे में बेकार की बातें कर सकता है।
मायावती ने कहा कि वर्तमान में केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा कई सौ करोड़ रुपयों की लागत से बन रही सरदार वल्लभ भाई पटेल की मूर्ति के बारे में भी ऐसा कह सकता है। जबकि सरकार के मुखिया को ऐसी अर्थहीन बातें करने से पहले खुद गिरेबान में झांककर देख लेना चाहिए कि लोहिया स्थल जिसका द्वेष की भावना से नाम बदलकर जनेश्वर मिश्र कर दिया, क्या वहां की मूर्तियां खड़ी नहीं रहती हैं या फिर बीच-बीच में अपना स्थान बदलती रहती हैं।
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मायावती ने कहा, केवल लखनऊ मंडल से लाखों संख्या में पहुंचे लोगों का आभार प्रकट करती हूं। हालांकि आप लोगों को मालूम है कि पिछले साल या पहले जब भी छह दिसंबर को प्रोग्राम होता था तो तब पूरे प्रदेश भर के लोग शामिल होते थे।
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लेकिन प्रदेश में सपा के षडयंत्र के तहत 9 अक्टूबर को कांशीराम की पुण्यतिथि पर जो अप्रिय घटना घटी है उसको ध्यान में रखते हुए पार्टी ने इस बार पूरे प्रदेश से लोगों को लखनऊ बुलाने के बजाय हर विधानसभा क्षेत्र में श्रद्धांजलि दी जाएगी।
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मायावती ने अपने और सभी अनुयाइयों की तरफ से बाबा साहब को श्रद्धासुमन अर्पित किए इसके बाद सपा सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि जानबूझकर नासमझ बने सपा मुखिया मुलायम सिंह और उनके बबुआ ने सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक क्षेत्र में जो जगह बनाई है वो पूरी कि पूरी देन बाबा साहब की है वर्ना ये सभी लोग आज किसी न किसी की गुलामी कर रहे होते। ये अहसानफरोश हैं जो हमारी सरकार में लगाई गईं संतों और महापुरुषों की मूर्तियों के बारे में आए दिन शैतानी भरे लहजे में काफी बेहूदी भाषा का इस्तेमाल करते रहते हैं।
मुख्यमंत्री का नाम न लेते हुए मायावती ने कहा, सपा सरकार का वर्तमान मुखिया बेहूदी बात करता रहता है। प्रदेश में लखनऊ का बड़ा जिक्र करता है कि यहां लगे पत्थर फिजूलखर्ची है। वह अक्सर कहता है कि जो हाथी जहां खड़े किए गए थे वहीं खड़े हैं। ये बबुआ आगे चलेगा पूरे देश में लगी महापुरुषों की मूर्तियों के बारे में बेकार की बातें कर सकता है।
मायावती ने कहा कि वर्तमान में केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा कई सौ करोड़ रुपयों की लागत से बन रही सरदार वल्लभ भाई पटेल की मूर्ति के बारे में भी ऐसा कह सकता है। जबकि सरकार के मुखिया को ऐसी अर्थहीन बातें करने से पहले खुद गिरेबान में झांककर देख लेना चाहिए कि लोहिया स्थल जिसका द्वेष की भावना से नाम बदलकर जनेश्वर मिश्र कर दिया, क्या वहां की मूर्तियां खड़ी नहीं रहती हैं या फिर बीच-बीच में अपना स्थान बदलती रहती हैं।
नोटबंदी में हाथी का हो रहा मुफ्त प्रचार
मायावती
- फोटो : amar ujala
इतना ही नहीं ये सपा सरकार का मुखिया 6 दिसंबर की बाबा साहब की पुण्यतिथि की छुट्टी कभी रद्द कर देते हैं कभी बहाल कर देता है जिससे ये बात स्पष्ट हो जाती है कि सपा सरकार का मुख्यमंत्री वास्तव में बबुआ है। इसके साथ ही सपा सरकार का मुख्यमंत्री हर भाषण में हाथियों का गुणगान करना नहीं भूलता। हो सकता है कि ये हाथी इन्हें सपने में भी परेशान करते होंगे लेकिन अच्छी बात ये है कि अब इससे रोजाना हमारी पार्टी के चुनाव चिह्न हाथी का फ्री में खूब प्रचार हो रहा है।
वैसे भी यूपी में विस का चुनाव आने की वजह से हाथी के प्रचार की जरूरत थी जो फ्री में पूरी हो रही है। इस मामले में सपा के मुख्यमंत्री का बार-बार हाथ का खड़ा या बैठा कहने का काम परिपक्व व्यक्ति नहीं एक बबुआ ही कर सकता है। नोटबंदी में हमारे लिए फायदेमंद है।
इन स्थलों को सपा सरकार फिजूलखर्ची बताती है लेकिन वास्तव में इन स्मारकों को देखने के लिए लोग टिकट खरीद कर देखने आते हैं। इन स्थलों पर लगा पैसा धीरे-धीरे वापस आ जाए इसलिए हमारी पार्टी की सरकार ने टिकट की व्यवस्था की थी। इससे यूपी सरकार को काफी आय होती है।
जबकि सपा सरकार मनोरंजन के लिए अपने गृह जनपद में सैफई महोत्सव करके पैसा बर्बाद कर रही है। इससे कोई आय नहीं होती है।
वैसे भी यूपी में विस का चुनाव आने की वजह से हाथी के प्रचार की जरूरत थी जो फ्री में पूरी हो रही है। इस मामले में सपा के मुख्यमंत्री का बार-बार हाथ का खड़ा या बैठा कहने का काम परिपक्व व्यक्ति नहीं एक बबुआ ही कर सकता है। नोटबंदी में हमारे लिए फायदेमंद है।
इन स्थलों को सपा सरकार फिजूलखर्ची बताती है लेकिन वास्तव में इन स्मारकों को देखने के लिए लोग टिकट खरीद कर देखने आते हैं। इन स्थलों पर लगा पैसा धीरे-धीरे वापस आ जाए इसलिए हमारी पार्टी की सरकार ने टिकट की व्यवस्था की थी। इससे यूपी सरकार को काफी आय होती है।
जबकि सपा सरकार मनोरंजन के लिए अपने गृह जनपद में सैफई महोत्सव करके पैसा बर्बाद कर रही है। इससे कोई आय नहीं होती है।
कांग्रेस और भाजपा पर भी साधा निशाना
विरोधियों पर जमकर बरसीं मायावती
- फोटो : amar ujala
बसपा सुप्रीमो ने कहा, बाबा साहब ने लोगों को गुलामी से मुक्त करवाने के लिए संघर्ष किया। संघर्ष के बाद बाबा साहब ने खुद को काबिल बनाया था। उन्होंने भाजपा पर भी निशाना साधा और कहा कि बीजेपी और आरएसएस से सावधान रहने की जरूरत है। भाजपा और आरएसएस को बाबा साहब का संविधान पसंद नहीं। मायावती ने कहा कि कांग्रेस और बीजेपी ने दलित समाज को बांटने का काम किया। विरोधी पार्टियां दलित और पिछड़ों में फर्क पैदा करती हैं।
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार को संविधान के तहत सभी को बराबर हक देने चाहिए। मायावती ने कहा कि पदोन्नति में आरक्षण बसपा सरकार की देने है। कांग्रेस सरकार ने एससी-एसटी को पूरी तरह आरक्षण नहीं दिया। कांग्रेस ने बाबा साहब को भारत-रत्न से नहीं नवाजा।
माया ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उच्च जाति के हैं। पीएम के जातिवादी षडयंत्र में लोग न आएं। वोटों की खातिर प्रधानमंत्री ने चोला बदला।
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार को संविधान के तहत सभी को बराबर हक देने चाहिए। मायावती ने कहा कि पदोन्नति में आरक्षण बसपा सरकार की देने है। कांग्रेस सरकार ने एससी-एसटी को पूरी तरह आरक्षण नहीं दिया। कांग्रेस ने बाबा साहब को भारत-रत्न से नहीं नवाजा।
माया ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उच्च जाति के हैं। पीएम के जातिवादी षडयंत्र में लोग न आएं। वोटों की खातिर प्रधानमंत्री ने चोला बदला।