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रिकॉर्ड बनाएंगी माया, रैली के लिए 18 ट्रेन बुक
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 31 Dec 2013 10:45 AM IST
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बसपा सुप्रीमो मायावती 15 जनवरी की सावधान रैली से लोकसभा चुनाव के प्रचार अभियान का धमाकेदार आगाज करने की तैयारी कर रही हैं।
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मायावती ने सोमवार को रैली को कामयाब बनाने की रणनीति पर पार्टी पदाधिकारियों व को-ऑर्डिनेटरों के साथ पार्टी कार्यालय में लंबा विचार-विमर्श किया।
तय हुआ कि हर विधानसभा क्षेत्र से 5 हजार और हर लोकसभा क्षेत्र से 25 हजार कार्यकर्ता लाए जाएंगे।
बस व छोटे वाहनों की जरूरत के हिसाब से व्यवस्था करने के साथ ही करीब डेढ़ दर्जन रेलगाड़ियां भी बुक कराई जाएंगी। रैली में शामिल होने के लिए लोग 13 जनवरी से ही आने लगेंगे।
मायावती ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र, नसीमुद्दीन सिद्दीकी, स्वामी प्रसाद मौर्य व प्रदेश अध्यक्ष रामअचल राजभर के साथ प्रदेश भर के जोनल कोआर्डिनेटरों की बैठक की।
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इसमें सावधान रैली को लेकर अब तक की गई तैयारी की समीक्षा की गई। मायावती ने इस मौके पर कहा कि लोकसभा चुनाव की अधिसूचना फरवरी में कभी भी जारी हो सकती है।
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ऐसे में इस रैली को ऐतिहासिक बनाना होगा। उन्होंने हर सूरत में लक्ष्य के अनुसार भीड़ लाने को कहा। यहां पश्चिम से 10, बुंदेलखंड से चार और गोरखपुर से चार ट्रेनें लाने की जानकारी दी गई।
रैली में पूरे देश से लोग आएंगे लेकिन बाहरी प्रदेशों से लोग 13 जनवरी से लखनऊ पहुंचने लगेंगे। यूपी के हर लोकसभा क्षेत्र से 2000-2000 लोग 13 जनवरी को सड़क मार्ग से लखनऊ के लिए रवाना होंगे।
स्पेशल ट्रेनें भी 13-14 जनवरी को ही चल देंगी जिससे लोग 14 जनवरी तक ही लखनऊ पहुंच जाएं। रैली स्थल के रैनबसेरे व आसपास के स्थानों पर आने वालों के रुकने की व्यवस्था की जाएगी।
वरिष्ठ पदाधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। मायावती ने निर्देशित किया कि जिन लोकसभा क्षेत्रों के प्रभारी तय नहीं हैं वहां के विधानसभा प्रभारी और विधायकों की लक्ष्य के अनुसार लोगों को लाने की जिम्मेदारी होगी।
लखनऊ व उसके आसपास के जिलों के नेताओं को 10-10 हजार लोगों को लाने का लक्ष्य दिया गया है। बैठक में जोनल कोआर्डिनेटर मुनकाद अली, जुगुल किशोर, डॉ. विजय प्रताप, डॉ. आरके कुरील, सुनील चित्तौड़, डॉ. विजय प्रताप, अतर सिंह राव आदि उपस्थित रहे।
खिचड़ी व बारावफात को लेकर नेतृत्व चौकन्ना
रैली के ठीक एक दिन पड़ रही खिचड़ी और बारावफात को लेकर भी बसपा नेतृत्व चौकन्ना नजर आया। इस दिन प्रयाग में स्नान का बड़ा पर्व होता है।
पार्टी नेताओं ने कोऑर्डिनेटरों को सतर्क किया कि लोगों की आस्था से जुड़े इस पर्व का रैली पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए।
इसके लिए लोगों को समझाएं कि राजपाट और अधिकार के लिए इस त्यौहार पर नाते-रिश्तेदारों के यहां जाने की जगह महारैली में आएं।
यह भी समझाया गया कि इतनी बड़ी भीड़ व ठंडक में बूढ़े व बच्चों को लाने से बचा जाए ताकि रैली के प्रबंधन में मुश्किल न आए।
पैमाने पर खरे तभी सुरक्षित रहेंगे प्रत्याशी
लोकसभा प्रभारियों को अपने टिकट से निश्चिंत होने के लिए रैली में भीड़ के तय पैमाने पर खरा उतरना होगा। मायावती ने वैसे तो यह आश्वस्त किया कि दो-एक स्थानों को छोड़कर अब किसी का भी टिकट नहीं बदला जाएगा।
मगर रैली में आने वाली भीड़ की जिस तरह से निगरानी होगी उससे साफ है कि आगे टिकटों की समीक्षा में यह मुख्य पैमाना होगा।
रैली में आने वाले लोगों के नाम व पते के साथ सूची तैयार होगी। साथ ही आने वालों की वीडियोग्राफी भी होगी। लखनऊ में पहुंचने के पहले चेकपोस्ट पर वामसेफ के कार्यकर्ता इसका मिलान करेंगे।